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कहानी पर बेला

28 अक्तूबर 2026

घर तक नहीं पहुँचता दुख

घर तक नहीं पहुँचता दुख

रविवार का दिन। छुट्टी का दिन। लेबर कॉलोनी। हर रविवार यहाँ त्योहार होता है। सभी मज़दूर अपने-अपने ठेकेदार से हाज़िरी कार्ड

29 सितम्बर 2026

दास्तानगोई : बिखरे फूलों का मज़मूँ

दास्तानगोई : बिखरे फूलों का मज़मूँ

आज से क़रीब-क़रीब आठ बरस पहले जब साहित्य और अन्य किसी कला से मेरा शायद ही कोई नाता रहा हो, तो ऐसे में आजकल से ही किसी आम

20 सितम्बर 2026

कहानी : कुछ रह गया

कहानी : कुछ रह गया

सूरज की पहली किरण उसके कमरे में दाख़िल हुई। दीवार से टकराकर वह उसके चेहरे पर ठहर गई। ठंडी हवा का एक झोंका उसकी पलकों को

19 सितम्बर 2026

कहानी : नीली

कहानी : नीली

पेपर ख़त्म होने के बाद मैं और मेरा दोस्त अपने हॉस्टल की ओर बढ़ रहे थे। पेपर के लिए जाते वक़्त सब कुछ अपनी व्यवस्थित स्थि

18 सितम्बर 2026

कहानी : क्या सच, क्या झूठ

18 सितम्बर 2026

कहानी : क्या सच, क्या झूठ

“फूल क्यों तोड़ रही हो?”  पीछे से आई गार्डनर की कड़क आवाज़ पर हव्वा सकपका गई... “मालकिन रोज़ तुड़वाती है” कह ज़ब्ह के

18 सितम्बर 2026

चाहता तो बच सकता था... : ‘जेन-ज़ी का तोता’ वाले आनंद हर्षुल के नाम पत्र

चाहता तो बच सकता था... : ‘जेन-ज़ी का तोता’ वाले आनंद हर्षुल के नाम पत्र

दिनांक : 18 सितंबर 2026 प्रतिष्ठा में, ‘जेन-ज़ी का तोता’ के लेखक श्री आनंद हर्षुल, यह पत्र इस आग्रह के साथ शुरू कर

17 सितम्बर 2026

कहानी : खिल्ली विनाशालय

कहानी : खिल्ली विनाशालय

मेरे देश का नाम है—घरघराहट! मेरा प्यारू देश है दुनिया का सबसे न्यारू देश और मेरे देश से बाहर जो भी हैं वे सब साले हैं

16 सितम्बर 2026

कहानी : गश्ती

कहानी : गश्ती

चाईं उर्फ निशू भाई के पास कमाल का गुण था—वह सड़क पर चलती, खड़ी, इठलाती, इतराती, मुस्काती लड़की को देखकर बता देता था, ‘यह

15 सितम्बर 2026

कहानी : प्रोजेक्ट एक्रिडोथेरेस : डिफ़ॉल्ट सेटिंग हैपीनेस

कहानी : प्रोजेक्ट एक्रिडोथेरेस : डिफ़ॉल्ट सेटिंग हैपीनेस

इतनी रात को क्या कर रहे हो? इंतिज़ार... दोस्त का... दोस्त? हाँ, दोस्त ही तो... ट्रेन का इंतिज़ार करते, लास्ट

14 सितम्बर 2026

कहानी : सॉरी, यू आर नॉट रजिस्टर्ड!

कहानी : सॉरी, यू आर नॉट रजिस्टर्ड!

