23 अक्तूबर 2026
हिंदी का आलोचक : पाँच कटाउज और एक कालजयी उपन्यास की तलाश
अगर आप हिंदी में उपन्यास लिखने की गुस्ताख़ी कर चुके हैं (या करने की सोच रहे हैं), तो मेरी पहली सलाह होगी कि पहले अपना कव
08 अक्तूबर 2026
कविता समारोह नहीं, कविता : ‘वीरेनियत’ का आठवाँ आयोजन कल
हिंदी के महत्त्वपूर्ण कवि वीरेन डंगवाल की स्मृति में आयोजित वार्षिक कविता-पाठ ‘वीरेनियत’ का आठवाँ आयोजन 9 अक्टूबर को जवा
28 अगस्त 2026
हिन्दवी उत्सव : कविता, आलोचना और संगीत के बीच एक दिन
मेरी इच्छा थी कि मैं ‘हिन्दवी उत्सव’ की रपट को किसी कविता से शुरू करूँ, लेकिन डर था कि कहीं रपट छोड़कर उस कविता को निशाने
25 अगस्त 2026
धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : यही सब आज का हिंदी साहित्य है
गताध्याय से आगे... नौ उदय का दुख यह नहीं था कि वह ब्राह्मणों के बीच अछूत है, बल्कि यह है कि वह पिछड़े और एससी के ब
23 अगस्त 2026
बिंदुघाटी 2.0 : ‘हिन्दवी’ अपना उत्सव लेकर इलाहाबाद आ तो गया, लेकिन यहाँ से जा नहीं पाएगा
• ‘हिन्दवी’ अपना उत्सव लेकर इलाहाबाद आ तो गया, लेकिन यहाँ से पूरी तरह जा नहीं पाएगा। यह मज़ाक नहीं है, इसके मा’नी तक पहुँ
22 अगस्त 2026
हिन्दवी उत्सव : 23 अगस्त को इलाहाबाद के पथ पर
प्रिय हिंदी-प्रेमियो, हम आपको सहर्ष यह सूचित कर रहे हैं कि ‘रेख़्ता फ़ाउंडेशन’ का उपक्रम ‘हिन्दवी’—हिंदी-साहित्य-संस्क
20 अगस्त 2026
गगन गिल से संवाद : स्त्री होने से कोई स्त्री लेखक थोड़े ही हो जाता है
गगन गिल हिंदी कविता का वह स्वर हैं, जिन्हें किसी एक वाद या विमर्श के दायरे में रखकर समझना संभव नहीं। अपनी ही सीमाओं को ल
20 अगस्त 2026
ज्ञानेंद्रपति को पढ़ना : चीज़ों की बनी-बनाई शक्ल पर संदेह करना
मुझे चेतना पारीक याद रहती हैं। कैसी सहज उभरी शिष्टता में उनके लिए आदरसूचक ‘हैं’ लिख रहा हूँ। वह अलहदा और उतने ही मख़्सूस
19 अगस्त 2026
प्रियंवद का रचनालोक : जहाँ मनुष्य नैतिक नहीं, मनुष्य है
अधिमूल्यन से उत्पन्न बहुप्रशंसा और अतिव्याप्ति से उत्पन्न रुचिशीलता के इस समय में किसी के टेक्स्ट भर से आत्मीय होना, रचन
18 अगस्त 2026
धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : अब पद नहीं, कुपद चलता है
गताध्याय से आगे... आठ उदय के बड़े-बुज़ुर्गों ने उदय से कभी पूछा ही नहीं कि तुम्हें हुआ क्या है, तुम क्यों दुखी रहते
18 अगस्त 2026
गद्य की स्वरलिपि का संधान
हिंदी के काव्य-पाठ को लेकर आम राय शायद यह है कि वह काफ़ी लद्धड़ होता है जो वह है; वह निष्प्रभ होता है, जो वह है, और वह क
07 अगस्त 2026
वासुदेव शरण अग्रवाल : विंध्य से लेकर हिमालय तक का जनपद हमें पुकार रहा है
