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कलाकार पर बेला

08 अक्तूबर 2026

अनफ़्रेम्ड : नाना पाटेकर : आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने!

अनफ़्रेम्ड : नाना पाटेकर : आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने!

नाना पाटेकर (1 जनवरी 1951–8 अक्टूबर 2026) हिंदी पॉपुलर सिनेमा के पहले और शायद आख़िरी एब्सर्ड किरदार थे। हमने दुःख और त्रासदी में डूबे दिलीप कुमार के समानांतर राज कपूर को देखा—भोला और ग़रीब, लेकिन नैतिक

28 सितम्बर 2026

कला हमें मृत्यु के क़रीब ले जाती है!

कला हमें मृत्यु के क़रीब ले जाती है!

मैं लाइब्रेरी में बैठी सामने लगे नोटिस बोर्ड को देख रही हूँ। बोर्ड के किनारे नारंगी रंग में रँगे चिनार के पत्तों से सजे हुए हैं। बाईं तरफ़ से एक डाल निकल रही है, जिसने बोर्ड को ऊपर की ओर से ढक रखा है

08 सितम्बर 2026

खोटी सीख देने वाले, गोली मारने वालों से भी अधिक बुरे होते हैं

खोटी सीख देने वाले, गोली मारने वालों से भी अधिक बुरे होते हैं

यह पत्र विजयदान देथा का चंद्रप्रकाश देवल (सी.पी. देवल) को लिखे एक सीख-रूपी पत्र का अनुवाद है। संयोग से सी.पी. देवल विजयदान देथा के जँवाई हैं। सो, इस पत्र में उनका ‘ससुर’ रूप भी सीख के बहाने बीच-बीच म

08 सितम्बर 2026

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : मैं हिंदी का परमानेंट खलिहर नहीं था

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : मैं हिंदी का परमानेंट खलिहर नहीं था

गताध्याय से आगे... ग्यारह  “सोने का मुकुट नहीं चाहिए था, चाँदी का चँवर भी नहीं चाहिए था। साहित्य का सिंहासन लेकर क्या करता, मेरा चूतड़ उस पर बैठने से इंकार कर देता। राजाओं के दरबार में जगह-वजह च

07 सितम्बर 2026

इस बार भोपाल में ‘संगमन’

इस बार भोपाल में ‘संगमन’

वर्ष 1993 में कानपुर से शुरू हुए रचनात्मक व बौद्धिक हस्तक्षेप के सहकारी उपक्रम ‘संगमन’ का 26वाँ आयोजन देश के विभिन्न राज्यों से गुज़रता हुआ इस बार भोपाल (मध्य प्रदेश) में हो रहा है। तारीख़ें हैं—2-3-4

22 अगस्त 2026

हिन्दवी उत्सव : 23 अगस्त को इलाहाबाद के पथ पर

हिन्दवी उत्सव : 23 अगस्त को इलाहाबाद के पथ पर

प्रिय हिंदी-प्रेमियो, हम आपको सहर्ष यह सूचित कर रहे हैं कि ‘रेख़्ता फ़ाउंडेशन’ का उपक्रम ‘हिन्दवी’—हिंदी-साहित्य-संस्कृति-कला-संसार को समर्पित अपने वार्षिकोत्सव—‘हिन्दवी उत्सव’ के छठे संस्करण का आय

21 अगस्त 2026

संतोष झा और साथी कलाकार :  कविता का संगीत-आवास

संतोष झा और साथी कलाकार : कविता का संगीत-आवास

कविता और संगीत का संबंध केवल कविता को धुन में बाँध देने तक सीमित नहीं है। कविता में शब्दों की ध्वनि, लय, आरोह-अवरोह, विराम और गति पहले से ही एक तरह की संगीतात्मक संरचना बनाते हैं। शोध भी कविता के पाठ