यह दिसंबर की साँझ थी। पावर प्लांट की एक परिचित, ठंडी और गहराती साँझ।  प्रशासनिक भवन के भीतर अभी भी रोशनी थी... हल्की,

06 अगस्त 2026

कहानी : तय

कहानी : तय

‘तय’—हिंदी कहानी की स्थापित व्याख्या से परे जाती है। ‘तय’ के बारे में तय नहीं है कि यह एक परीकथा है या फ़ैंटेसी। इसमें अ

27 जुलाई 2026

शंखनाद : बनियान, बुल दुबे और बाक़ी असफलताएँ

शंखनाद : बनियान, बुल दुबे और बाक़ी असफलताएँ

पढ़ाई-लिखाई में डबल-बिलो औसत प्रदर्शन के बाद हमने यह स्वीकार कर लिया कि संप्रति यह हमारा क्षेत्र नहीं है और अपनी पहचान क

09 जुलाई 2026

कहानी : प्रेम और अपराध और दंड

कहानी : प्रेम और अपराध और दंड

इतनी बारिश!  इतनी बारिश कब हुई थी, याद नहीं आता। संभव है कभी हुई ही न हो... गाँव के दक्खिन की तरफ़ की बसावट जिसे क

01 जुलाई 2026

कहानी : काजल की कोठरी

कहानी : काजल की कोठरी

दिन के सवा ग्यारह बज रहे हैं और कमरे में गहरा अँधेरा छाया हुआ है। पर्दे गिराए हुए, दो-दो खिड़कियाँ लेकिन दोनों बंद। फ़र्श

29 जून 2026

कहानी : लौट आएँगे

कहानी : लौट आएँगे

विवाह के इन दस वर्षों के दरमियान घर के ख़र्चों के साथ अब शब्दों में भी कटौती होने लगी है। राहुल के आने की आहट होती है, प

05 जून 2026

‘बाघ का भाग्यफल और अन्य कहानियाँ’ : धर्म-सत्ता-प्रेम का त्रिकोण

‘बाघ का भाग्यफल और अन्य कहानियाँ’ : धर्म-सत्ता-प्रेम का त्रिकोण

लिखने की मोहलत के लिए मृत्यु को ही अपनी किताब सादर समर्पित करता लेखक मृत्यु से तो भिड़ ही रहा है, साथ ही उसकी वैचारिक मुठ

04 जून 2026

कहानी : स्वस्थित

कहानी : स्वस्थित

Every word is like an unnecessary stain on silence and nothingness.  ~ Samuel Beckett  एक लगातार अशांत रह रही

20 मई 2026

रूपक-कथाएँ : स्वल्प-वासी

रूपक-कथाएँ : स्वल्प-वासी

मुज़म्मिल के लिए एक बग़ीची के पास पानी का नहीं, प्रतिध्वनियों का एक कुआँ था। जब स्वल्प-वासी उसमें झाँकता, तो उसे अ

12 मई 2026

कहानी : एक पापी की डायरी

कहानी : एक पापी की डायरी

इस तथ्य को बतौर ढाल के रूप में प्रयोग करते हुए, ताकि अपनी अंतरात्माओं के हमलों से हम स्वयं को बचा सकें कि इन शब्दों को ल

08 मई 2026

कहानी : एक मर्मांतक चाहना

कहानी : एक मर्मांतक चाहना

बर्फ़ धीरे-धीरे गिर रही थी, जैसे नींद किसी उदास आदमी की पलकों से सरक जाती है; और बर्फ़ केवल बर्फ़ नहीं थी, यह रौशनी से ख

08 अप्रैल 2026

शंखनाद : मिलन टॉकीज : एक झलक का इंतज़ार

शंखनाद : मिलन टॉकीज : एक झलक का इंतज़ार

पूर्वी उत्तर प्रदेश में गौना उर्फ़ द्विरागमन प्रथा तब तक विद्यमान थी, जिसके तहत शादी के बाद वर अकेले कुछ स्मृतियों और तमा

17 मार्च 2026

कहानी : मैं किसी के लिए कुछ नहीं हूँ

कहानी : मैं किसी के लिए कुछ नहीं हूँ

“अब भी क्या गले न मिलोगी? अभी तक वही हिचक... मिल लो यार, क्या पता अगली मुलाक़ात हो न हो।” उसकी पसीजी हुई हथेलियाँ छूट

12 मार्च 2026

कहानी : ऊँघ

कहानी : ऊँघ

उस दुपहर भी भृत्य शामलाल अपने निर्धारित स्थान—जो कि राज्य संचालनालय की पुरानी इमारत संख्या : ग, इकाई-7, छठवीं मंज़िल के

