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पुस्तक पर बेला

पुस्तकें हमारे लिए नए

अनुभव और ज्ञान-संसार के द्वार खोलती हैं। प्रस्तुत चयन में ‘रोया हूँ मैं भी किताब पढ़कर’ के भाव से लेकर ‘सच्ची किताबें हम सबको अपनी शरण में लें’ की प्रार्थना तक के भाव जगाती विशिष्ट पुस्तक विषयक कविताओं का संकलन किया गया है।

16 जुलाई 2026

लोकदूत देवेंद्र सत्यार्थी : बेला फूले आधी रात

लोकदूत देवेंद्र सत्यार्थी : बेला फूले आधी रात

न थका न रुका न हटा न झुका किसी फक्कड़ बाबा का मैं चेला हुआ हजारीप्रसाद द्विवेदी की उपर्युक्त काव्य-पंक्ति के प्रेरणा

10 जुलाई 2026

जगह-जगह 2.0 : कूड़े के पहाड़, ट्रैफ़िक जाम, मेट्रो से आगे की देल्ही

जगह-जगह 2.0 : कूड़े के पहाड़, ट्रैफ़िक जाम, मेट्रो से आगे की देल्ही

दिल्ली की तारीफ़, पिछली तारीफ़ों की याद है। इसका रोमांस, रोमांस का दोहराव है। आगे चलो तो पीछे पहुँचते हो, पीछे चलो तो कह

03 जुलाई 2026

‘पिकोलो फ़ाइल्स’ : एक कुत्ते की नज़र से इंसानों की दुनिया

‘पिकोलो फ़ाइल्स’ : एक कुत्ते की नज़र से इंसानों की दुनिया

‘पिकोलो फ़ाइल्स : पॉ एंड ऑर्डर’ (प्रभात प्रकाशन, प्रथम संस्करण : 2026) में लेखिका इरा टाक ने अपनी ओर से नहीं, बल्कि अपने

02 जुलाई 2026

तपते सूरज और थियो की तलाश

तपते सूरज और थियो की तलाश

विन्सेंट वॉन गॉग के प्रति सदा एक आकर्षक बना रहा। उनकी पेंटिंग के कारण नहीं विन्सेंट से जुड़ी कहानियों के कारण। शेष संसार

26 जून 2026

जगह-जगह 2.0 : हमारा फ़्यूचर शॉक कहाँ है?

जगह-जगह 2.0 : हमारा फ़्यूचर शॉक कहाँ है?

When did the future switch from being a promise to being a threat? — Chuck Palahniuk इतिहास की पूँछ और भविष्य ग

22 जून 2026

‘चींटी की अर्थी’ पर कुछ बातें

‘चींटी की अर्थी’ पर कुछ बातें

इस पुस्तक का शीर्षक उसकी अंतर्वस्तु का कोई सिरा हाथ नहीं लगने देता, लेकिन उसके प्रति जिज्ञासा को लाकर एक जगह संकेंद्रित

14 जून 2026

कहानी : बेबल की लाइब्रेरी

कहानी : बेबल की लाइब्रेरी

पिछली सदी के अर्जेंटीना के सुविख्यात लेखक-कवि बोर्खेस हिंदी पाठकों के लिए अनजान नहीं हैं। उनकी कहानियों में ‘कल्पना’, ‘अ

05 जून 2026

‘बाघ का भाग्यफल और अन्य कहानियाँ’ : धर्म-सत्ता-प्रेम का त्रिकोण

‘बाघ का भाग्यफल और अन्य कहानियाँ’ : धर्म-सत्ता-प्रेम का त्रिकोण

लिखने की मोहलत के लिए मृत्यु को ही अपनी किताब सादर समर्पित करता लेखक मृत्यु से तो भिड़ ही रहा है, साथ ही उसकी वैचारिक मुठ

01 जून 2026

प्रीति-प्रतीति की ध्यानावस्था में रची गई कविताएँ

प्रीति-प्रतीति की ध्यानावस्था में रची गई कविताएँ

रुस्तम के कविता-संग्रह ‘एक ख़ुशबू वहाँ फैली थी’ की कविताओं को पढ़ते हुए लगता है कि यह प्रीति-प्रतीति की ध्यानावस्था में र