20 अगस्त 2026

गगन गिल से संवाद : स्त्री होने से कोई स्त्री लेखक थोड़े ही हो जाता है

गगन गिल से संवाद : स्त्री होने से कोई स्त्री लेखक थोड़े ही हो जाता है

गगन गिल हिंदी कविता का वह स्वर हैं, जिन्हें किसी एक वाद या विमर्श के दायरे में रखकर समझना संभव नहीं। अपनी ही सीमाओं को लगातार लाँघती उनकी कविता प्रचलित आलोचनात्मक मानकों से बाहर जाकर अपने लिए अर्थ और

20 अगस्त 2026

ज्ञानेंद्रपति को पढ़ना : चीज़ों की बनी-बनाई शक्ल पर संदेह करना

ज्ञानेंद्रपति को पढ़ना : चीज़ों की बनी-बनाई शक्ल पर संदेह करना

मुझे चेतना पारीक याद रहती हैं। कैसी सहज उभरी शिष्टता में उनके लिए आदरसूचक ‘हैं’ लिख रहा हूँ। वह अलहदा और उतने ही मख़्सूस कवि ज्ञानेंद्रपति की चेतना पारीक हैं। जितना उन्हें जान पाता हूँ, वह कोई दूर खड

20 अगस्त 2026

तिग्मांशु धूलिया : मोटिवेशन के दौर में

तिग्मांशु धूलिया : मोटिवेशन के दौर में

तिग्मांशु धूलिया बॉलीवुड में जब पहचाने गए, जब चमके, उससे बहुत पहले से वह बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स में पर्दे के पीछे की बहुत भूमिकाओं में सक्रिय रहे। उनकी फ़िल्मोग्राफ़ी पर नज़र डालें तो हैरत होती है। उन

19 अगस्त 2026

प्रियंवद का रचनालोक : जहाँ मनुष्य नैतिक नहीं, मनुष्य है

प्रियंवद का रचनालोक : जहाँ मनुष्य नैतिक नहीं, मनुष्य है

अधिमूल्यन से उत्पन्न बहुप्रशंसा और अतिव्याप्ति से उत्पन्न रुचिशीलता के इस समय में किसी के टेक्स्ट भर से आत्मीय होना, रचना और रचनाकार—दोनों के लिए—किसी पाठक को उदात्तता से भर देता है। देखने-सुनने-जानन

07 अगस्त 2026

अंतिम शय्या पर रवींद्रनाथ

अंतिम शय्या पर रवींद्रनाथ

श्रावण-मास! बारिश की झरझर में मानो मन का रुदन मिला हो। शाल-पत्तों के बीच से टपक रही हैं—आकाश-अश्रुओं की बूँदें। उनका मन उदास है। शरीर धीरे-धीरे कमज़ोर होता जा रहा है। शांतिनिकेतन का शांत वातावरण अशांत

26 जुलाई 2026

शशिभूषण द्विवेदी के नाम : बारह कथाकारों, दो कवियों और एक आलोचक के पत्र

शशिभूषण द्विवेदी के नाम : बारह कथाकारों, दो कवियों और एक आलोचक के पत्र

आज शशिभूषण द्विवेदी [26 जुलाई 1975—7 मई 2020] की जन्मतिथि है। वह आज सदेह होते, तब आज उनका बावनवाँ वर्ष लग जाता। एक रचनाकार रचना के लिए एक कंदरा का निर्माण करता है। इस कंदरा में वह संसार से थक-भागकर छ

23 जुलाई 2026

रज़ा स्मृति : सतपुड़ा, नर्मदा, बेमज़ा वक्ता

रज़ा स्मृति : सतपुड़ा, नर्मदा, बेमज़ा वक्ता

नर्मदा के किनारे, सतपुड़ा की तलहटी में बसे मंडला में हमारे पहुँचने के दिन से शायद ही कोई ऐसा दिन गुज़रा हो जब बारिश न हुई हो। लौटते-लौटते मुख्य पुल के बग़ल का ‘रपटा’, जिस पर कुछ दिन पहले तक स्थानीय लो

