साहित्य और संस्कृति की घड़ी
07 अगस्त 2026
श्रावण-मास! बारिश की झरझर में मानो मन का रुदन मिला हो। शाल-पत्तों के बीच से टपक रही हैं—आकाश-अश्रुओं की बूँदें। उनका मन उदास है। शरीर धीरे-धीरे कमज़ोर होता जा रहा है। शांतिनिकेतन का शांत वातावरण अशांत
07 अगस्त 2026
कपिला वात्स्यायन ने कहा था कि शब्द उनकी लाठी थे। वह उसका एक सिरा पकड़कर ही भारतीय ज्ञान-परंपरा की गहराइयों में प्रवेश कर गए। आज वासुदेव शरण अग्रवाल की जन्मतिथि है। उनकी स्मृति स्वतः इतिहास का तोरण-द्
‘तय’—हिंदी कहानी की स्थापित व्याख्या से परे जाती है। ‘तय’ के बारे में तय नहीं है कि यह एक परीकथा है या फ़ैंटेसी। इसमें अंतश्चेतना के प्रवाह की तकनीक का सूक्ष्म प्रयोग हुआ है। कहानी में नायक और नायिका
सजा और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच, नॉर्वे अपने यहाँ की जेलों को एक ऐसे सामाजिक प्रयोग में बदल रहा है, जो न्याय की वैश्विक धारणाओं को चुनौती देता है। दक्षिणी ओस्लो के एक छोटे से द्वीप पर क़ैदी अपने द
सोनम वांगचुक का अनशन उस लंबी भारतीय परंपरा की ताज़ा कड़ी था, जिसमें देह को दाँव पर रखकर सत्ता से संवाद माँगा गया। लेकिन जिस दौर में उपवास इंस्टाग्राम स्टोरी है और तपस्या प्रेस-रिलीज़ की शब्दावली, वहा
04 अगस्त 2026
गताध्याय से आगे... छह गंज गोबरहवा में मोनालिसा की मुस्कान को कोई नहीं जानता था। लेखक भी इस शहर में इन्हीं कोई का हिस्सा थे, उनका कोई स्वतंत्र व्यक्तित्व नहीं था। वे गंज गोबरहवा विश्वविद्यालय क
Giving up is not in the blood, Sir! Not in the blood. — Nirmal ‘Nimsdai’ Purja 30 जुलाई 2026 | दिल्ली/काराकोरम उस दिन दिल्ली मेट्रो से दफ़्तर जाते हुए, मुझे कोई अंदाज़ा नहीं था कि इस समय निर्म
किसी लोकतांत्रिक देश में विरोध-प्रदर्शन वहाँ की जनता का मूलभूत अधिकार होता है। इसी अधिकार के सहारे वह लोकतांत्रिक देश फल-फूल रहा होता है, अन्यथा सरकार सर्वाधिकारवादी व्यवस्था के रूप में बदलने लगती है
• ‘बिंदुघाटीकार’ बहुत-सी बातों के समाधान के लिए पुराने कवियों, शास्त्र-रचयिताओं और विचारकों के पास लौटता है। ये लोग और इनकी रचनाएँ अपने-अपने समय और उसके प्रसंगों से गहरे संबद्ध हैं। फिर भी इनकी कालजय
01 अगस्त 2026
सिनेमा शासकों को यह भ्रम प्रिय होता है कि वे इतिहास लिखते हैं। वे यह नहीं समझते कि एक पोस्टर, एक भंगिमा, एक नारे, एक मीम से उनके इस कथित इतिहास को चुनौती दी जा सकती है। इन दिनों मुझे एक फ़िल्म याद