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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

लगभग तीन दिन दो रातें

 

मुझे पता चल चुका था कि वहाँ वह मेरी प्रतीक्षा करने के लिए नहीं होगा… और जब यह पता चल चुका था तो यह कैसे न मालूम होता कि वहाँ मुझे उसका इंतिज़ार करना था। उसके स्कार्फ़ का... मेरे गले का फंदा बनने को आत

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04 सितम्बर 2026

आज का रचनाकार

रचनाकार का समय और समय का रचनाकार

नरेश सक्सेना

सातवें दशक के कवि। कहन में संक्षिप्तता, स्मृति और कविता-पाठ के लिए उल्लेखनीय।

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