20 जुलाई 2026

क्रिस्टोफ़र नोलन की ‘द ओडिसी’ : होमर के महाकाव्य की उदास सिनेमाई पुनर्रचना

क्रिस्टोफ़र नोलन की ‘द ओडिसी’ : होमर के महाकाव्य की उदास सिनेमाई पुनर्रचना

एक राजा और महानायक होते हुए भी ओडिसस की ज़िंदगी कोई जश्न नहीं है, बल्कि एक लंबा इंतज़ार, एक बेबसी और ज़िंदगी के आख़िर में पसरा हुआ एक अंतहीन सन्नाटा है। यह एक ऐसे दुख की किरच के साथ घर लौटने की कहानी

17 जुलाई 2026

मुकुल शि‍वपुत्र : समदरसी है नाम तिहारो, चाहो तो पार करो

मुकुल शि‍वपुत्र : समदरसी है नाम तिहारो, चाहो तो पार करो

समदरसी है नाम तिहारो, चाहो तो पार करो ठुमरी सुनी। ख़याल भी। इंदौर और देवास में स्टेज के सामने दरी पर बैठकर घंटों सुना और जी भर के देखा भी उन्हें। लेकिन इन आयोजनों के दीगर कभी पकड़ में नहीं आए। बहु

09 जुलाई 2026

मार्जान सतरापी : एक स्त्री और पैग़म्बर बनने का ख़्वाब

मार्जान सतरापी : एक स्त्री और पैग़म्बर बनने का ख़्वाब

एक बात हमेशा से खटकती रही है और शायद आने वाले समय में और भी खटकने लगे, आख़िर क्यों किसी लेखक को सर्वविदित होने के लिए अपनी मौत का इंतिज़ार करना पड़ता है? एक उभरते और शायद गुज़रते हुए साहित्यकार बता र

07 जुलाई 2026

तीजनबाई और पंडवानी

तीजनबाई और पंडवानी

आज से बहुत साल पहले की बात है। एक छोटी-सी लड़की थी, सात-आठ बरस की। बारिश का मौसम उसको पसंद नहीं था, इसलिए बारिश के दिनों में वह पाठशाला नहीं जाने के लिए रोती थी। बारिश वाली सुबहों में वह नींद खुल जान

06 जुलाई 2026

तीजनबाई : इकतारे पर महाभारत

तीजनबाई : इकतारे पर महाभारत

अवसर था दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कालेज के वार्षिकोत्सव पल्लव की सांस्कृतिक संध्या का। वहाँ उपस्थित थीं कलाकार पद्मभूषण—तीजनबाई। दर्शकों की संख्या लगभग इतनी ही थी कि उँगली पर गिनी जा सके। मंच

06 जुलाई 2026

मणि कौल की ‘बादल द्वार’ : कविता को पर्दे पर संभव करने का सलीक़ा

मणि कौल की ‘बादल द्वार’ : कविता को पर्दे पर संभव करने का सलीक़ा

मणि कौल की फ़िल्म ‘बादल द्वार’ उन क्लासिक अप्रतिम फ़िल्मों में से है, जिसे हिंदी सिनेमा के दायरे से बाहर भी अतीव प्रशंसा मिली। पश्चिम जगत में सराहा जाना कोई उत्कृष्ट कृति का पैमाना नहीं है। मगर ‘बादल

02 जुलाई 2026

तपते सूरज और थियो की तलाश

तपते सूरज और थियो की तलाश

विन्सेंट वॉन गॉग के प्रति सदा एक आकर्षक बना रहा। उनकी पेंटिंग के कारण नहीं विन्सेंट से जुड़ी कहानियों के कारण। शेष संसार की तरह उनकी पेंटिंग को तो मैंने भी बहुत बाद में जाना। सबसे पहले मिलना हुआ स्टा