18 मई 2026

देह की देहरी पर परिवार और समाज का पहरा

देह की देहरी पर परिवार और समाज का पहरा

जया जादवानी अत्यंत संवेदनशील कथाकार हैं। मानवीय रिश्तों की बारीकियों, जटिलताओं और गहराई को उन्होंने अपनी कहानियों में बह

20 अप्रैल 2026

सौरभ द्विवेदी की रिकमेंडेशन को श्रद्धा से नहीं, संदेह से पढ़ा जाना चाहिए

सौरभ द्विवेदी की रिकमेंडेशन को श्रद्धा से नहीं, संदेह से पढ़ा जाना चाहिए

रतन राजपुरोहित मेरा सहकर्मी है—युवा, उत्साही, पढ़ाकू और ज़बरदस्त लिक्खाड़। अगर लिखने से कैलोरी बर्न होती, तो वह देश का स

01 अप्रैल 2026

फाँसी : दंड की कठोरता या सुधार का सोपान

फाँसी : दंड की कठोरता या सुधार का सोपान

हिंदी साहित्य जगत में हाल ही में प्रकाशित हिंदी उपन्यास ‘फाँसी’ काफ़ी चर्चा में रहा है। इस उपन्यास की एक ख़ास बात यह है

19 मार्च 2026

पथेर पांचाली : हाशिए पर खड़े जीवन की कथा

पथेर पांचाली : हाशिए पर खड़े जीवन की कथा

मैंने हाल में ‘पथेर पांचाली’ उपन्यास पढ़ा। यह मेरा क़ुबूलनामा है कि इससे पहले बंगाली साहित्य के नाम पर मैंने केवल रवींद्र

09 मार्च 2026

माता प्रसाद पुस्तकालय के लोकार्पण समारोह का वीडियो देखा हाल

माता प्रसाद पुस्तकालय के लोकार्पण समारोह का वीडियो देखा हाल

इतना काम है कि सारा काम ठप्प पड़ा है। —श्रीलाल शुक्ल श्रीलाल शुक्ल के इस उद्धरण से शायद ही कोई अपरिचित हो। आए दिन

29 जनवरी 2026

चेतना के दस द्वीप : प्रयागराज की साहित्यिक विरासत और प्रतिरोध की गूँज

चेतना के दस द्वीप : प्रयागराज की साहित्यिक विरासत और प्रतिरोध की गूँज

वरिष्ठ कवि हरिशचंद्र पांडे की अध्यक्षता में मंगलवार, 27 जनवरी को चौधरी महादेव प्रसाद महाविद्यालय (सीएमपी डिग्री कॉलेज),

28 जनवरी 2026

पेड़ों पर चढ़ने वाली स्त्रियों का संसार

पेड़ों पर चढ़ने वाली स्त्रियों का संसार

विशाल हिमालय की गोद में बसे दो देश—भारत और नेपाल एक-दूसरे के पड़ोसी हैं और दोनों साथ में 1850 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्री

10 जनवरी 2026

विश्व पुस्तक मेला आज से...

विश्व पुस्तक मेला आज से...

विश्व का सबसे बड़ा पुस्तक आयोजन—नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला (NDWBF)—अपने 53वें संस्करण के साथ आज से शुरू हो रहा है। राष्

07 जनवरी 2026

प्रेम की घर वापसी

प्रेम की घर वापसी

आज, अभी, इस दिन, इस क्षण की लंबान कितनी हो सकती है? इसका एक वाजिब जवाब है—विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यास, ‘दीवार में एक खि

05 जनवरी 2026

शंखनाद : बुक फ़ेयर के लिए मुखौटे...

शंखनाद : बुक फ़ेयर के लिए मुखौटे...

