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पत्र पर बेला

पत्र बातों और भावनाओं

को शब्दों में प्रकट कर संवाद करने का एक माध्यम है। प्रस्तुत चयन में उन कविताओं का संकलन किया गया है, जिनमें पत्र प्रमुख तत्त्व और प्रसंग की तरह कविता में उपस्थित हुए हैं।

26 जुलाई 2026

शशिभूषण द्विवेदी के नाम : बारह कथाकारों, दो कवियों और एक आलोचक के पत्र

शशिभूषण द्विवेदी के नाम : बारह कथाकारों, दो कवियों और एक आलोचक के पत्र

आज शशिभूषण द्विवेदी [26 जुलाई 1975—7 मई 2020] की जन्मतिथि है। वह आज सदेह होते, तब आज उनका बावनवाँ वर्ष लग जाता। एक रचनाक

25 जुलाई 2026

शनिवारेर चिट्ठी : मुझे मुआफ़ करना प्रिय!

शनिवारेर चिट्ठी : मुझे मुआफ़ करना प्रिय!

मुझे मुआफ़ करना प्रिय! इतना भर कह देने से क्या होता है कि मन इस पूरे हफ़्ते खिन्न रहा। यह कहने से कि चीज़ें देखता-सुनता

13 जून 2026

शनिवारेर चिट्ठी : सबसे पहले तुम, शशि!

शनिवारेर चिट्ठी : सबसे पहले तुम, शशि!

सबसे पहले तुम, शशि! इसलिए नहीं कि तुम जीवन में सबसे पहले आईं या कि तुम सबसे ताज़ा स्मृति हो। इसलिए कि मेरा होना अनिवार

31 मई 2026

रविवासरीय 4.0 : कृष्णबलदेववैदविषयक

रविवासरीय 4.0 : कृष्णबलदेववैदविषयक

• नये काम करना मुश्किल नहीं, मुश्किल है पुराने काम नये ढंग से करना। • काम करने के लिए, काम न कर सकने वाली परिस्थितिया

23 मई 2026

शनिवारेर चिट्ठी : घर की जगह

शनिवारेर चिट्ठी : घर की जगह

डेरा मनुष्य अपने घर के बारे में सबसे कम तब सोचता है, जब वह अपने घर का निवासी होता है। तब घर की उपस्थिति इतनी स्वाभावि

11 अप्रैल 2026

शनिवारेर चिट्ठी : कल से रवैया फ़र्क़ होगा

शनिवारेर चिट्ठी : कल से रवैया फ़र्क़ होगा

अथ कोई अलसकथा नहीं! रविवार के उस दुपहर-उष्ण में ऊँघने के स्वाँग में तुम्हारी पीठ पर श्वासों की सुदीर्घ कविताओं का पाठ

04 अप्रैल 2026

चुप्पी में सारे उत्तर छुपे होते हैं

चुप्पी में सारे उत्तर छुपे होते हैं

20 जुलाई 2022 अदीब अचानक नींद से उठ बैठा। किसी ऊबड़-खाबड़ सपने की वजह से शायद। कुछ क्षण बाद ठीक से उसकी चेतना लौटी तो उ

22 फरवरी 2026

प्रेम के पाँच पत्र और प्रलोभन की एक कथा

प्रेम के पाँच पत्र और प्रलोभन की एक कथा

मेरानो, 15 जून 1920 मंगलवार इस अलस्सुबह मैंने फिर तुम्हें स्वप्न में देखा। हम साथ बैठे थे और तुम मुझे दूर कर रही थीं

17 फरवरी 2026

पत्र : प्रकाश के साक्षी सेबास्टिओं सालगाडो के नाम

पत्र : प्रकाश के साक्षी सेबास्टिओं सालगाडो के नाम

प्रिय सेबास्टिओं, प्रेरणा के अमिट स्रोत शांति और सामंजस्य के दूत विविधता के उपासक, प्रकृति के अद्भुत सहचर आज से

14 फरवरी 2026

‘तेरे ख़त आज मैं गंगा में बहा आया हूँ’

‘तेरे ख़त आज मैं गंगा में बहा आया हूँ’

दूर तक फैले कीकर और बबूल के पेड़ों के बीच कच्ची पगडंडी पर सीताफल के दो पेड़ थे। उसी कच्ची पगडंडी पर चलते हुए ज़रा पीछे क

31 जनवरी 2026

चेख़व का पत्र निकोलाय के लिए : देखो, जीवन की अपनी शर्तें होती हैं...

