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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

10 जुलाई 2026

‘सतलुज : बहता हुआ इतिहास’

‘सतलुज : बहता हुआ इतिहास’

कुछ फ़िल्में शहीद होने के लिए ही बनती हैं। इस तरह देखें तो ‘सतलुज’ भी एक शहीद फ़िल्म है। यह फ़िल्म जब वर्ष 2023 में रिलीज़ के लिए तैयार हुई, तभी से विवादों में घिर गई। इस फ़िल्म का पहला शीर्षक ‘ग़ल्लूघ

08 जुलाई 2026

सतलुज : एक धारा को रोकने की कोशिश

सतलुज : एक धारा को रोकने की कोशिश

तीन साल की लंबी क़ानूनी और सेंसर संबंधी लड़ाई के बाद रिलीज़ हुई फिल्म ‘सतलुज’ मात्र दो दिन के भीतर ही भारत में ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म ZEE 5 से हटा दी गई। अब यह फ़िल्म भारत में उपलब्ध नहीं है। सरकार ने इसे स

07 जुलाई 2026

सतलुज : ‘मैं हनेरे नूं चैलेंज करदां’

सतलुज : ‘मैं हनेरे नूं चैलेंज करदां’

“हिंसा को केवल झूठ के द्वारा छिपाया जा सकता है और झूठ को केवल हिंसा के द्वारा ही क़ायम रखा जा सकता है।”  — लेव तोल्स्तोय  हनी त्रेहन निर्देशित फ़िल्म ‘सतलुज’ [पहले ‘पंजाब 95’] लंबे संघर्ष के बाद

06 जुलाई 2026

मणि कौल की ‘बादल द्वार’ : कविता को पर्दे पर संभव करने का सलीक़ा

मणि कौल की ‘बादल द्वार’ : कविता को पर्दे पर संभव करने का सलीक़ा

मणि कौल की फ़िल्म ‘बादल द्वार’ उन क्लासिक अप्रतिम फ़िल्मों में से है, जिसे हिंदी सिनेमा के दायरे से बाहर भी अतीव प्रशंसा मिली। पश्चिम जगत में सराहा जाना कोई उत्कृष्ट कृति का पैमाना नहीं है। मगर ‘बादल

25 जून 2026

बंदर : डोपामाइन की भूखी दुनिया में बेचैनी परोसती फ़िल्म

बंदर : डोपामाइन की भूखी दुनिया में बेचैनी परोसती फ़िल्म

डायनासोर के जाने के बाद, इस नीले ग्रह पर लगभग सब कुछ नए सिरे से हुआ। स्तनधारियों के विकास का रास्ता साफ़ हुआ। क्रमिक विकास (evolution) चलता रहा। लाखों वर्ष पूर्व होमो-सेपियंस आए। दो सौ साल पहले उनमें

24 जून 2026

मैं वापस आऊँगा : क्या कमाल है, न शिकायतें, न मलाल है!

मैं वापस आऊँगा : क्या कमाल है, न शिकायतें, न मलाल है!

दो गिलहरियाँ इमारत के कोने पर आकर मिलती हैं। एक कहीं से मूँगफली ले आई है, दूसरी हाथ बढ़ाकर उसे ले लेना चाहती है। अचानक बम का धमाका होता है और इमारत ढह जाती है। सब मलबे के हवाले। इस इतनी बड़ी दुनिया म

24 जून 2026

किम की-यंग : कोरियाई सिनेमा का एक असाधारण नाम

किम की-यंग : कोरियाई सिनेमा का एक असाधारण नाम

हम जब आज से लगभग एक दशक पूर्व कोरिया के बारे में सोचते थे, तो शायद अधिकांश लोगों के लिए उसका उत्तर अज्ञात ही रहता था। जिनकी समझ या रुचि थोड़ी अधिक विकसित थी, उनके मन में शायद किम जोंग उन का नाम आता र

22 जून 2026

सहन : चुप्पी की अंतिम सीमा

सहन : चुप्पी की अंतिम सीमा

घरेलू हिंसा पर केंद्रित फ़िल्मों की भीड़ में ‘सहन’ अपनी संयमित अभिव्यक्ति, सौंदर्यबोध और गहन संवेदनात्मक परतों के कारण, एक विशिष्ट स्थान अर्जित करती है। यह फ़िल्म अपने कथ्य को किसी ऊँचे स्वर में नहीं क

20 जून 2026

तुम्हारा बॉडी काउंट कितना है!

तुम्हारा बॉडी काउंट कितना है!

बॉडी काउंट शब्द मैंने कहाँ जाना या सुना इस बात पर सोचता हूँ तो दोस्तों की याद आती है। व्यक्ति में गाली, शराब जैसे सामाजिक विकारों की मृत जड़ों को अक्सर दोस्तों द्वारा ही पानी दिया जाता है, शायद इसीलि

18 जून 2026

मैं वापस आऊँगा : 78 घंटे बनाम 78 साल का प्रेम

मैं वापस आऊँगा : 78 घंटे बनाम 78 साल का प्रेम

जीवन में पहली बार अकेले फ़िल्म देखने आई हूँ। अकेले घूमी हूँ, शॉपिंग पर गई हूँ, पर अकेले थिएटर में बैठकर फ़िल्म देखना कभी नहीं हुआ था। शायद इसलिए क्योंकि मुझे लगता था कि मैं दुनिया में इस क़दर अकेली क