चाय वह चीज़ है; जो जीवन के हर दैनिक मोड़ को, सिविल सर्विस परीक्षा में असफल हुए हर क्लर्क को,आधी छुट्टी में हर अध्यापक को आशीर्वाद देती है। वह सुंदर है, शिव है, सत्य है।
मन कोई सड़क नहीं है, बल्कि मंदिर है और इसके दरवाज़े लापरवाही से खुले नहीं छोड़ने चाहिए।
अगर मैं वास्तव में उतनी ही प्रतिभाशाली होती; जितनी मैं ख़ुद को समझती थी, तो बहुत पहले जान जाती कि जीवन का अर्थ अंततः मनुष्यों से ही बनता है।
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व्याकरण सीखना, तानाशाही में रहने का अभ्यास करने जैसा है।
कल्पना ही यथार्थ को जन्म : देती है।
जो देश अपने नागरिकों के अधिकारों का सम्मान नहीं करता, वह अपने पड़ोसियों के अधिकारों का भी सम्मान नहीं करेगा।
यदि कल वे तुमसे कहें कि तुम्हें तोप के गोले भरने हैं और स्नाइपर-राइफ़लों के लिए दूरबीनें तैयार करनी हैं, तो बस एक ही काम करना : इंकार कर देना।
जैसे-जैसे हमारा ज्ञान बढ़ता है, हम अपने पिताओं को मूर्ख समझने लगते हैं। निस्संदेह हमारे अधिक बुद्धिमान पुत्र हमें भी ऐसा ही समझेंगे।
हिंदी में लोकप्रिय होना अपराध है। मैं पुराना अपराधी हूँ।
ऐसा कोई दु:ख नहीं, जिससे पहले प्रेम न आता हो।
जब तुम हर उस बात को हटा देते हो जो असंभव है, तब जो कुछ बचता है, चाहे वह कितना ही अजीब क्यों न लगे—वही सच होता है।
मुझे लगता है कि स्त्रियों की आवाज़, एक बार सुन ली जाए, तो वह दूसरी उपेक्षित आवाज़ों को भी सक्रिय और सुनने योग्य बना देगी।
सबसे अँधेरी रात भी आख़िरकार ढलती है और सूरज निकलता है।