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परंपरा पर बेला

12 जून 2026

जब नाव नदी को पहली बार स्पर्श करती है

जब नाव नदी को पहली बार स्पर्श करती है

सुना और पढ़ा था कि जिस दिन नदी में नाव उतारी जाती है; वह दिन नाविक के जीवन में एक महत्त्वपूर्ण दिन होता है, लेकिन इस घटना

03 मार्च 2026

बनारस की मसान होली : जीवन और मृत्यु का अद्वैत संगम

बनारस की मसान होली : जीवन और मृत्यु का अद्वैत संगम

धार्मिक-ग्रंथों और पुराणों के अनुसार काशी जिसे स्वयं शिव के त्रिशूल पर टिकी नगरी माना जाता है, संसार के उन विरल स्थानों

02 मार्च 2026

होली खेलें रघुवीरा अवध में

होली खेलें रघुवीरा अवध में

बसंत को लेकर अब तक इतना गाया-बजाया गया, इतना लिखा-पढ़ा गया, इतना ढोल-नगाड़ा-झाँझ पीटा गया, इतनी धुन-रागिनियाँ बनीं—फिर भी

12 दिसम्बर 2025

बकुला मरलें, बकुली रूसल जाली! : कथा और कथा की समझ

बकुला मरलें, बकुली रूसल जाली! : कथा और कथा की समझ

भोजपुरी में न जाने कितनी लोककथाएँ हैं। कुछ तो लोक में ख़ूब प्रचलित हैं और बहुतेरी कथाएँ लगभग विलुप्ति के कगार पर हैं। न

03 नवम्बर 2025

गमछा : एक नमीदार सहचर

गमछा : एक नमीदार सहचर

जब भी मैं किसी थके हुए आदमी को देखती हूँ, जिसकी गर्दन पर पसीने से भीगा गमछा रखा होता है, मुझे सोबरन कक्का याद आते हैं। उ

29 अक्तूबर 2025

कहाँ गए वे लोकगीतों वाले दिन

कहाँ गए वे लोकगीतों वाले दिन

कभी-कभी मेरे मन में एक दृश्य उतरता है। दृश्य—घनघोर बारिश का। चारों तरफ़ पानी-ही-पानी। मैं अकेले किसी वृक्ष के नीचे बैठा

13 अक्तूबर 2025

लोक : ओरी से उतरती अंतिम बूँद का परब

लोक : ओरी से उतरती अंतिम बूँद का परब

आँगन की वह जगह जहाँ छप्पर का पानी धरती पर ढरता है, उसे ‘ओरी’ कहते हैं। कवि मलिक मोहम्मद जायसी कहते हैं—‘बरिसै मघा झँकोरि

हिन्दवी उत्सव 2026

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