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संगीत पर बेला

रस की सृष्टि करने वाली

सुव्यवस्थित ध्वनि को संगीत कहा जाता है। इसमें प्रायः गायन, वादन और नृत्य तीनों शामिल माने जाते हैं। यह सभी मानव समाजों का एक सार्वभौमिक सांस्कृतिक पहलू है। विभिन्न सभ्यताओं में संगीत की लोकप्रियता के प्रमाण प्रागैतिहासिक काल से ही प्राप्त होने लगते हैं। भर्तृहरि ने साहित्य-संगीत-कला से विहीन व्यक्ति को पूँछ-सींग रहित साक्षात् पशु कहा है। इस चयन में संगीत-कला को विषय बनाती कविताओं को शामिल किया गया है।

21 जून 2026

‘कल्पना’ जैसा भोजपुरी में होना अब कल्पना ही है

‘कल्पना’ जैसा भोजपुरी में होना अब कल्पना ही है

वह इक्कीसवीं सदी की शुरुआत थी और वह बहुत उदास होकर गा रही थी—घरे छुट्टी लेके अउरी कुछ दिन रही ए बलम जी... और ठीक उसी वक़्

02 जून 2026

सुमन कल्याणपुर : स्वर और स्वर-भ्रम

सुमन कल्याणपुर : स्वर और स्वर-भ्रम

अँग्रेज़ी में एक कहन है : people who show you new music are important. मैं अक्सर अपने मित्रों और परिचितों को नए गीत भेजता

22 मई 2026

DJ वाले बाबू आजकल बिहार में जो बजा रहे हैं...

DJ वाले बाबू आजकल बिहार में जो बजा रहे हैं...

अगर किसी विदेशी शोधार्थी को बिहार का समकालीन समाज समझाना हो, तो मैं उसे एक क़स्बाई शादी में भेजना पसंद करूँगा। वहाँ उसे ब

15 मई 2026

जगह-जगह 2.0 : चौरंगी, होटल कैलिफ़ोर्निया और गॉडफ़ादर

जगह-जगह 2.0 : चौरंगी, होटल कैलिफ़ोर्निया और गॉडफ़ादर

जगहें कैसे बनती हैं? तुम्हारे और मेरे बैठने से पहले, समंदर किनारे पड़े उन पत्थरों को क्या ‘जगह’ कहा जाए? फ़िल्म ‘रंगीला’

15 अप्रैल 2026

आशा भोसले : गीतों में बसी ज़िंदगी

आशा भोसले : गीतों में बसी ज़िंदगी

आशा भोसले भारतीय संगीत जगत और भारतीय फ़िल्म जगत में पार्श्व गायन का एक विराट नाम हैं। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था

15 अप्रैल 2026

आशा भोसले : स्वर, छवि और स्वर्णिम दौर की आख़िरी चमक

आशा भोसले : स्वर, छवि और स्वर्णिम दौर की आख़िरी चमक

आशा भोसले में एक चार्म है। वह छवि जो उनको सोचने से बनती है। वह जीवन के उस स्वरूप के अधिक निकट है जो इंसानी सुख-दुख, प्रे

08 मार्च 2026

बॉम्बे जयश्री की संगीत यात्रा

बॉम्बे जयश्री की संगीत यात्रा

मनुष्य होने के नाते हमारी स्मृतियाँ ही हमारी सबसे बड़ी पूँजी हैं। इन्हीं स्मृतियों के सहारे हम अपने अतीत को अर्थ देते है

01 फरवरी 2026

अरिजीत सिंह : पार्श्वगायन का बाणभट्ट

अरिजीत सिंह : पार्श्वगायन का बाणभट्ट

यह तुलना आपको विचित्र लग सकती है, लेकिन मेरे देखे वैश्विक स्तर पर भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय गायक अरिजीत को और किसी तरह प

