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परिवर्तन पर उद्धरण

ज़रूरत पड़ने पर मनुष्य, संसार में बेहतरी के लिए बदलाव लाने की योग्यता रखता है और वह चाहे तो इस बेहतरी के लिए अपने भीतर भी बदलाव ला सकता है।

विक्टर ई. फ्रैंकल

मैंने एक दिन एक किताब पढ़ी और मेरा पूरा जीवन बदल गया।

ओरहान पामुक

जीवन में हर वह चीज़ जिसे हम वास्तव में स्वीकार करते हैं, उसमें बदलाव आता है। इसलिए दुख को प्रेम बनना चाहिए। यही रहस्य है।

कैथरीन मैंसफ़ील्ड

कविता ऐसे वाक्यांशों को बदल सकती है जो दुनिया को घुमाते हैं।

सामंथा हार्वे

असली संग्रहालय वे स्थान हैं, जहाँ समय स्थान में परिवर्तित हो जाता है।

ओरहान पामुक

एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति का धर्म परिवर्तन करने को मैं उचित नहीं मानता। मेरी कोशिश किसी दूसरे के धार्मिक विश्वास को हिलाने की या उनकी नींव खोदने की नहीं, बल्कि उसे अपने धर्म का एक अच्छा अनुयायी बनाने की होनी चाहिए। इसका तात्पर्य है सभी धर्मों की सच्चाई में विश्वास और इस कारण उन सबके प्रति आदरभाव का होना। इसका यह बी मतलब है कि हममें सच्ची विनयशीलता होनी चाहिए, इस तथ्य की ल्वीकृति होनी चाहिए कि चूँकि सभी धर्मों को हाड़-माँस के अपूर्ण माध्यम से दिव्य-ज्ञान प्राप्त हुआ है, इसलिए सभी धर्मों में कम या ज़्यादा मात्रा में मानवीय अपूर्णताएँ मौजूद हैं।

महात्मा गांधी

दर्द को बरक़रार नहीं रखा जा सकता है, इसे ‘विकसित करके’ हास्य में परिवर्तित करने की ज़रूरत है।

ऐनी एरनॉ

हम सभी एक दूसरे को छोड़ देते हैं। हम मर जाते हैं, हम बदल जाते हैं—यह ज़्यादातर बदलाव है—हम अपने सबसे अच्छे दोस्तों को पीछे छोड़ देते हैं। लेकिन अगर मैं तुम्हें छोड़ भी देती हूँ, तो मैं तुम्हें अपना कुछ दे चुकी होऊँगी। तुम मुझे जानने के कारण एक अलग व्यक्ति हो जाओगे। यह अपरिहार्य है।

एडना ओ’ब्रायन

जो लोग फ़ैशनेबल गोष्ठियों और विधानसभाओं में जाते हैं, केवल उन्हीं को नए कोटों की ज़रूरत पड़ती है; ताकि वे उन्हें उतनी ही जल्दी-जल्दी बदल सकें, जितनी जल्दी कि उनको पहनने वाला बदल जाता है।

हेनरी डेविड थॉरो

स्थिति के अनुसार रूप में परिवर्तन करना पड़ता है, जिनमें परिस्थिति के अनुसार बनने का गुण नहीं रहा, वे बिगड़ गए।

गणेश शंकर विद्यार्थी

युग परिवर्तन के साथ ही व्यक्ति और समाज का मानसिक धरातल भी बदल जाता है, और पुराने विचार तथा आचार अनुपयोगी हो जाते हैं।

मैनेजर पांडेय

किसी चीज़ को बदलने के लिए बस अपने भीतर जाएँ और अपने विचारों तथा भावनाओं से एक नया सुखद संकेत भेजें।

रॉन्डा बर्न

उस हर चीज़ को बदला नहीं जा सकता है, जिसका हम सामना करते हैं; लेकिन जब तक उसका सामना नहीं किया जाता, तब तक कुछ भी नहीं बदला जा सकता है।

जेम्स बाल्डविन

अंततः वे महसूस करते हैं कि परिवर्तन का अर्थ उन्नति करना नहीं है, परिवर्तन का अर्थ सुधार नहीं है।