24 जून 2026

किम की-यंग : कोरियाई सिनेमा का एक असाधारण नाम

किम की-यंग : कोरियाई सिनेमा का एक असाधारण नाम

हम जब आज से लगभग एक दशक पूर्व कोरिया के बारे में सोचते थे, तो शायद अधिकांश लोगों के लिए उसका उत्तर अज्ञात ही रहता था। जिनकी समझ या रुचि थोड़ी अधिक विकसित थी, उनके मन में शायद किम जोंग उन का नाम आता र

21 जून 2026

‘कल्पना’ जैसा भोजपुरी में होना अब कल्पना ही है

‘कल्पना’ जैसा भोजपुरी में होना अब कल्पना ही है

वह इक्कीसवीं सदी की शुरुआत थी और वह बहुत उदास होकर गा रही थी—घरे छुट्टी लेके अउरी कुछ दिन रही ए बलम जी... और ठीक उसी वक़्त सैलून में बैठे लड़के यह तय कर रहे थे कि उन्हें बंबई नहीं, राजकोट भागकर जाना है

02 जून 2026

सुमन कल्याणपुर : स्वर और स्वर-भ्रम

सुमन कल्याणपुर : स्वर और स्वर-भ्रम

अँग्रेज़ी में एक कहन है : people who show you new music are important. मैं अक्सर अपने मित्रों और परिचितों को नए गीत भेजता रहता हूँ, कभी रेयर तो कभी कोई अनरिलीज़्ड गाना—इस गुमान के साथ कि मैं संगीत के

01 मई 2026

हिंदियाँ : लोक-भाषा के विस्तार का आयोजन

हिंदियाँ : लोक-भाषा के विस्तार का आयोजन

‘हिन्दवी’ द्वारा आयोजित यह विशेष कार्यक्रम ‘हिंदियाँ’ साहित्य और सिनेमा में लोक-भाषा की भूमिका और उसके विस्तार को केंद्र में रखेगा। इस आयोजन का आने वाले समय में भाषा, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति

29 अप्रैल 2026

इरफ़ान ख़ान : एक अभिनेता नहीं, एक संभावना

इरफ़ान ख़ान : एक अभिनेता नहीं, एक संभावना

हिंदी सिनेमा में अभिनय की जो परंपरा नसीरुद्दीन शाह, ओम पुरी, पंकज कपूर और रघुवीर यादव जैसे कलाकारों के माध्यम से तथाकथित मुख्यधारा में विकसित होती है, उसे इरफ़ान ख़ान ने नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। इरफ़

15 अप्रैल 2026

आशा भोसले : गीतों में बसी ज़िंदगी

आशा भोसले : गीतों में बसी ज़िंदगी

आशा भोसले भारतीय संगीत जगत और भारतीय फ़िल्म जगत में पार्श्व गायन का एक विराट नाम हैं। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था, “मैं भारतीय फ़िल्म गायन की अंतिम मुग़ल हूँ।” यह बात उनके लंबे संगीत जीवन, भार

15 अप्रैल 2026

आशा भोसले : स्वर, छवि और स्वर्णिम दौर की आख़िरी चमक

आशा भोसले : स्वर, छवि और स्वर्णिम दौर की आख़िरी चमक

आशा भोसले में एक चार्म है। वह छवि जो उनको सोचने से बनती है। वह जीवन के उस स्वरूप के अधिक निकट है जो इंसानी सुख-दुख, प्रेम-सौहार्द, ईर्ष्या-द्वेष जैसे मानवीय गुणों से मिलकर बनता है। यह उनकी बड़ी बहन [

27 मार्च 2026

जगह-जगह 2.0 : माई नेम इज़ रेड : फ़ारसी मिनिएचर, नक़्क़ाशख़ाना और पूर्व-पश्चिम का द्वंद्व

जगह-जगह 2.0 : माई नेम इज़ रेड : फ़ारसी मिनिएचर, नक़्क़ाशख़ाना और पूर्व-पश्चिम का द्वंद्व

