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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

कहानी : एक मर्मांतक चाहना

 

बर्फ़ धीरे-धीरे गिर रही थी, जैसे नींद किसी उदास आदमी की पलकों से सरक जाती है; और बर्फ़ केवल बर्फ़ नहीं थी, यह रौशनी से ख़ाली स्मृतियों का एक साया था जो शहर पर मंडरा रहा था। शहर, जो वक़्त की क़ब्र का एक

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08 मई 2026

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