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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

प्रयागराज-यात्रा : सुकून की तलाश में

 

लोग कुंभ या माघ मेले में पुण्य की कामना लेकर प्रयागराज आते हैं, किंतु मुझे मेले में जाने पर न जाने क्यों ख़ुद को खो देने का भय लगता है। फिर अपने पापों का हिसाब भी भला कौन रखता है! सच तो यह है कि जब-जब

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22 जुलाई 2026

आज का रचनाकार

रचनाकार का समय और समय का रचनाकार

प्रदीप सैनी

सुपरिचित कवि। 'दुनिया के होने की आवाज़' शीर्षक से एक कविता-संग्रह प्रकाशित।

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