चश्म’त बियाफ़रीद ब: हर दम हज़ार चश्म, ज़ीरा ख़ुदा ज़ क़ुदरत-ए-ख़ुद कुदरत’श ब-दाद [तुम्हारी आँखों ने हर साँस के साथ हज़ारों आँखें पैदा कर दीं, क्योंकि ख़ुदा ने अपनी क़ुदरत (शक्ति) से तुम्हारी नज़

27 मार्च 2026

भारतीय रंग-संस्थाओं पर मँडराता मौन संकट

भारतीय रंग-संस्थाओं पर मँडराता मौन संकट

इतिहास की कुछ घटनाएँ ऐसी होती हैं जिन्हें लोग उसी समय पहचान लेते हैं। वे स्पष्ट होती हैं और उनका असर तुरत दिखाई देने लगता है। लेकिन कला और संस्कृति की दुनिया में बदलाव अक्सर इस तरह सामने नहीं आते। कई

19 मार्च 2026

21वाँ मेटा थिएटर फ़ेस्टिवल आज से दिल्ली में

21वाँ मेटा थिएटर फ़ेस्टिवल आज से दिल्ली में

नई दिल्ली में रंगमंच प्रेमियों के लिए यह सप्ताह ख़ास होने जा रहा है। महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवॉर्ड्स [META] 2026 का 21वाँ संस्करण आज, 19 मार्च से दिल्ली में शुरू हो रहा है। कमानी ऑडिटोरियम में इ

08 मार्च 2026

बॉम्बे जयश्री की संगीत यात्रा

बॉम्बे जयश्री की संगीत यात्रा

मनुष्य होने के नाते हमारी स्मृतियाँ ही हमारी सबसे बड़ी पूँजी हैं। इन्हीं स्मृतियों के सहारे हम अपने अतीत को अर्थ देते हैं, वर्तमान को समझते हैं और भविष्य की दिशा तय करते हैं। यदि कोई व्यक्ति इस विश्व

22 फरवरी 2026

प्रेम के पाँच पत्र और प्रलोभन की एक कथा

प्रेम के पाँच पत्र और प्रलोभन की एक कथा

मेरानो, 15 जून 1920 मंगलवार इस अलस्सुबह मैंने फिर तुम्हें स्वप्न में देखा। हम साथ बैठे थे और तुम मुझे दूर कर रही थीं—ग़ुस्से से नहीं, सहज आत्मीयता से। मैं बेहद दुखी था। इसलिए नहीं कि तुम मुझे दूर

10 फरवरी 2026

दिल्ली में हो रहा है इशारा अंतरराष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फ़ेस्टिवल

दिल्ली में हो रहा है इशारा अंतरराष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फ़ेस्टिवल

इशारा अंतरराष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फ़ेस्टिवल का 22वाँ संस्करण 13 फ़रवरी से 22 फ़रवरी 2026 तक इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित किया जाएगा। इन दिनों में दुनिया के अलग-अलग देशों से आईं बेहतरीन कठपुतली प्र

01 फरवरी 2026

अरिजीत सिंह : पार्श्वगायन का बाणभट्ट

अरिजीत सिंह : पार्श्वगायन का बाणभट्ट

यह तुलना आपको विचित्र लग सकती है, लेकिन मेरे देखे वैश्विक स्तर पर भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय गायक अरिजीत को और किसी तरह परिभाषित किया जाना संभव नहीं है। वाणी बाणो बभूव ह! यह संस्कृत की एक प्रसिद

29 जनवरी 2026

हबीब तनवीर : साधारण में असाधारण की खोज

हबीब तनवीर : साधारण में असाधारण की खोज

नाट्य शास्त्र के पहले ही अध्याय में एक श्लोक है जो एक तरह से नाटक की परिभाषा है— योऽयम स्वभावां लोकस्य सुखदुखसमन्वितः सोंगभिनयोपेतो नाट्यमित्यभिधीयते।। यह जो लोक (फ़ोक का अनुवाद नहीं, बल्कि सम