कपिला वात्स्यायन ने कहा था कि शब्द उनकी लाठी थे। वह उसका एक सिरा पकड़कर ही भारतीय ज्ञान-परंपरा की गहराइयों में प्रवेश कर
01 अगस्त 2026
‘मसिजीवी होना तो भूखे मरना है’
खिड़की के सीखचों पर फड़फड़ाते हुए कबूतर आकर बैठते हैं और फिर उड़ जाते हैं। यह जोधपुर में अप्रैल-2019 की एक दुपहर है—इ
31 जुलाई 2026
मास्टर की अरथी नहीं थी, आशिक़ का जनाज़ा था
जीवन मुश्किल चीज़ है—तिस पर हिंदी-लेखक की ज़िंदगी—जिसके माथे पर रचना की राह चलकर शहीद हुए पुरखे लेखक की चिता की राख लगी हु
31 जुलाई 2026
अपने-अपने झोले : अपने-अपने प्रेमचंद
फिर इलाहाबाद। तारीख़ें 22, 23, 24 और 25 फ़रवरी। चुनी हुई जगह—हिंदुस्तानी अकादेमी का सभागार, सन् 1981 वे अपनी बलिष्ठ भ
28 जुलाई 2026
धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : हिंदी में निर्लज्जता की परंपरा
गताध्याय से आगे... पाँच दोस्ती के बारे में कई ज्योतिषियों ने दो बातें बताईं। पहली बात यह कि इस कलिकाल में सच्ची म
28 जुलाई 2026
नामवर सिंह की आलोचना-यात्रा : वैचारिक विकास और सैद्धांतिक हस्तक्षेप
हिंदी आलोचना के वृहत् परिदृश्य में नामवर सिंह की उपस्थिति एक ऐसे मील के पत्थर की तरह है, जिनका व्यक्तित्व और कृतित्व दोन
19 जून 2026
गीत चतुर्वेदी से दस सवाल : मुझे ‘एक सही ख़याल’ चाहिए
गीत चतुर्वेदी (जन्म : 1977) हिंदी के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले समकालीन लेखकों में से एक हैं। कविताओं की तीन किताबों सहित उन
07 जून 2026
रविवासरीय 4.0 : एक हिंदी लेखक की ज़िंदगी
• एक हिंदी लेखक के जीवन की सुबह सूचनाओं से और रात उपन्यास से होती है। वह दुपहर से शाम तक ख़राब सिनेमा के असर में रहता है।
06 मई 2026
‘अर्थात्’ की छठी कड़ी : प्रगतिवाद पर बात
चैत्र में बसंत के उनींदे से जागा ग्रीष्म वैशाख में अपना वैभव खोजता है। दुपहरें अपनी दीर्घता से ऊबकर अलसाती हैं और निस्पं
02 अप्रैल 2026
गद्य होती कविता, थकता हुआ कवि
जिस दौरान नवंबर बीत रहा था, उसी दौरान घर में एक नया जीवन उतर रहा था। मेरा मन हर घड़ी लगभग बैठा जाता था। लगभग घंटे दो घंटे
15 मार्च 2026
रविवासरीय 4.0 : सुरेन्द्र मोहन पाठक के ख़िलाफ़
• एक ख़ाकसार मनुष्य के एक ख़ाकसार पुल पर एक ख़ाकसार उपन्यासकार से गए सोमवार टकराना हुआ। ख़ाकसार उपन्यासकार काफ़ी लोकप्रिय
07 मार्च 2026
‘नई सृष्टि नई स्त्री’ की छठी सूची
वर्ष 2021 में हमने हिन्दवी पर नई सृष्टि नई स्त्री के अंतर्गत ऐसी 21 नई स्त्री-कवियों की कविताएँ प्रस्तुत कीं, जिन्होंने
03 मार्च 2026
दैनिक भास्कर लेकर आया है कविता-प्रतियोगिता
आगामी 21 मार्च को विश्व कविता दिवस के उपलक्ष्य में ‘दैनिक भास्कर’ एक विशेष पहल के रूप में ‘कविता उत्सव’ का आयोजन कर रहा
19 फरवरी 2026
क्या हम परिवार को देश की तरह देख सकते हैं?
