आशा भोसले : गीतों में बसी ज़िंदगी
आशा भोसले भारतीय संगीत जगत और भारतीय फ़िल्म जगत में पार्श्व गायन का एक विराट नाम हैं। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था
अरिजीत सिंह : पार्श्वगायन का बाणभट्ट
यह तुलना आपको विचित्र लग सकती है, लेकिन मेरे देखे वैश्विक स्तर पर भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय गायक अरिजीत को और किसी तरह प
बिहार चुनाव में जातीय गानों की भूमिका
बीते नवंबर बिहार विधानसभा का चुनावी समर अपने शबाब पर रहा। बिहार की राजनीति हमेशा से पूरे देश में चर्चा का विषय रही है। ज
'सारा दिन सड़कों पे ख़ाली रिक्शे-सा पीछे-पीछे चलता है'
हमारी नई-नई शादी हुई थी और मैंने शिवानी से कहा, “अच्छा तुम्हें एक बात बताता हूँ।” उसने सिर हिलाया। मैंने कहा, “त
फूल की थरिया से छिटकती झनकार की तरह थीं शारदा सिन्हा!
कहते हैं फूल की थरिया को लोहे की तीली से गर छेड़ दिया जाए तो जो झनकार निकलेगी वह शारदा सिन्हा की आवाज़ है। कोयल कभी बेसुरा
मैं वही हूँ—‘कोई… मिल गया’ का ‘रोहित’
ऋतिक रोशन ने जब मुझे अपनी ओर अट्रैक्ट किया, उसकी पहली वजह थी यह गाना और उस पर ऋतिक बेहतरीन डांस—“करना है क्या मुझको यह म
नवगीत का सूरज डूब गया
माहेश्वर तिवारी [1939-2024]—एक भरा-पूरा नवगीत नेपथ्य में चला गया—अपनी कभी न ख़त्म होने वाली गूँज छोड़कर। एक किरन अकेली पर