25 जनवरी 2026

पंडित छन्नूलाल मिश्र : तकलीफ़ में गाने से ही सिद्धि मिलती है

पंडित छन्नूलाल मिश्र : तकलीफ़ में गाने से ही सिद्धि मिलती है

अगर हम गा पाते तो गाकर आपका बखान करते महाराज! लेकिन हमारी ज़िंदगी में लय नहीं है उतनी, इसमें खरज ज़्यादा है, ज़िंदगी का रियाज़ नहीं है, यह बेसुरी हो जाती है—बार-बार। इसलिए हम सिर्फ़ लिख पाएँगे। हम कोशिश क

24 जनवरी 2026

किम की डुक का सिनेमा : हिंसा और बर्बरता के आवरण में प्रेम और सौंदर्य की कल्पना

किम की डुक का सिनेमा : हिंसा और बर्बरता के आवरण में प्रेम और सौंदर्य की कल्पना

जापान से आधिपत्य ख़त्म होने के बाद 50 के दशक में उत्तर और दक्षिण कोरिया के गठन और अलग-अलग सिनेमा उद्योग बनने के बाद आज दक्षिण कोरियाई सिनेमा उद्योग को सिनेमा के जानकार ‘हैल्युवुड’ के नाम से पुकारते है

12 जनवरी 2026

यह ख़ाली जगह नहीं भरेगी

यह ख़ाली जगह नहीं भरेगी

एक जनवरी को वह जब इस दुनिया में आया था, कड़ाके की ठंड थी। नए साल की सौगात लेकर वह आया था। तब देश आज़ाद भी नहीं था। किसे पता था यह बालक कितने लोगों के जीवन में आज़ादी लेकर आएगा—विचारों की आज़ादी। जिस

22 दिसम्बर 2025

तारकोवस्की का सिनेमा : एक कलाकार की हैसियत से

तारकोवस्की का सिनेमा : एक कलाकार की हैसियत से

बात 14 अगस्त 1986 की है। आन्द्रे तारकोवस्की पेरिस के किसी अस्पताल में मौत से लड़ रहे थे। इधर कान फ़िल्म फ़ेस्टिवल में उनकी उस फ़िल्म की स्क्रीनिंग हो रही थी, जिसे उन्होंने अपने बेटे की नज़्र किया था। यह

20 दिसम्बर 2025

बालमुकुंद गुप्त के भूले-बिसरे साहित्यिक घराने की ओर

बालमुकुंद गुप्त के भूले-बिसरे साहित्यिक घराने की ओर

कल रात बारिश और आँधी आई थी तो मौसम ने भी प्रतिदिन की आदत को छोड़ते हुए हम पर रहम किया और सूर्य देवता काफ़ी देर तक ग़ायब ही रहे तथा बादलों ने ख़ुद को ढाल बनाकर हमें शीतलता प्रदान की। महेंद्रगढ़, ऐसी ज

13 दिसम्बर 2025

कहानी : आकांक्षा

कहानी : आकांक्षा

मेरे हाथ में संडे का अख़बार है। मेरे बाजू के स्टूल पर सुबह की पहली चाय का कप। स्मिता भी चाय पी रही है। बरसों पहले फ़्रेम करवायी गई रवींद्रनाथ ठाकुर की यह तस्वीर किताबों की रैक के नीचे टंगी है। रवी बा

10 दिसम्बर 2025

अनुवाद का द्वंद्व : भक्ति-काव्य की सार्वभौमिक अनुगूँजें

अनुवाद का द्वंद्व : भक्ति-काव्य की सार्वभौमिक अनुगूँजें

दिलीप पुरुषोत्तम चित्रे (1938–2009) आधुनिक मराठी साहित्य के प्रमुख कवि, आलोचक, अनुवादक, चित्रकार और फ़िल्मकार थे; जिन्होंने मराठी और अँग्रेज़ी—दोनों भाषाओं में अपनी रचनात्मकता का विस्तार किया। बड़ौदा

