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अकेलापन पर बेला

‘अकेलापन’ अँग्रेज़ी भाषा

के शब्द ‘लोनलीनेस’ और ‘सॉलीट्यूड’ दोनों के अभिप्राय को प्रकट करता है। यह ‘लोनलीनेस’ के अभिप्राय में मन की एकांतिक नकारात्मक मनोदशा और ‘सॉलीट्यूड’ के अभिप्राय में मन की एकांतिक आध्यात्मिक मनोदशा को प्रकट करता है। दोनों मनोदशाएँ काव्य और कला-सृजन की उत्प्रेरक मानी जाती हैं।

06 मार्च 2026

जगह-जगह 2.0  : द मैजिक माउंटेन : मनुष्य-चेतना पर महामारी के चिह्न

जगह-जगह 2.0 : द मैजिक माउंटेन : मनुष्य-चेतना पर महामारी के चिह्न

एक …अगर वह फ़िलॉसॅफ़िकल है तो एक ऐसे अर्थ में जिसके लिए अक्सर हम ‘फ़िलॉसॅफ़ी’ जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं करते, पर जो अपनी अंत:प्रक्रिया में ही एक तरह का सोच, एक तरह का निश्चय, एक तरह की रिफ़्लेक्टिवने

28 जनवरी 2026

पेड़ों पर चढ़ने वाली स्त्रियों का संसार

पेड़ों पर चढ़ने वाली स्त्रियों का संसार

विशाल हिमालय की गोद में बसे दो देश—भारत और नेपाल एक-दूसरे के पड़ोसी हैं और दोनों साथ में 1850 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा भी साझा करते हैं। भारत और नेपाल बॉर्डर भारतीय उपमहाद्वीप के बाक़ी देशों

30 जनवरी 2025

ज़िंदगी के रंगों को धुँधला करता ख़ालीपन

ज़िंदगी के रंगों को धुँधला करता ख़ालीपन

ज़िंदगी—ख़ालीपन को भरने का दूसरा नाम भी है। हर व्यक्ति को अपनी ज़िंदगी में पूरा सम्मान और प्रेम पाने की आकांक्षा होती है लेकिन ज़िंदगी कुछ भी पूरा नहीं देती। कुछ अधूरा-सा छूट जाता है। इस ‘कुछ अधूरा-स

31 दिसम्बर 2024

...इस साल का आख़िरी ख़त

...इस साल का आख़िरी ख़त

एमजे के लिए इस साल का आख़िरी ख़त एक बीत गए में कुछ जोड़ना जितना मुश्किल है, उतना ही मुश्किल है उसे याद करना। एक ताख़े पर कुछ किताबें जुड़ जाती हैं, जैसे उनका कुछ ख़ुद से जुड़ जाता है। एक मन होत

26 सितम्बर 2024

नया साल और कोरोना का वो उदास मौसम...

नया साल और कोरोना का वो उदास मौसम...

दूसरी कड़ी से आगे... 30 दिसंबर, नोज़ोमु के घर नोज़ोमु का मैसेज आया है, हमें 1 बजे स्टेशन के लिए निकलना है। मैं अपने छोटे से सूटकेस में सामान रख रही हूँ। हम ओइता और बेप्पू जा रहे हैं। ओइता में नोज़

23 अगस्त 2024

उन सबके नाम, जिन्होंने मुझसे प्रेम करने की कोशिश की

उन सबके नाम, जिन्होंने मुझसे प्रेम करने की कोशिश की

मैं तब भी कुछ नहीं था, और आज भी नहीं, लेकिन कुछ तो तुमने मुझमें देखा होगा कि तुम मेरी तरफ़ उस नेमत को लेकर बढ़ीं, जिसकी दुहाई मैं बचपन से लेकर अधेड़ होने तक देता रहा। कहता रहा कि मुझे प्यार नहीं मिला, न

हिन्दवी उत्सव 2026

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