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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

07 सितम्बर 2026

‘‘अर्थात्’ की सातवीं कड़ी : कुँवर नारायण की कविता में भारतीय आधुनिकता का वैकल्पिक आख्यान’

‘‘अर्थात्’ की सातवीं कड़ी : कुँवर नारायण की कविता में भारतीय आधुनिकता का वैकल्पिक आख्यान’

ध्यातव्य है कि यह वर्ष कुँवर नारायण की जन्मशताब्दी का वर्ष है। इसी उपलक्ष्य में ‘अर्थात्’ की सातवीं गोष्ठी आयोजित की गई, जिसके तहत कविता के बहाने मनुष्य को समझने का प्रयास शामिल था। इस कड़ी में कुँव

07 सितम्बर 2026

इस बार भोपाल में ‘संगमन’

इस बार भोपाल में ‘संगमन’

वर्ष 1993 में कानपुर से शुरू हुए रचनात्मक व बौद्धिक हस्तक्षेप के सहकारी उपक्रम ‘संगमन’ का 26वाँ आयोजन देश के विभिन्न राज्यों से गुज़रता हुआ इस बार भोपाल (मध्य प्रदेश) में हो रहा है। तारीख़ें हैं—2-3-4

28 अगस्त 2026

हिन्दवी उत्सव : कविता, आलोचना और संगीत के बीच एक दिन

हिन्दवी उत्सव : कविता, आलोचना और संगीत के बीच एक दिन

मेरी इच्छा थी कि मैं ‘हिन्दवी उत्सव’ की रपट को किसी कविता से शुरू करूँ, लेकिन डर था कि कहीं रपट छोड़कर उस कविता को निशाने पर ना ले लिया जाए, इसीलिए थोड़ा लरजते और पाठकों की संख्या का अनुमान लगाते हुए म

25 अगस्त 2026

फ़ैसला तो आ गया, फ़र्क़ जानते हैं!

फ़ैसला तो आ गया, फ़र्क़ जानते हैं!

‘हिन्दवी’ ने अपने प्रयोगधर्मी साहित्यिक प्रयत्नों के अंतर्गत वर्ष 2022 के सितंबर में ‘हिन्दवी कैंपस कविता’ की शुरुआत की थी। इस पहल का पहला आयोजन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा

22 अगस्त 2026

हिन्दवी उत्सव : 23 अगस्त को इलाहाबाद के पथ पर

हिन्दवी उत्सव : 23 अगस्त को इलाहाबाद के पथ पर

प्रिय हिंदी-प्रेमियो, हम आपको सहर्ष यह सूचित कर रहे हैं कि ‘रेख़्ता फ़ाउंडेशन’ का उपक्रम ‘हिन्दवी’—हिंदी-साहित्य-संस्कृति-कला-संसार को समर्पित अपने वार्षिकोत्सव—‘हिन्दवी उत्सव’ के छठे संस्करण का आय

21 अगस्त 2026

संतोष झा और साथी कलाकार :  कविता का संगीत-आवास

संतोष झा और साथी कलाकार : कविता का संगीत-आवास

कविता और संगीत का संबंध केवल कविता को धुन में बाँध देने तक सीमित नहीं है। कविता में शब्दों की ध्वनि, लय, आरोह-अवरोह, विराम और गति पहले से ही एक तरह की संगीतात्मक संरचना बनाते हैं। शोध भी कविता के पाठ

20 अगस्त 2026

ज्ञानेंद्रपति को पढ़ना : चीज़ों की बनी-बनाई शक्ल पर संदेह करना

ज्ञानेंद्रपति को पढ़ना : चीज़ों की बनी-बनाई शक्ल पर संदेह करना

मुझे चेतना पारीक याद रहती हैं। कैसी सहज उभरी शिष्टता में उनके लिए आदरसूचक ‘हैं’ लिख रहा हूँ। वह अलहदा और उतने ही मख़्सूस कवि ज्ञानेंद्रपति की चेतना पारीक हैं। जितना उन्हें जान पाता हूँ, वह कोई दूर खड

20 अगस्त 2026

गगन गिल से संवाद : स्त्री होने से कोई स्त्री लेखक थोड़े ही हो जाता है

गगन गिल से संवाद : स्त्री होने से कोई स्त्री लेखक थोड़े ही हो जाता है

गगन गिल हिंदी कविता का वह स्वर हैं, जिन्हें किसी एक वाद या विमर्श के दायरे में रखकर समझना संभव नहीं। अपनी ही सीमाओं को लगातार लाँघती उनकी कविता प्रचलित आलोचनात्मक मानकों से बाहर जाकर अपने लिए अर्थ और

20 अगस्त 2026

तिग्मांशु धूलिया : मोटिवेशन के दौर में

तिग्मांशु धूलिया : मोटिवेशन के दौर में

तिग्मांशु धूलिया बॉलीवुड में जब पहचाने गए, जब चमके, उससे बहुत पहले से वह बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स में पर्दे के पीछे की बहुत भूमिकाओं में सक्रिय रहे। उनकी फ़िल्मोग्राफ़ी पर नज़र डालें तो हैरत होती है। उन

19 अगस्त 2026

प्रियंवद का रचनालोक : जहाँ मनुष्य नैतिक नहीं, मनुष्य है

प्रियंवद का रचनालोक : जहाँ मनुष्य नैतिक नहीं, मनुष्य है

अधिमूल्यन से उत्पन्न बहुप्रशंसा और अतिव्याप्ति से उत्पन्न रुचिशीलता के इस समय में किसी के टेक्स्ट भर से आत्मीय होना, रचना और रचनाकार—दोनों के लिए—किसी पाठक को उदात्तता से भर देता है। देखने-सुनने-जानन