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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

शनिवारेर चिट्ठी : दिनानुदिन की चूलें बिठाते हुए

 

सोमवार मैं लौटने की आख़री सड़क पर हूँ। यह सोमवार की तेज़ भागती सड़क है। इसकी रफ़्तार को दो दिनों के घर-आराम के बाद ‘काम पर लौटने’ के पंख लगे हैं। घर से पश्चिम की ओर निकलती है पहली सड़क। वह रास्ता बदलती र

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18 अप्रैल 2026

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