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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

29 मार्च 2026

‘रविवासरीय 4.0 : सेवासूक्त’

‘रविवासरीय 4.0 : सेवासूक्त’

• ‘महर्षि’ पूर्व में अपने कार्यालय को महर्षि-आवास कहते थे। इधर वह कुछ रोज़ से उसे ‘सेवा तीर्थ’ कहने लगे हैं।  महर्षि को नाम बदलने की व्याधि है। पर नाम अगर बदल दिया जाए तब भी युगों तक बदले हुए नाम को

28 मार्च 2026

आज है ‘हिन्दवी’ का विशेष आयोजन ‘अनंता’

आज है ‘हिन्दवी’ का विशेष आयोजन ‘अनंता’

हिंदी साहित्य की दुनिया में स्त्री-स्वर हमेशा से मौजूद रहा है, बस उसे पहचानने और सुनने की दृष्टि समय-समय पर बदलती रही है। इतिहास के लंबे गलियारों में स्त्रियों की रचनात्मकता अक्सर घर की चौखट, स्मृतिय

27 मार्च 2026

जगह-जगह 2.0 : माई नेम इज़ रेड : फ़ारसी मिनिएचर, नक़्क़ाशख़ाना और पूर्व-पश्चिम का द्वंद्व

जगह-जगह 2.0 : माई नेम इज़ रेड : फ़ारसी मिनिएचर, नक़्क़ाशख़ाना और पूर्व-पश्चिम का द्वंद्व

चश्म’त बियाफ़रीद ब: हर दम हज़ार चश्म, ज़ीरा ख़ुदा ज़ क़ुदरत-ए-ख़ुद कुदरत’श ब-दाद [तुम्हारी आँखों ने हर साँस के साथ हज़ारों आँखें पैदा कर दीं, क्योंकि ख़ुदा ने अपनी क़ुदरत (शक्ति) से तुम्हारी नज़

27 मार्च 2026

भारतीय रंग-संस्थाओं पर मँडराता मौन संकट

भारतीय रंग-संस्थाओं पर मँडराता मौन संकट

इतिहास की कुछ घटनाएँ ऐसी होती हैं जिन्हें लोग उसी समय पहचान लेते हैं। वे स्पष्ट होती हैं और उनका असर तुरत दिखाई देने लगता है। लेकिन कला और संस्कृति की दुनिया में बदलाव अक्सर इस तरह सामने नहीं आते। कई

27 मार्च 2026

विलेम डैफ़ो का वक्तव्य : ‘जीतने के लिए आपका उपस्थित होना ज़रूरी है’

विलेम डैफ़ो का वक्तव्य : ‘जीतने के लिए आपका उपस्थित होना ज़रूरी है’

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के अंतर्गत संचालित इंटरनेशनल थिएटर इंस्टीट्यूट (International Theatre Institute – ITI), पेरिस की कार्यकारी परिषद् प्रत्येक वर्ष किसी

26 मार्च 2026

साइबर कथाएँ : डिजिटल दुनिया की छाया में छिपे साइबर ठगों की पड़ताल

साइबर कथाएँ : डिजिटल दुनिया की छाया में छिपे साइबर ठगों की पड़ताल

आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस ने साइबर अपराधों के लिए कई नए रास्ते खोल दिए हैं। ज़रा कल्पना कीजिए कि किसी पिता से उसकी बेटी की आवाज़ में कोई व्यक्ति पैसे माँगने लगे। आज की तकनीक की मदद से यह संभव हो गया है

25 मार्च 2026

तू साडे नाऴ वरत के देख

तू साडे नाऴ वरत के देख

मेरे बारे में मेरे साथियों की राय बहुत हास्यास्पद है। यात्राओं की योजना पर तो और भी ज़्यादा। मैं जब भी आगे बढ़कर योजना बनाता हूँ तो वे इसे गंभीरता से नहीं लेते, इसके बावजूद मैंने पंजाब यात्रा की योजन

24 मार्च 2026

विचारों का युग, सिनेमा, बौद्धिक संपदा और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस

विचारों का युग, सिनेमा, बौद्धिक संपदा और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस

गूगल के आने से दुनिया आसान हुई और तथ्यों की एक्सेसिबिलिटी बढ़ी। इस दौर में विजुअल नैरेटिव और पैडागॉजिकल टूल्स बहुत तेज़ी से बदल रहे हैं। दुनिया भर में कई सारी लाइब्रेरी और कॉलेजेस डिस्फ़ंक्शनल हो रहे

23 मार्च 2026

धुरंधर : दुख और जिन्न

धुरंधर : दुख और जिन्न

दुख आदमी के जिस्म में दाख़िल होता है और फिर कभी नहीं निकलता। कोई मौलवी बताए, कोई हकीम समझाए, कोई फ़लसफ़ेबाज़ अपनी मोटी किताब खोलकर साबित करे—मगर दुख जाता नहीं। वो बदलता है। रीढ़ की हड्डी के इर्द-गिर्

23 मार्च 2026

शंखनाद : ...और कोई विवाद न हुआ

शंखनाद : ...और कोई विवाद न हुआ

वह वरिष्ठ कवि हैं। कवि होने के बाद, वरिष्ठ होने के लिए कुछ ख़ास नहीं करना पड़ता। सिर्फ़ जीते रहना ही काफ़ी होता है। वैसे भी राजनीति की तरह ही साहित्य का उम्र बोध अलग है, जैसे साहित्य का सच अलग होता है