फ्रांत्ज़ फ़ैनन

आमूल-परिवर्तनवादी कभी आत्मपरकतावादी नहीं होता।

पॉलो फ़्रेरा

दुनिया बदल रही है। यह दुनिया अब केवल लड़कों और पुरुषों के लिए ही नहीं है।

एलिस वॉकर

जिस देश में सुधार की आवश्यकता नहीं, वह इस परिवर्तनशील संसार का भाग नहीं हो सकता।

गणेश शंकर विद्यार्थी

आजकल और बातों की तरह धर्म-परिवर्तन ने भी व्यापार का रूप ले लिया हैं।

महात्मा गांधी

एक महान कलाकृति मनुष्य को नहीं बदलती, उसके संसार को बदलती है। वह सिर्फ़ उस रिश्ते को बदलती है; जो अब तक मनुष्य अपने संसार से बनाता आया था, लेकिन एक बार रिश्ता बदल जाने के बाद तो वह मनुष्य ही वैसा मनुष्य रह पाता है, जैसा वह कलाकृति के संपर्क में आने से पहले था, उसका संसार वैसा संसार रह जाता है, जो उसे कलाकृति के अनुभव के बाद दिखाई देता है।

निर्मल वर्मा

जनपक्षीय होने के लिए एक प्रकार का पुनर्जन्म या गंभीर आत्मरूपांतरण आवश्यक है।

पॉलो फ़्रेरा

प्यार की तलाश में इंसान को बदलना पड़ता है। प्यार की तलाश उन लोगों के लिए नहीं है, जो ख़ुद को बदलने के लिए तैयार नहीं हैं।

शम्स तबरेज़ी

अगर आप चाहते हैं कि लोग आपके साथ व्यवहार करने का तरीका बदलें, तो सबसे पहले आपको ख़ुद के साथ व्यवहार करने का तरीका पूरी तरह से और भरोसे के साथ बदलना होगा—तभी आप प्यार पा सकते हैं।

शम्स तबरेज़ी

परिवर्तनीय संरचना वाली कोई वस्तु अविभाज्य नहीं हो सकती।

एम. एन. राय

हर पल इंसान को ख़ुद को फिर से नया बनाना चाहिए। मृत्यु से पहले हमें एक बार और मरना पड़ता है, तभी हम एक नया जीवन शुरू कर पाते हैं। सिर्फ हमारे अंदरूनी हिस्से बदलते हैं और हम वही रहते हैं।

शम्स तबरेज़ी

शरीर परिवर्तनों की एक श्रृंखला का नाम है। जैसे नदी में जल के द्रव्यमान हर क्षण आपके सामने बदलते रहते हैं और नए द्रव्यमान आते रहते हैं; फिर भी लगभग वैसा ही रूप धारण करते हैं, वैसे ही शरीर के साथ भी होता है।

स्वामी विवेकानन्द

इतिहास घटनाओं के रूप में अपनी पुनरावृत्ति नहीं करता। परिवर्तन का सत्य ही इतिहास का तत्त्व है परंतु परिवर्तन की इस श्रृंखला में अपने अस्तित्व की रक्षा और विकास के लिए व्यक्ति और समाज का प्रयत्न निरंतर विद्यमान रहा है। वही सब परिवर्तनों की मूल प्रेरक शक्ति है।

यशपाल

पारिस्थितिक परिवर्तन, सामाजिक परिवर्तन की अनिवार्यता बन जाते हैं।

श्यामाचरण दुबे

हृदय-परिवर्तन के लिए रोब की ज़रूरत है, रोब के लिए अँग्रेज़ी की ज़रूरत है।

श्रीलाल शुक्ल

जिसके छिलता है, उसी के चुनमुनाता है। लोग अपना ही दुःख-दर्द ढो लें, यही बहुत है। दूसरे का बोझा कौन उठा सकता? अब तो वही है भैया, कि तुम अपना दाद उधर से खुजलाओ, हम अपना इधर से खुजलाएँ।

श्रीलाल शुक्ल

जीवन अविकल कर्म है, बुझने वाली पिपासा है। जीवन हलचल है, परिवर्तन है; और हलचल तथा परिवर्तन में सुख और शांति का कोई स्थान नहीं।

भगवती चरण वर्मा

गति का अर्थ है—एक समय और एक स्थान से दूसरे समय और स्थान में प्रवेश करना, अर्थात् परिवर्तन। यह परिवर्तन ही गति है, गति ही जीवन है! अमरता का अर्थ है—अपरिवर्तन, गतिहीनता।

यशपाल

सरकारी व्यवस्था में काम करने वाले लोग, ताक़त के ऊँचे पदों तक पहुँचने से बहुत पहले ही मान लेते हैं कि कोई बड़ा परिवर्तन करना संभव नहीं है।