25 जनवरी 2026

पंडित छन्नूलाल मिश्र : तकलीफ़ में गाने से ही सिद्धि मिलती है

पंडित छन्नूलाल मिश्र : तकलीफ़ में गाने से ही सिद्धि मिलती है

अगर हम गा पाते तो गाकर आपका बखान करते महाराज! लेकिन हमारी ज़िंदगी में लय नहीं है उतनी, इसमें खरज ज़्यादा है, ज़िंदगी का रिय

05 दिसम्बर 2025

बीथोवन के संगीत के लिए

बीथोवन के संगीत के लिए

दुनिया को हिटलर के ‘होलोकास्ट’ के लिए नहीं, बीथोवन की ‘सिम्फ़नी’ के लिए याद रखा जाना चाहिए। हिटलर की नफ़रत से और उसके द

02 दिसम्बर 2025

हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शब्दकोश : पंडित अमरनाथ की विरासत को नया आयाम

हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शब्दकोश : पंडित अमरनाथ की विरासत को नया आयाम

26 नवंबर, 2025 को नई दिल्ली में शास्त्रीय संगीत गुरु पंडित अमरनाथ द्वारा रचित ‘हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शब्दकोश’

01 नवम्बर 2025

बेगम अख़्तर और लखनऊ का पसंदबाग़

बेगम अख़्तर और लखनऊ का पसंदबाग़

सवेरा कमरे में पसर गया था इसलिए हमें उठना पड़ा। कमरे का दरवाज़ा खुलते ही बालकनी शुरू हो जाती, जहाँ से मंदिर का शिखर दिखत

29 अक्तूबर 2025

कहाँ गए वे लोकगीतों वाले दिन

कहाँ गए वे लोकगीतों वाले दिन

कभी-कभी मेरे मन में एक दृश्य उतरता है। दृश्य—घनघोर बारिश का। चारों तरफ़ पानी-ही-पानी। मैं अकेले किसी वृक्ष के नीचे बैठा

26 अगस्त 2025

'सारा दिन सड़कों पे ख़ाली रिक्शे-सा पीछे-पीछे चलता है'

'सारा दिन सड़कों पे ख़ाली रिक्शे-सा पीछे-पीछे चलता है'

हमारी नई-नई शादी हुई थी और मैंने शिवानी से कहा, “अच्छा तुम्हें एक बात बताता हूँ।”  उसने सिर हिलाया।  मैंने कहा, “त

29 जुलाई 2025

मालिनी अवस्थी संग 31 जुलाई को बरसेगा सावन झूम-झूम के...

मालिनी अवस्थी संग 31 जुलाई को बरसेगा सावन झूम-झूम के...

इस सावन दिल्ली केवल बारिश में नहीं भीगेगी, बल्कि भारतीय लोक-परंपराओं की आत्मा को छू लेने वाली सुर-धारा में भी सराबोर हो

25 जुलाई 2025

वाचिक : परंपरा का नवोन्मेष

वाचिक : परंपरा का नवोन्मेष

‘रेख़्ता फ़ाउंडेशन’ का उपक्रम ‘हिन्दवी’—हिंदी-साहित्य-संस्कृति-कला-संसार को समर्पित अपने वार्षिकोत्सव—‘हिन्दवी उत्सव’ के

24 जुलाई 2025

स्वानंद किरकिरे : सिनेमा-संगीत की दुनिया का बावरा मन

स्वानंद किरकिरे : सिनेमा-संगीत की दुनिया का बावरा मन

कला की बहुरंगी दुनिया में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं, जो अपनी प्रतिभा के दम पर एक साथ कई क्षेत्रों में अपनी अमिट छाप छोड़ते

24 जुलाई 2025

राहगीर : हिंदी कविता-संगीत का रॉकस्टार

राहगीर : हिंदी कविता-संगीत का रॉकस्टार

बीसवीं सदी के तीसरे और चौथे दशक में जब अमेरिका महामंदी और डस्ट बॉउल (धूलभरी आँधी) से जूझ रहा था, उस समय होबो (घुमक्कड़ मज़