05 दिसम्बर 2025

बीथोवन के संगीत के लिए

बीथोवन के संगीत के लिए

दुनिया को हिटलर के ‘होलोकास्ट’ के लिए नहीं, बीथोवन की ‘सिम्फ़नी’ के लिए याद रखा जाना चाहिए। हिटलर की नफ़रत से और उसके द्वारा की गईं यहूदियों और उनके बच्चों की हत्याओं के बाद भी यह दुनिया ख़त्म नहीं ह

04 दिसम्बर 2025

उद्भ्रांत की आत्मकथा : हिंदी साहित्य की अनमोल धरोहर

उद्भ्रांत की आत्मकथा : हिंदी साहित्य की अनमोल धरोहर

उद्भ्रांत हिंदी साहित्य की उस पीढ़ी के प्रतिनिधि कवि हैं, जिन्होंने ‘नई कविता’ के बाद सातवें दशक में छंद में हाथ आज़माते हुए, कविता के अन्य आंदोलनों के बीच अपनी जगह बनाई—यद्यपि बाद में उन्होंने अपने स

02 दिसम्बर 2025

हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शब्दकोश : पंडित अमरनाथ की विरासत को नया आयाम

हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शब्दकोश : पंडित अमरनाथ की विरासत को नया आयाम

26 नवंबर, 2025 को नई दिल्ली में शास्त्रीय संगीत गुरु पंडित अमरनाथ द्वारा रचित ‘हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शब्दकोश’ के हिंदी संस्करण का लोकार्पण इंडिया इंटरनेशनल सेंटर-एनेक्स में हुआ। इस अवसर पर

02 दिसम्बर 2025

क्रेज़ी किया रे : AI के दौर में मौलिकता की बात

क्रेज़ी किया रे : AI के दौर में मौलिकता की बात

21 नवंबर को मंचित नाटक ‘क्रेज़ी किया रे’ ने एक बार फिर यह सशक्त संदेश दिया कि जब व्यक्ति अपनी मौलिकता छोड़कर किसी और की नक़ल में डूब जाता है, तो वह अनजाने में ही हास्य का पात्र बन जाता है। समाज में ऊ

16 नवम्बर 2025

दिसंबर में होगा कोच्चि–मुज़िरिस बिएनाले का छठा संस्करण

दिसंबर में होगा कोच्चि–मुज़िरिस बिएनाले का छठा संस्करण

भारत की सर्वाधिक प्रतिष्ठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त समकालीन कला प्रदर्शनी कोच्चि–मुज़िरिस बिएनाले (Kochi-Muziris Biennale) का छठा संस्करण 12 दिसंबर, 2025 से केरल के ऐतिहासिक समुद्री

13 नवम्बर 2025

इस बार शांतिनिकेतन में होगा ‘संगमन’

इस बार शांतिनिकेतन में होगा ‘संगमन’

वर्ष 1993 में कानपुर से शुरू हुआ रचनात्मक व बौद्धिक हस्तक्षेप के सहकारी उपक्रम ‘संगमन’ का 26वाँ आयोजन देश के विभिन्न राज्यों से गुज़रता हुआ इस बार शांतिनिकेतन (पश्चिम बंगाल) में हो रहा है। तारीख़ें हैं

10 नवम्बर 2025

लास्ज़लो क्रास्ज़्नाहोरकाई : विनाशकारी भविष्य की आहटों को सुनने वाला लेखक

लास्ज़लो क्रास्ज़्नाहोरकाई : विनाशकारी भविष्य की आहटों को सुनने वाला लेखक

लास्ज़लो क्रास्ज़्नाहोरकाई साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले दूसरे हंगेरियन लेखक हैं। उनसे पहले यह सम्मान दिवंगत इमरे केर्तेश (Imre Kertész) (1929 –2016) को मिला था, जिनकी हंगरी के बाहर