साहित्य और संस्कृति की घड़ी
‘हिन्दवी’ अब दूर है। उसके आयोजन भी। जब दिल्ली में था तो एक दफ़ा (लखनऊ में ‘हिन्दवी’ उत्सव के आयोजन पर) सोच रहा था कि लखनऊ में क्यों नहीं हूँ? अब लखनऊ में बैठा सोचता हूँ कि ‘हिन्दवी’ के इस आयोजन के समय
‘हिन्दवी उत्सव’ का चौथा संस्करण, रविवार 28 जुलाई 2024 को त्रिवेणी कला संगम, मंडी हाउस, नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आइए जानते हैं ‘हिन्दवी उत्सव’ से लौटकर अतिथि-लेखकों ने आयोजन को लेकर क
मैं गए रविवार (28 जुलाई 2024) ‘हिन्दवी’ द्वारा आयोजित कविता-पाठ के कार्यक्रम ‘कविता-संध्या’ सुनने के लिए त्रिवेणी कला संगम (नई दिल्ली) गया था। वहाँ का समाँ देखकर मैं विस्मित रह गया। गंभीर कविता के प्
हिंदी साहित्य को समर्पित रेख़्ता फ़ाउंडेशन के उपक्रम ‘हिन्दवी’ की चौथी वर्षगाँठ के मौक़े पर आज—28 जुलाई 2024 के रोज़, त्रिवेणी कला संगम, मंडी हाउस, नई दिल्ली में ‘हिन्दवी उत्सव’ आयोजित किया जा रहा है
हिंदी साहित्य को समर्पित रेख़्ता फ़ाउंडेशन का उपक्रम ‘हिन्दवी’ जल्द ही साहित्य-संसार में अपने चार वर्ष सफलता के साथ पूरे करने वाला है। इस सुखद अवसर पर हम हिंदी कविता और साहित्य से संबद्ध सभी रचनाकारो
23 जुलाई 2024 को शिक्षाविद् और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (National Book Trust), भारत के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर मिलिंद सुधाकर मराठे, भारतीय क्रिकेटर और आईपीएल फ़्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के कोच
“नदी इतनी पतली थी कि उसमें अब बस धूप से सनी थोड़ी नींद बहती थी।” पहली कहानी के पहले पन्ने पर ऐसी काव्यात्मक भाषा मिल जाए तो पठनीयता की भी ट्यूनिंग हो जाती है। नदी का पेट के मुहाने में बदल जाने की
10 जुलाई 2024 सुशील जी का घर, मुखर्जी नगर। नेताजी एक्सप्रेस लेट है। उनके साथ खाना खाता हूँ। वह टिफ़िन बाँध देते हैं। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उमस। स्लीपर में बीच वाली सीट। ले गर्मी, दे गर्मी।
ब्रिटिश लेखक और बायोलॉजिस्ट रिचर्ड डॉकिंस (Richard Dawkins) ने एकबारगी कहा था कि वी ऑल आर अफ़्रीकंस। इस कथन के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण भी उपलब्ध हैं। कभी अमेरिका के कुछ लोग एजेंडा चलाते थे कि जैज़ औ
22 जुलाई 2024
वह मुख—अरे, वह मुख, वे गांधी जी!! — मुक्तिबोध दुर्घटनाग्रस्त सड़कों, जननायक-रिहाई-केंद्रित धरना-प्रदर्शनों के बीच (कु)भाषणों और पाँच वर्षों में एक बार आने वाले लोकतंत्र के महापर्व की उत्सवधर्मि