चेख़व का पत्र निकोलाय के लिए : देखो, जीवन की अपनी शर्तें होती हैं...

मॉस्को, 1886 …तुम मुझसे अक्सर शिकायत करते रहे हो कि लोग तुम्हें “समझते” नहीं हैं! गेटे और न्यूटन ने कभी ऐसी शिकायत नह

05 नवम्बर 2025

विकुशु के नाम एक पत्र

विकुशु के नाम एक पत्र

प्रिय विनोद कुमार शुक्ल जी, आपको मेरा सादर प्रणाम! मैंने जब ‘हिंद युग्म’ महोत्सव (रायपुर) में आपको पहली बार देखा और आ

08 जून 2025

प्रेत के पत्र

प्रेत के पत्र

तुम्हारे जाने के सोलह दिन बाद... डियर जिता, हम कुछ भी हो सकते थे। हम स्कूल से साथ निकलकर अपने-अपने घर जाते हुए थोड़

02 जून 2025

'संगत'-प्रसंग : पक्ष और प्रमाण

'संगत'-प्रसंग : पक्ष और प्रमाण

‘संगत’—‘हिन्दवी’ का प्रमुख कार्यक्रम है। इसके अंतर्गत हिंदी साहित्य संसार के महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्वों के वीडियो-साक्षात

03 मई 2025

चिट्ठीरसा : कुछ परंपराओं का होना, जीवन का होना होता है

चिट्ठीरसा : कुछ परंपराओं का होना, जीवन का होना होता है

डाकिया आया है। चिट्ठी लाया है। ये शब्द अम्मा को चुभते थे। कहतीं चिट्ठीरसा आए हैं, बड़ी फुर्ती से उस दिन ओसारे से दुआर तक

31 दिसम्बर 2024

...इस साल का आख़िरी ख़त

...इस साल का आख़िरी ख़त

एमजे के लिए इस साल का आख़िरी ख़त एक बीत गए में कुछ जोड़ना जितना मुश्किल है, उतना ही मुश्किल है उसे याद करना। एक ता

25 सितम्बर 2024

क्या मिट्टी के आस-पास ‘मिट्टी न होने का’ कोई माध्यम नहीं हो सकता

25 सितम्बर 2024

क्या मिट्टी के आस-पास ‘मिट्टी न होने का’ कोई माध्यम नहीं हो सकता

प्रिय पांडू, तुम्हारे पत्र बहुत मज़ेदार होते हैं, लेकिन फ़ोन पर तुम्हारी भारी-भरकम गंभीर आवाज़ सुनकर मुझे लगता है जैस

12 अगस्त 2024

रवींद्रनाथ ठाकुर के लिए

रवींद्रनाथ ठाकुर के लिए

रवींद्रनाथ ठाकुर के लिए कुछ लेखकों और चित्रकारों ने कविताएँ लिखी थीं। वे सारी कविताएँ और कुछ पत्र ‘द गोल्डन बुक ऑफ़ टैगो

29 मई 2024

सआदत हसन मंटो के नाम

सआदत हसन मंटो के नाम

सरहद, भारत-पाकिस्तान 2024 मंटो, पहले अज़ीज़ लिखूँ या आदाब, यहीं मात खा गया। ज़ाहिर है प्रोज़ में आपका मुक़ाबला कर पान

10 मई 2024

वालिद के नाम एक ख़त

वालिद के नाम एक ख़त

प्यारे अब्बा! मैं जानता हूँ कि मैं इस तहरीर के पहले लफ़्ज़ को आपको पुकारने के लिए इस्तेमाल करने के लायक़ नहीं हूँ। मै

हिन्दवी उत्सव 2026

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