हमारे सामने एक विकट प्रश्न खड़ा हो गया है। क्या हमारे परिवार ख़त्म हो जाएंगे? इस मामले में नहीं कि हमारे परिवार के लोग ए
29 जनवरी 2026
चेतना के दस द्वीप : प्रयागराज की साहित्यिक विरासत और प्रतिरोध की गूँज
वरिष्ठ कवि हरिशचंद्र पांडे की अध्यक्षता में मंगलवार, 27 जनवरी को चौधरी महादेव प्रसाद महाविद्यालय (सीएमपी डिग्री कॉलेज),
27 जनवरी 2026
नए साल की रात, 'पहल' की विरासत और अजित पुष्कल की स्मृतियाँ
शाम के सात बज चुके थे और अब इस समय पर लखनऊ के लिए बस पकड़ने का आशय यह होता कि रात के लगभग बारह बजे के आस-पास या उससे थोड
23 जनवरी 2026
ज्ञानरंजन के मनोहर का ‘बहिर्गमन’ उर्फ़ ‘पिता’ को रुमाल की ज़रुरत है...
नौ दशक का एक सुदीर्घ और शानदार जीवन जीकर ज्ञानरंजन हमें छोड़ कर चले गए। वह मनोहर की तरह प्रस्थान करते हुए रुमाल हिला रहे
22 जनवरी 2026
फिर भी : कमलेश्वर की लिखी एक दुर्लभ फ़िल्म
पापा, क्यों सब लोग मिलकर; मुझे तुमसे अलग करना चाहते हैं? मुझे और पुरुषों से कुछ भी लेना-देना नहीं है। अगर तुम मेरे साथ न
16 जनवरी 2026
विष्णु खरे के इर्द-गिर्द
समादृत कवि-आलोचक और कला-प्रशासक अशोक वाजपेयी आज 86वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए यहाँ प्रस्त
16 जनवरी 2026
छंद-छंद पर कुमकुम : समकालीन छंदबद्ध कविता का विशेष आयोजन
समकालीन कविता के परिदृश्य में जहाँ मुक्तछंद की उपस्थिति व्यापक है; वहीं छंदबद्ध कविता आज भी अपनी लय, अनुशासन और संगीतात्
15 जनवरी 2026
रघुवर प्रसाद और सोनसी की दुनिया का रचयिता
1 जनवरी 2026 को विनोद कुमार शुक्ल 89 वर्ष के हो जाते लेकिन उसके नौ दिन पहले ही वह इस दुनिया से चले गए। हिंदी साहित्य में
15 जनवरी 2026
गोपेश्वर सिंह की आलोचना-पद्धति के कुछ पक्ष
गोपेश्वर सिंह की आलोचना-पद्धति के बारे में बात करने का यह अर्थ नहीं है कि वह शास्त्रीय या सैद्धांतिक आलोचना लिखते हैं। उ
14 जनवरी 2026
घर में है नायाब
एक मृदुला गर्ग समकालीन हिंदी रचना-जगत् की सर्वाधिक समादृत लेखिका होने के साथ सर्वाधिक वरिष्ठ और हमारे सौभाग्य से सर्व
17 नवम्बर 2025
नई कविता और संवाद का दूसरा पड़ाव
‘नई कविता’ के अनेक आयामों पर विभिन्न दृष्टिकोणों से बहस होने के बाद भी इसमें लगातार कुछ नए की तलाश बनी रहती है। इसके कें
13 नवम्बर 2025
इस बार शांतिनिकेतन में होगा ‘संगमन’
वर्ष 1993 में कानपुर से शुरू हुआ रचनात्मक व बौद्धिक हस्तक्षेप के सहकारी उपक्रम ‘संगमन’ का 26वाँ आयोजन देश के विभिन्न राज
13 नवम्बर 2025
जन्मतिथि विशेष : मुक्तिबोध : आत्मा के मित्र को स्नेहांजलि
यह सभा एक बंधु के निधन पर एक कवि के अपने रचना-क्षेत्र हो उठ जाने पर, दुःख प्रकट करने और शोक-संतप्त परिवार को हम सबकी संव
02 नवम्बर 2025
कवियों के क़िस्से वाया AI
भरतपुर की वह दुपहर साहित्य की ऊष्मा से भरी हुई थी। हवा में हल्की गर्मी थी, लेकिन सभा-गृह के भीतर विचारों की शीतल छाया पस
23 अक्तूबर 2025
सिनेमा में प्रेमचंद : साहित्य, बाज़ार और प्रतिरोध
“जिन हाथों में फ़िल्म की क़िस्मत है, वे बदक़िस्मती से इसे इंडस्ट्री समझ बैठे हैं। इंडस्ट्री को ‘मज़ाक़’ और इसलाह से क्या
06 अक्तूबर 2025
अगम बहै दरियाव, पाँड़े! सुगम अहै मरि जाव
एक पहलवान कुछ न समझते हुए भी पाँड़े बाबा का मुँह ताकने लगे तो उन्होंने समझाया : अपने धर्म की व्यवस्था के अनुसार मर
04 अक्तूबर 2025
रामचंद्र शुक्ल, हिंदी शब्दसागर और नागरीप्रचारिणी सभा
आज हिंदी के शीर्षस्थ आलोचक और साहित्य के इतिहासकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल की जयंती है। काशी नागरीप्रचारिणी सभा शुक्लजी की
23 सितम्बर 2025
विनोद कुमार शुक्ल : 30 लाख क्या चीज़ है!