11 मार्च 2026

रागदर्पण : क़िस्सागो अम्मा

रागदर्पण : क़िस्सागो अम्मा

एक उबाऊ शाम मोबाइल फ़ोन में उलझे हुए मैंने देखा कि फ़ोन इधर-उधर की तस्वीरों, बधाइयों और अनर्गल संदेशों से अटा पड़ा है। उन्ह

05 मार्च 2026

कहानी : फ़्रीडम

कहानी : फ़्रीडम

यह बस लगभग 45 किलोमीटर के सीमित दायरे में चक्कर काटती है। दायरे के भीतर तमाम स्टॉप पड़ते हैं। अलग-अलग स्टॉपों पर अलग-अलग

17 फरवरी 2026

पत्र : प्रकाश के साक्षी सेबास्टिओं सालगाडो के नाम

पत्र : प्रकाश के साक्षी सेबास्टिओं सालगाडो के नाम

प्रिय सेबास्टिओं, प्रेरणा के अमिट स्रोत शांति और सामंजस्य के दूत विविधता के उपासक, प्रकृति के अद्भुत सहचर आज से

31 जनवरी 2026

जब इतिहास ने साहित्य के दरवाज़े से अपनी आत्मा खोजी

जब इतिहास ने साहित्य के दरवाज़े से अपनी आत्मा खोजी

हम बात नहीं करते 1947 की, क्योंकि उस साल की बातें करना आसान नहीं। उन रातों की बात करना, जब ट्रेनें लाश-गाड़ियाँ बन गई थी

23 जनवरी 2026

ज्ञानरंजन के मनोहर का ‘बहिर्गमन’ उर्फ़ ‘पिता’ को रुमाल की ज़रुरत है...

ज्ञानरंजन के मनोहर का ‘बहिर्गमन’ उर्फ़ ‘पिता’ को रुमाल की ज़रुरत है...

नौ दशक का एक सुदीर्घ और शानदार जीवन जीकर ज्ञानरंजन हमें छोड़ कर चले गए। वह मनोहर की तरह प्रस्थान करते हुए रुमाल हिला रहे

21 जनवरी 2026

कहानी : बावर की वनकन्या

कहानी : बावर की वनकन्या

प्रणाम दीदी कैसी हो आप? आज बहुत दिनों बाद फ़ोन आया आपका। सब ख़ैरियत से तो है! तू जानती ही है सुधा तेरे जीजाजी के गुज़

07 जनवरी 2026

प्रेम की घर वापसी

प्रेम की घर वापसी

आज, अभी, इस दिन, इस क्षण की लंबान कितनी हो सकती है? इसका एक वाजिब जवाब है—विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यास, ‘दीवार में एक खि

06 जनवरी 2026

कहानी : पिस्तौल

कहानी : पिस्तौल

और इस तरह पिस्तौल का मेरे जीवन में पदार्पण हुआ... लगा कि आँगन के उस सिरे से धड़ाम से कोई कूदा। देखा तो अपना नरेन था। य

23 दिसम्बर 2025

कहानी : दाहिना हाथ

कहानी : दाहिना हाथ

फ़रवरी का महीना बीते कुछ ही दिन हुए। अभी ठंड मौसम से गई नहीं। रात के अँधेरे में मोहल्ले के घरों की बत्तियाँ बूझा दी गईं।

13 दिसम्बर 2025

कहानी : आकांक्षा

कहानी : आकांक्षा

मेरे हाथ में संडे का अख़बार है। मेरे बाजू के स्टूल पर सुबह की पहली चाय का कप। स्मिता भी चाय पी रही है। बरसों पहले फ़्रेम

29 नवम्बर 2025

भूख का भूगोल : अखिलेश सिंह की पहली कहानी ‘विकल्प’ पर कुछ अवलोकन

भूख का भूगोल : अखिलेश सिंह की पहली कहानी ‘विकल्प’ पर कुछ अवलोकन

हाल ही में नई पीढ़ी के कवि, गद्यकार और अनुवादक अखिलेश सिंह की पहली कहानी ‘विकल्प’—समालोचन पर प्रकाशित हुई है। बीते कुछ द