जनवरी में होने वाली बुक फ़ेयर की आहट के बीच कई-कई यूनीसेक्स सैलूनों, ब्यूटीपार्लरों और स्पाओं में बुक फ़ेयर के लिए स्पेश

03 जनवरी 2026

बिछिया, बिछोह और वह आख़िरी ख़ाली पन्ना

बिछिया, बिछोह और वह आख़िरी ख़ाली पन्ना

ठहरे हुए हैं, याद आ रही है यात्राओं की। अलग-अलग जगहों की, अलग-अलग समय पर की गई यात्रा की। अलग-अलग सामान पर लटके विभिन्न

18 दिसम्बर 2025

‘आधी पंक्ति’ में पूरा प्रेम

‘आधी पंक्ति’ में पूरा प्रेम

क्या प्रेम अपने चरम पर पहुँचकर स्वयं की विफलता में ही अपने शाश्वत अर्थ को उद्घाटित करता है? आस्था, प्राप्ति और पराजय के

18 दिसम्बर 2025

पटना पुस्तक मेला : भर्त्सना के शिल्प में

पटना पुस्तक मेला : भर्त्सना के शिल्प में

मूर्खताओं के उदाहरण से हमारी सदी पटी हुई है और अब मूर्खताएँ हिंसा में बदल गई हैं। यह कहते हुए कोई सुख नहीं होता और न ही

16 दिसम्बर 2025

इरफ़ान एक नया सूरज था जो बहुत जल्द अस्त हो गया

इरफ़ान एक नया सूरज था जो बहुत जल्द अस्त हो गया

इरफ़ान ख़ान। शिद्दत। उस शिद्दत की ज़िम्मेदारी। इस ज़िम्मेदारी की ख़ामोश अच्छाई। उसकी ख़ामोश अच्छाई की बोलती निगाहें। अगर

15 नवम्बर 2025

प्रतिउत्तर : ‘नाकर्दा गुनाहों की भी हसरत की मिले दाद’

प्रतिउत्तर : ‘नाकर्दा गुनाहों की भी हसरत की मिले दाद’

शिवमूर्ति जी ने ‘अगम बहै दरियाव’ पर मेरी आलोचना देखकर एक प्रतिलेख लिखा है और ग़ालिब की यह मनःकामना मेरे हित में पूरी कर

15 नवम्बर 2025

प्रतिलेख : ‘अगम बहै दरियाव’ पर वागीश शुक्ल की आलोचना के बारे में कुछ तथ्य

प्रतिलेख : ‘अगम बहै दरियाव’ पर वागीश शुक्ल की आलोचना के बारे में कुछ तथ्य

गत 6 अक्टूबर को ‘बेला’ पर ‘अगम बहै दरियाव’ (शिवमूर्ति, राजकमल प्रकाशन, द्वितीय संस्करण : 2024, पृष्ठ 560-561) पर वागीश श

19 अक्तूबर 2025

शरणार्थी शिविरों में समाए तिब्बती जीवन का दुख

शरणार्थी शिविरों में समाए तिब्बती जीवन का दुख

सेयरिंग यांगजोम लामा तिब्बती लेखक हैं। ‘वी मैज़र द अर्थ विथ ऑर बॉडिज़’ उनका पहला उपन्यास है। उनका जन्म और पालन-पोषण नेपा

06 अक्तूबर 2025

अगम बहै दरियाव, पाँड़े! सुगम अहै मरि जाव

अगम बहै दरियाव, पाँड़े! सुगम अहै मरि जाव

एक पहलवान कुछ न समझते हुए भी पाँड़े बाबा का मुँह ताकने लगे तो उन्होंने समझाया : अपने धर्म की व्यवस्था के अनुसार मर

30 सितम्बर 2025

शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी और ‘फ़ानी बाक़ी’

शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी और ‘फ़ानी बाक़ी’

आज का दिन मेरे महबूब शहर इलाहाबाद के महबूब साहित्यकार और आलोचक शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी की जन्मतिथि है। वह आसमां में चमकते

20 सितम्बर 2025

मृत्यु ही जीवन का सबसे विश्वसनीय वादा है

मृत्यु ही जीवन का सबसे विश्वसनीय वादा है

जिस क्षण हम जन्म लेते हैं, उसी क्षण मृत्यु हमारे साथ चल पड़ती है। हमारा हर क़दम अपनी मृत्यु की ओर उसकी छाया की तरह उठता

