अतीत पर कविताएँ

अतीत का अभिप्राय है

भूतकाल, व्यतीत, बीत चुका समय, जिसका अस्तित्व या सत्ता समाप्त हो चुकी। प्रस्तुत चयन में अतीत के विभिन्न रंगों, धूप-छाया का प्रसंग लेती कविताओं का संकलन किया गया है।

मेज़

गिरिराज किराडू

पुराने दोस्त

शैलेंद्र साहू

व्यतीत

प्रकाश

जब मैं नदी था

आदित्य शुक्ल

वर्तमान है वह

संजीव गुप्त

स्वत्व

जगन्नाथ प्रसाद दास

आउट स्विंग

संजय राय

बीतना

शालिनी सिंह

रहस्य-17

सोमेश शुक्ल

चिकनी फिसलन भरी

सुरेश सलिल

अतीत का वर्तमान

गोबिंद प्रसाद

अतीत

गंगाप्रसाद विमल

अनासक्ति

जगदीश चतुर्वेदी

पहले जैसा

अनिल त्रिपाठी

बीतना

प्रतिभा कटियार

मधुस्रोत-1

आचार्य रामचंद्र शुक्ल

मधुस्रोत-2

आचार्य रामचंद्र शुक्ल

परछाईं की तरह

वंदना पराशर

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