बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

क्या है क़व्वाली वाया सूफ़ी-संगीत का खुलता दरीचा

 

हिंदुस्तान में क़व्वाली सिर्फ़ संगीत नहीं है। क़व्वाली इंसान के भीतर एक सँकरे मार्ग का निर्माण करती है, जिसमें एक तरफ़ ख़ुद को डालने पर दूसरी तरफ़ ईश्वर मिलता है। क़व्वाली की विविध विधाएँ हिंदुस्तान मे

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23 जून 2024

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