14 सितम्बर 2025

सोबती-वैद संवाद : सहमति और असहमति के बीच का आकाश

सोबती-वैद संवाद : सहमति और असहमति के बीच का आकाश

कृष्णा सोबती और कृष्ण बलदेव वैद के बीच भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला में एक सघन वार्ता और विचार-विमर्श हुआ। यह बातची

02 सितम्बर 2025

समीक्षा : मृत्यु अंत है, लेकिन आश्वस्ति भी

समीक्षा : मृत्यु अंत है, लेकिन आश्वस्ति भी

मृत्यु ऐसी स्थिति है, जिसका प्रामाणिक अनुभव कभी कोई लिख ही नहीं सकता; लेकिन इस कष्टदायी अमूर्तता के स्वरूप, दृश्य और प्र

25 जून 2025

अब बाज़ार स्त्री के क़दमों में है

अब बाज़ार स्त्री के क़दमों में है

समकालीन हिंदी स्त्री-कविता की परंपरा में अनीता वर्मा सघन संवेदना और ऐन्द्रियबोध की कवि हैं। भाषा, भाव और बिंब के साथ प्र

12 जून 2025

भाषा, लोग और ‘बहुरूपिये’ वाया 2014

भाषा, लोग और ‘बहुरूपिये’ वाया 2014

आज़ादी के बाद के, हमारे देश का इतिहास जब भी लिखा जाएगा तो उसमें दो खंड लाज़िमी होंगे। पहला—आज़ादी से लेकर 2014 तक और दूस

11 जून 2025

निश्छल नारी की नोटबुक

निश्छल नारी की नोटबुक

ऊषा शर्मा की डायरी ‘रोज़नामचा एक कवि पत्नी का’ (संपादक : उद्भ्रांत, प्रकाशक : रश्मि प्रकाशन, संस्करण : 2024) एक ऐसी कृति

25 मई 2025

अतीत का अँधेरा और बचकानी ख़्वाहिशें

अतीत का अँधेरा और बचकानी ख़्वाहिशें

दिनेश श्रीनेत की कहानियों का संग्रह प्रकाशित होकर सामने आया है और मैं ख़ुशी के साथ एक अजीब से एहसास से भी सराबोर हूँ। मै

21 मई 2025

बानू मुश्ताक़ की ‘हार्ट लैंप’ को अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार

बानू मुश्ताक़ की ‘हार्ट लैंप’ को अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार

इस वर्ष का अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार भारतीय लेखिका बानू मुश्ताक़ के कथा संकलन ‘हार्ट लैंप’ को मिला है। बानू मुश्ताक़ कन

06 मई 2025

यात्रा के बाद यात्रा-वृत्तांत से हटकर

यात्रा के बाद यात्रा-वृत्तांत से हटकर

जैसे कुमार अंबुज फ़िल्मों पर लिखते हुए फ़िल्म की समीक्षा नहीं करते, बल्कि उसके दृश्यों, संकेतों, अर्थों और आशयों की तहों

23 अप्रैल 2025

किताब एक स्त्री की आत्मा का घर है

किताब एक स्त्री की आत्मा का घर है

चमत्कार घटित होते हैं। एक दिन अप्रत्याशित ढंग से उसके काँधे पर एक कोमल और प्रेमिल स्पर्श इस क़दर हल्का आकर उतरता है क

11 अप्रैल 2025

विभाजन-विस्थापन-पुनर्वासन की एक विस्मृत कथा

विभाजन-विस्थापन-पुनर्वासन की एक विस्मृत कथा

पहले पन्ने पर लेखक ने इस उपन्यास (‘मरिचझाँपि को छूकर बहती है जो नदी’) का मर्म लिख दिया है—“विभाजन, विस्थापन एवं पुनर्वास

06 अप्रैल 2025

रविवासरीय : 3.0 : एक सुझाववादी का चाहिएवाद

रविवासरीय : 3.0 : एक सुझाववादी का चाहिएवाद

• ‘नये शेखर की जीवनी’ शीर्षक कथा-कृति के प्रथम खंड में इन पंक्तियों के लेखक ने एक ऐसे समीक्षक का वर्णन किया है; जिसके कम

30 मार्च 2025

रविवासरीय : 3.0 : एक समय की बात है और नहीं भी...

