साहित्य और संस्कृति की घड़ी
• व्लादिमीर : शुरुआत मुश्किल शय है। एस्त्रागान : तुम किसी भी चीज़ से शुरू कर सकते हो। व्लादिमीर : हाँ, लेकिन इसका निर्णय लेना होता है। एस्त्रागान : सही बात। — सैमुअल बेकेट | वेटिंग फ़ॉर गोदो
04 जुलाई 2026
पहली सीटिंग अह, यह कैसी आपद-कथा रही! वहाँ जाना आसान था तो मैं गया। पड़ोस में ज़रूरी चीज़ों की उपस्थिति को हम एक क़िस्म का
03 जुलाई 2026
‘पिकोलो फ़ाइल्स : पॉ एंड ऑर्डर’ (प्रभात प्रकाशन, प्रथम संस्करण : 2026) में लेखिका इरा टाक ने अपनी ओर से नहीं, बल्कि अपने
वह हमारी उम्र का था, मगर हट्टा-कट्टा बालक था। मुझे आज भी याद है—उसका बोलना, उसकी चमक से भरी आँखें! जो अनायास अपनी तरफ़ ख
विन्सेंट वॉन गॉग के प्रति सदा एक आकर्षक बना रहा। उनकी पेंटिंग के कारण नहीं विन्सेंट से जुड़ी कहानियों के कारण। शेष संसार
स्मृतियाँ सचमुच कभी नहीं मरतीं। वे हमारे भीतर किसी गहरे, अदृश्य तह में चुपचाप बैठी रहती हैं—कभी धुँध की तरह, कभी उजाले क
दिन के सवा ग्यारह बज रहे हैं और कमरे में गहरा अँधेरा छाया हुआ है। पर्दे गिराए हुए, दो-दो खिड़कियाँ लेकिन दोनों बंद। फ़र्श
30 जून 2026
आज आषाढ़ का पहला दिन है। इस अवसर पर हम ‘हिन्दवी बेला’ पर वह कर रहे हैं, जो इससे पूर्व हमने कभी नहीं किया—एक उपन्यास का ध
मेरे पास एक ही धन है—निकम्मापन। मैं बाय चॉइस निकम्मा नहीं हूँ। यह आलस्य और काहिली के संयुक्त उद्यम से उपजा है। ऐसा नहीं
विवाह के इन दस वर्षों के दरमियान घर के ख़र्चों के साथ अब शब्दों में भी कटौती होने लगी है। राहुल के आने की आहट होती है, प