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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

विराम-चिह्नों की क्रांति और एम डैश की सत्ता का अंत

 

हाल ही में मेरी मुलाक़ात एम डैश से हुई। बेहद परेशान, दुखी, चिंतित और बेचैन अवस्था में बैठा था। चेहरा भावप्रवण, अश्रु-भरे नयन, जगत के उलाहनों से क्षुब्ध। ख़ुद को भाषा और लेखन के प्रिय साथी से सिर्फ़ सा

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23 अप्रैल 2026

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