जनवरी, 2024 में मैंने भोपाल छोड़ दिया था। यानी मैंने अपना कमरा छोड़ दिया था। फिर आतंरिक परीक्षा और सेमेस्टर की परीक्षाओं क
13 सितम्बर 2025
हिंदी दिवस पर जागरण कनेक्ट और ‘हिन्दवी’ का विशेष आयोजन : ‘उत्सव हिन्दी का’
हिंदी दिवस केवल एक तारीख़ नहीं है, बल्कि यह दिन हमें हमारी भाषा के महत्त्व और गरिमा की याद दिलाता है। यह दिन हमें यह सोच
13 अगस्त 2025
ज्ञानरंजन और उनकी ‘संगत’ के बहाने
मैं ‘हिन्दवी’ का पुराना पाठक-दर्शक हूँ। ‘संगत’ का जब पहला एपिसोड आया, तब मैं बहुत ख़ुश हुआ था। ‘संगत’ के उस एपिसोड के मा
01 अगस्त 2025
प्रेमचंद-जयंती पर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में प्रेमचंद की कहानियों की नाट्य-प्रस्तुति
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग ने प्रेमचंद-जयंती के अवसर पर 31 जुलाई 2025 को एक विशेष नाट्
28 जुलाई 2025
तमाशे के पार : हिंदी साहित्य की नई पीढ़ी और एक लेखक की आश्वस्ति
इन दिनों साहित्य की दुनिया किसी मेले की तरह लगती है—शब्दों का मेला नहीं, विवादों और आक्षेपों का मेला। सोशल मीडिया की स्क
25 जुलाई 2025
मृदुला गर्ग : सादगी, गहराई और ईमानदारी
मेरी औरतों ने कभी अपराधबोध नहीं महसूस किया। इससे लोगों को ठेस पहुँची। मेरा स्त्रीवाद यह नहीं कहता कि सब एक जैसी हों—मेरा
24 जुलाई 2025
राहगीर : हिंदी कविता-संगीत का रॉकस्टार
बीसवीं सदी के तीसरे और चौथे दशक में जब अमेरिका महामंदी और डस्ट बॉउल (धूलभरी आँधी) से जूझ रहा था, उस समय होबो (घुमक्कड़ मज़
23 जुलाई 2025
अशोक वाजपेयी : सच्चाई के रूपक
समादृत कवि-आलोचक और कला-प्रशासक अशोक वाजपेयी इस बार के ‘हिन्दवी उत्सव’ में कविता-पाठ के लिए आमंत्रित हैं। यहाँ प्रस्तुत
19 जुलाई 2025
‘संगत’ के सौ एपिसोड हुए पूरे, हो रही है ख़ूब चर्चा
हिंदी भाषा और साहित्य को समर्पित ‘हिन्दवी’ ने साहित्य-संस्कृति-संसार के समादृत-सम्मानित-सुपरिचित व्यक्तित्वों के वीडियो