रविवासरीय : 3.0 : एक समय की बात है और नहीं भी...

• गत ‘रविवासरीय’ पढ़कर मेरे बचपन के दोस्त अनूप सोनकर ने कानपुर से मुझे फ़ोन पर एक कहानी सुनाई। उसे भी नहीं पता कि यह कहानी

28 मार्च 2025

यह दुनिया पेट की दौड़ है

यह दुनिया पेट की दौड़ है

ख़ालिद जावेद के उपन्यास ‘नेमत ख़ाना’ से गुज़रते हुए गाहे-ब-गाहे यह महसूस होता है कि निःसंदेह तमाम दुनिया पेट की दौड़ है—

12 मार्च 2025

विशाल अनुभव-सागर की एक झलक

विशाल अनुभव-सागर की एक झलक

हिंदी में लेखकों का अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा लिया गया साक्षात्कार संकलित होकर पुस्तक के रूप में प्रकाशित होता रहा है और

05 मार्च 2025

हमारे समय का आर्तनाद है ‘शान्ति पर्व’ की कविताएँ

हमारे समय का आर्तनाद है ‘शान्ति पर्व’ की कविताएँ

आशीष त्रिपाठी का अद्यतन काव्य संग्रह ‘शान्ति पर्व’ विवेकशील मानस की भाव-यात्रा है। भाव के साथ चेतना भी जागृत है। इस यात्

04 मार्च 2025

एक विस्मृत क्रांतिकारी : जननायक कर्पूरी ठाकुर

एक विस्मृत क्रांतिकारी : जननायक कर्पूरी ठाकुर

लेखक संतोष सिंह और आदित्य अनमोल द्वारा अँग्रेज़ी में लिखी गई ‘दी जननायक कर्पूरी ठाकुर : वॉइस ऑफ़ दी वॉइसलैस’ एक प्रेरक जी

19 फरवरी 2025

दुखी दादीबा और भाग्य की विडंबना

दुखी दादीबा और भाग्य की विडंबना

यह पुस्तक पारसी समुदाय के वैभवशाली जीवन की कथा है और लेखक द्वारा इसके किसी सच्चे जीवन वृत्तांत पर आधृत होने का दावा भी ज

09 फरवरी 2025

रविवासरीय : 3.0 : ‘इन्हें कोई काश ये बता दे मकाम ऊँचा है सादगी का...’

रविवासरीय : 3.0 : ‘इन्हें कोई काश ये बता दे मकाम ऊँचा है सादगी का...’

• एक प्रकाशक को देखकर मेरे मन में सबसे पहला ख़याल यही आता है कि उससे किताब ले लूँ। यहाँ ‘किताब ले लेने’ का अर्थ एकायामी न

08 फरवरी 2025

बहुत कुछ खोने के अँधेरे में किसी को बचाने की कहानियाँ

बहुत कुछ खोने के अँधेरे में किसी को बचाने की कहानियाँ

इस किताब को पढ़ते हुए यह महसूस होता है कि कवि-कथाकार-फ़िल्मकार देवी प्रसाद मिश्र की कहानियों के साथ चलना ख़ुद को विशद कर

06 फरवरी 2025

यथार्थ का जादू और जादुई यथार्थवाद

यथार्थ का जादू और जादुई यथार्थवाद

‘अम्बर परियाँ’ बलजिंदर नसराली का तीसरा उपन्यास है। इससे पहले पंजाबी में उनके दो उपन्यास आ चुके हैं। उन्होंने कहानियाँ भी

05 फरवरी 2025

'बहुत भेदक, कुशाग्र और कल्पनाशील पुस्तकें ही बचेंगी'

'बहुत भेदक, कुशाग्र और कल्पनाशील पुस्तकें ही बचेंगी'

नई दिल्ली में जन्मीं साहित्यिक पत्रकारिता से लंबे समय तक संबद्ध रहने वालीं गगन गिल नब्बे के दशक में ‘एक दिन लौटेगी लड़की’