09 जुलाई 2025

गुरु दत्त : कुछ कविताएँ

गुरु दत्त : कुछ कविताएँ

क्या तलाश है, कुछ पता नहीं* वह पीता रहा अपनी ज़िंदगी को एक सिगरेट की तरह तापता रहा अपनी उम्र को एक अलाव की तरह और

08 जुलाई 2025

काँदनागीत : आँसुओं का गीत

काँदनागीत : आँसुओं का गीत

“स्त्रियों की बात सुनने का समय किसके पास है? स्त्रियाँ भी स्त्रियों की बात नहीं सुनना चाहतीं—ख़ासकर तब, जब वह उनके दुख-दर

13 जून 2025

मेहदी हसन : ‘पी के हम-तुम जो चले झूमते मैख़ाने से...’

मेहदी हसन : ‘पी के हम-तुम जो चले झूमते मैख़ाने से...’

मैं वर्ष 1977 में झुंझुनू से जयपुर आ गया था—राजस्थान विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम.ए. करने के लिए। वह अक्टूबर का

11 जून 2025

दिल्ली में ‘मुंबई स्टार’

दिल्ली में ‘मुंबई स्टार’

नादिर ख़ान द्वारा निर्देशित और अवंतिका बहल द्वारा कोरियोग्राफ किया गया, एक बेहतरीन डांस म्यूजिकल द ड्रैगन रोज़ प्रोजेक्ट

11 मार्च 2025

मैं काली हूँ! काली हूँ, काली!

मैं काली हूँ! काली हूँ, काली!

यह भी ब्लैक हिस्ट्री का एक चमकदार अध्याय है। 2 फ़रवरी 2025 की रात कैलिफ़ोर्निया में अफ़्रीकन-अमेरिकन सिंगर-डांसर बियोन्से न

03 मार्च 2025

क़व्वाली का ‘हाँ-हाँ दुर्योधन बाँध मुझे’ मोमेंट

क़व्वाली का ‘हाँ-हाँ दुर्योधन बाँध मुझे’ मोमेंट

क़व्वाल उस्ताद फ़रीद अयाज़ और उस्ताद अबू मुहम्मद की एक शाम यूट्यूब पर क़ैद है। दूर शहर। घर की अंतरंग महफ़िल। हारमोनियम,

31 जनवरी 2025

शैलेंद्र और साहिर : जाने क्या बात थी...

शैलेंद्र और साहिर : जाने क्या बात थी...

शैलेंद्र और साहिर लुधियानवी—हिंदी सिनेमा के दो ऐसे नाम, जिनकी लेखनी ने फ़िल्मी गीतों को साहित्यिक ऊँचाइयों पर पहुँचाया।

29 जनवरी 2025

भारंगम का भव्य आरंभ

भारंगम का भव्य आरंभ

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली में—भारत रंग महोत्सव के 25वें संस्करण की भव्य शुरुआत ‘रंग संगीत’ आयोजन से हुई। इस सा

18 दिसम्बर 2024

ज़ाकिर हुसैन : एक उस्ताद का जीवन

ज़ाकिर हुसैन : एक उस्ताद का जीवन

इतना बोलता हुआ, इतना प्रसन्नमन, ऊर्जस्वी और संगीतमय मनुष्य आपने उनके पहले कब देखा था? उस्ताद ज़ाकिर हुसैन कुल मिलाकर 73

04 दिसम्बर 2024

लौट रहा है महिंद्रा कबीरा फ़ेस्टिवल

04 दिसम्बर 2024

लौट रहा है महिंद्रा कबीरा फ़ेस्टिवल

महिंद्रा कबीरा फ़ेस्टिवल—जो संगीत, साहित्य और आध्यात्मिकता का एक अद्भुत संगम है, अपने आठवें संस्करण के साथ 13 दिसंबर से

10 नवम्बर 2024

कवि बनने के लिए ज़रूरी नहीं है कि आप लिखें

कवि बनने के लिए ज़रूरी नहीं है कि आप लिखें

‘बीटनिक’, ‘भूखी पीढ़ी’ और ‘अकविता’ क्या है, यह पहचानता हूँ, और क्यों है, यह समझता हूँ। इससे आगे उनपर विचार करना आवश्यक नह

06 नवम्बर 2024

फूल की थरिया से छिटकती झनकार की तरह थीं शारदा सिन्हा!

