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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

शनिवारेर चिट्ठी : गाली बयान नहीं चीख़ है

 

सिनेमा  शासकों को यह भ्रम प्रिय होता है कि वे इतिहास लिखते हैं। वे यह नहीं समझते कि एक पोस्टर, एक भंगिमा, एक नारे, एक मीम से उनके इस कथित इतिहास को चुनौती दी जा सकती है। इन दिनों मुझे एक फ़िल्म याद

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01 अगस्त 2026

आज का रचनाकार

रचनाकार का समय और समय का रचनाकार

नंद चतुर्वेदी

सुप्रसिद्ध हिंदी-राजस्थानी कवि-लेखक और संपादक। ‘आशा बलवती है राजन्’ सहित कविता और गद्य की कई किताबें प्रकाशित।

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