साहित्य और संस्कृति की घड़ी
जब कभी ईद आती है या ईद का ज़िक्र छिड़ता है, एक कहानी और उसके किरदार अपने-आप ज़ेहन में उतर आते हैं—प्रेमचंद की ‘ईदगाह’, हामिद और दादी अमीना। हामिद का चिमटा, उसकी क़ुर्बानी और दादी के प्रति उसका बेपनाह
31 जुलाई 2026
जीवन मुश्किल चीज़ है—तिस पर हिंदी-लेखक की ज़िंदगी—जिसके माथे पर रचना की राह चलकर शहीद हुए पुरखे लेखक की चिता की राख लगी हुई है। यों, आने वाले लेखक का मस्तक राख से साँवला है। पानी, पसीने या ख़ून से धुलकर
31 जुलाई 2026
फिर इलाहाबाद। तारीख़ें 22, 23, 24 और 25 फ़रवरी। चुनी हुई जगह—हिंदुस्तानी अकादेमी का सभागार, सन् 1981 वे अपनी बलिष्ठ भुजाओं पर बल्ले उभारते, मूँछें मरोरते, ताल ठोंकते, शक्ति-प्रदर्शन के तमाशबीनों क
28 जुलाई 2026
हिंदी आलोचना के वृहत् परिदृश्य में नामवर सिंह की उपस्थिति एक ऐसे मील के पत्थर की तरह है, जिनका व्यक्तित्व और कृतित्व दोनों ही गहन बौद्धिक ऊर्जा और उतने ही गहरे विवादों से निर्मित और विकसित हुए। वह के
“यक़ीनन आप यही जानना चाहेंगे कि मैंने कितनी बार विवाह किया है? या फिर मैं दिन में कितनी बीड़ियाँ पीती हूँ? क्या मैं व्हिस्की के एक गिलास के बिना रह सकती हूँ?” जब जीवन के उत्तरार्ध में किसी बड़ी ले
28 जुलाई 2026
गताध्याय से आगे... पाँच दोस्ती के बारे में कई ज्योतिषियों ने दो बातें बताईं। पहली बात यह कि इस कलिकाल में सच्ची मित्रता के अकाल का योग है, हज़ार वाट का बल्ब लेकर ढूँढ़ते रह जाओगे; एक वाट का भी म
आज शशिभूषण द्विवेदी [26 जुलाई 1975—7 मई 2020] की जन्मतिथि है। वह आज सदेह होते, तब आज उनका बावनवाँ वर्ष लग जाता। एक रचनाकार रचना के लिए एक कंदरा का निर्माण करता है। इस कंदरा में वह संसार से थक-भागकर छ
उन दिनों मैं मौसी के घर रहकर बारहवीं की परीक्षा दे रही थी। मेरे साथ उसी गाँव की एक लड़की परीक्षा देने जाती थी। उस सुबह भी हम दोनों पेपर देने साथ जा रहे थे, जब रास्ते में उसकी नज़र सड़क के एक किनारे झ
22 जुलाई 2026
लोग कुंभ या माघ मेले में पुण्य की कामना लेकर प्रयागराज आते हैं, किंतु मुझे मेले में जाने पर न जाने क्यों ख़ुद को खो देने का भय लगता है। फिर अपने पापों का हिसाब भी भला कौन रखता है! सच तो यह है कि जब-ज