फूल की थरिया से छिटकती झनकार की तरह थीं शारदा सिन्हा!

कहते हैं फूल की थरिया को लोहे की तीली से गर छेड़ दिया जाए तो जो झनकार निकलेगी वह शारदा सिन्हा की आवाज़ है। कोयल कभी बेसुरा

06 नवम्बर 2024

शारदा सिन्हा : ‘हमरा के कहाँ छोड़ले जाइछी रे गवनवा...’

शारदा सिन्हा : ‘हमरा के कहाँ छोड़ले जाइछी रे गवनवा...’

‘अपने त जाय छी प्रभु देस रे बिदेसवा से, हमरा के...’  पर कहाँ जा पाएँगी इस देस से? काश ‘घोड़ा के लगमवा’ थाम के रोका जा सक

09 अक्तूबर 2024

बनारस के गंगा घाट पर होने जा रहा है तीन दिनों का ‘संगीत परिसंवाद’

बनारस के गंगा घाट पर होने जा रहा है तीन दिनों का ‘संगीत परिसंवाद’

15, 16 और 17 अक्टूबर, 2024 को वाराणसी के गंगातट पर एक तीन दिवसीय ‘संगीत परिसंवाद’ का आयोजन होने जा रहा है। छह सत्रों में

12 सितम्बर 2024

श्रद्धांजलि : लोकगायक मांगे ख़ान मांगणियार

श्रद्धांजलि : लोकगायक मांगे ख़ान मांगणियार

भूली चूकी करज्यो म्हाने माफ़ म्हारा मनड़ा मेळू रे राजस्थान के मांगणियार समाज का एक स्वर खो गया। मांगे ख़ान दिल्ली के एक

03 सितम्बर 2024

कलाकारों के जीवन की मार्मिक कहानी

कलाकारों के जीवन की मार्मिक कहानी

नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (National School of Drama) 23 अगस्त से 9 सितंबर 2024 के बीच हीरक जयंती नाट्य सम

08 अगस्त 2024

सिद्धेश्वरी : मौन और ध्वनि की एक सिम्फ़नी

सिद्धेश्वरी : मौन और ध्वनि की एक सिम्फ़नी

मणि कौल की फ़िल्म ‘सिद्धेश्वरी’ 1989 में बनी एक डॉक्यूमेंट्री है, जो प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका सिद्धेश्वरी दे

23 जुलाई 2024

तौमानी डिबाटे की याद में

तौमानी डिबाटे की याद में

ब्रिटिश लेखक और बायोलॉजिस्ट रिचर्ड डॉकिंस (Richard Dawkins) ने एकबारगी कहा था कि वी ऑल आर अफ़्रीकंस। इस कथन के पर्याप्त

23 जून 2024

क्या है क़व्वाली वाया सूफ़ी-संगीत का खुलता दरीचा

क्या है क़व्वाली वाया सूफ़ी-संगीत का खुलता दरीचा

हिंदुस्तान में क़व्वाली सिर्फ़ संगीत नहीं है। क़व्वाली इंसान के भीतर एक सँकरे मार्ग का निर्माण करती है, जिसमें एक तरफ़ ख

20 मई 2024

संगीत, प्यार और दर्द से बुना गया एक उपन्यास

संगीत, प्यार और दर्द से बुना गया एक उपन्यास

“इतने साल पहले मेरे साथ क्या हुआ था? मुझे प्यार मिले या न मिले, मैं उस शहर में बना नहीं रह सकता था। मैंने ठोकर खाई, मेरा