कृष्ण कुमार

पुराना नष्ट होता है, समय परिवर्तित होता है और खंडहरों में से नया जीवन उदित होता है।

फ़्रेडरिक शिलर

किसी देश की भौगोलिक और वायुमंडलीय परिस्थितियों में कोई परिवर्तन होने पर भी उसके अंदर ज़बरदस्त सामाजिक परिवर्तन हो सकते हैं।

माओ ज़ेडॉन्ग

आज वही सारहीन है जिस पर कल आश्चर्य प्रकट किया जा रहा था। जो कल तक ज्ञान समझा जाता था, आज वही अज्ञान माना जा रहा है। कल शायद वह दोषी माना जाएगा, जिसे आज ज्ञान प्राप्त है। वह वस्तु ही कहाँ है जिसमें परिवर्तशीलता हो?

किशनचंद 'बेवस'

कभी हो नहीं सकता है कि एक आदमी इस वक्त विधर्मी है, इसलिए वह नालायक है, नापाक है।

महात्मा गांधी

हिंदू धार्मिक और सामाजिक विचारधारा के अंतर्गत, विकास के संबंध में बहुत कम और परिवर्तन के विषय में बहुत कुछ कहा गया है।

श्यामाचरण दुबे

निरंतर परिवर्तित होता हुआ यह काल अनेक महापुरुषों को भी एक साथ अनादरपूर्वक गिरा देता है जैसे बड़े-बड़े पर्वतों की शेषनाग।

बाणभट्ट

हाय! कालरूप पाचक हर क्षण प्राणियों के शरीरों में अवस्था परिवर्तन करता रहता है फिर भी उनकी समझ में कुछ नहीं आता।

कल्हण

गांधी जी ने जो परिवर्तन चाहा था; वह व्यक्ति का भीतरी परिवर्तन था और वह समाज का था, क्योंकि भीतर और बाहर में कोई विभेद करने वाला दर्शन था वह। सामाजिक पीड़ा को भी गांधी जी ने व्यक्ति की आंतरिक वेदना के रूप में देखा।

यू. आर. अनंतमूर्ति

क्रांति में मूल्य का परिवर्तन होगा। सबसे पहले हमें अपने जीवन में परिवर्तन करना होगा।

दादा धर्माधिकारी

हम नहीं जानते कि हमारा वर्तमान जीवन बहुत बेहतर है, या आने वाले बदलावों के साथ जीवन बहुत बेहतर हो जाएगा। आपको जीवन में आने वाले बदलावों को ख़ुशी-ख़ुशी स्वीकार करना चाहिए और जीवन जीना चाहिए।

शम्स तबरेज़ी

जब आप अपने जीवन, अपनी आदतें, अपने वातावरण को बदलना चाहते हैं, तो आपके साथ समय बिताने वाले लोग बदलने होंगे।

अशदीन डॉक्टर

वह मनुष्य कोमल कमलनाल के सूत से हाथी को बाँधना चाहता है, और शिरीष के फूल की पंखुड़ी से हीरे को बेधना चाहता है और खारे समुद्र को एक बूंद मधु से मीठा करना चाहता है, जो खलों को अपने अमृतसमान उपदेश से सन्मार्ग में लाने की इच्छा करता है।

भर्तृहरि

यथार्थ परिवर्तनशील होता है।

गजानन माधव मुक्तिबोध

परिवर्तन—जीवन का सबलतम पुत्र।

जॉर्ज मेरेडिथ

परंपरा बहुत बड़ा भंडार है। इसका प्रयोग परिवर्तन और विकास की विचारधारा के समर्थन में किया जा सकता है, साथ ही उसका प्रयोग परिवर्तन और विकास विरोधी विचारधारा के लिए भी हो सकता है।

श्यामाचरण दुबे

विज्ञापन उस भविष्य में स्थिर होता है, जो लगातार बदलता है।

जॉन बर्जर

छठी शताब्दी के आसपास एक सांस्कृतिक शिफ्ट थी, एक परिवर्तन था, एक क्रान्ति हुई थी और इस क्रान्ति का ही एक प्रचलित नाम भक्ति है।

नामवर सिंह

अतीत कोई ऐसी शय नहीं है, जिसके हम क़ैदी हों। हम अतीत के साथ एकदम अपनी इच्छा के अनुरूप कुछ कर सकते हैं। जो हम नहीं कर सकते, वह है अतीत के परिणामों को बदलना।

जॉन बर्जर