07 नवम्बर 2025

कहानी : रिपोर्टर

कहानी : रिपोर्टर

अक्टूबर आ गया। मौसम करवटें लेने लगा है। प्रभु अपना चश्मा खोज रहे हैं। रात में कहीं रखा गया था। चाय उबलकर देगची से बाहर न

06 नवम्बर 2025

कमल जीत चौधरी की दस कथाएँ

कमल जीत चौधरी की दस कथाएँ

कहानी उसने प्यार किया था। उसे अपने पुराने प्रेमी की याद सताती थी। पति की ग़ैरमौजूदगी में एक रात उसने अपने प्रेमी को

13 अक्तूबर 2025

कथाएँ : चोर की माँ और आलू जी से मुलाक़ात

कथाएँ : चोर की माँ और आलू जी से मुलाक़ात

चोर की माँ पटना में ग़रीबों के एक मसीहा चिकित्सक थे। उनके पास प्रदेश के सुदूर इलाक़े के बहुत सारे ग़रीब रोग-व्याधि, द

16 सितम्बर 2025

कहानी : सेंटिनली : लहरों के पार एक दुनिया

कहानी : सेंटिनली : लहरों के पार एक दुनिया

सूरज अपनी पूरी ऊँचाई पर था और उत्तरी सेनटिनल द्वीप के सफेद रेत वाले तट चमक रहे थे। चारों ओर एक अनकही शांति फैली हुई थी,

09 सितम्बर 2025

कहानी : लील

कहानी : लील

‘लील’—एक प्रादेशिक हिंदू रिवाज है, जो अधिकतर गुजरात राज्य के सौराष्ट्र प्रदेश में देखने को मिलता है। इस रिवाज के अनुसार

27 अगस्त 2025

कहानी : स्पंदन

कहानी : स्पंदन

अँधेरे से भरा हुआ बंद कमरा, जिसमें बाहर लगी स्ट्रीट लाइट से प्रकाश भीतर आने की कोशिश तो कर रहा था, पर बंद खिड़कियों को भ

26 अगस्त 2025

आज भी सबसे बड़ी शक्ति हैं प्रेमचंद की कहानियाँ

आज भी सबसे बड़ी शक्ति हैं प्रेमचंद की कहानियाँ

उनासीवें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर प्रयागराज शहर आज़ादी का उत्सव मनाने की तैयारी कर रहा था। इसी उल्लास के बीच स

25 अगस्त 2025

कहानी : मसअला फूल का है

कहानी : मसअला फूल का है

भूख देखी है आपने? भूख वह भी किसी की आँखों में! भूख भरी आँखों को देख या तो सिहरन होती है या विस्मय... इस भूख को तृप्ति कै

12 जून 2025

भाषा, लोग और ‘बहुरूपिये’ वाया 2014

भाषा, लोग और ‘बहुरूपिये’ वाया 2014

आज़ादी के बाद के, हमारे देश का इतिहास जब भी लिखा जाएगा तो उसमें दो खंड लाज़िमी होंगे। पहला—आज़ादी से लेकर 2014 तक और दूस

25 मई 2025

अतीत का अँधेरा और बचकानी ख़्वाहिशें

अतीत का अँधेरा और बचकानी ख़्वाहिशें

दिनेश श्रीनेत की कहानियों का संग्रह प्रकाशित होकर सामने आया है और मैं ख़ुशी के साथ एक अजीब से एहसास से भी सराबोर हूँ। मै

10 मई 2025

सपना टॉकीज में हाउसफ़ुल

सपना टॉकीज में हाउसफ़ुल

उस आदमी की स्मृति में अभी बुर्राक सफ़ेद परदा टँगा हुआ है, जब वह चोरी-छिपे सपना टॉकीज में पिक्चर देखने जाया करता था और उनक

16 अप्रैल 2025

कहानी : चोट

कहानी : चोट

बुधवार की बात है, अनिरुद्ध जाँच समिति के समक्ष उपस्थित होने का इंतज़ार कर रहा था। चौथी मंजिल पर जहाँ वह बैठा था, उसके ठी

07 अप्रैल 2025

उसी के पास जाओ जिसके कुत्ते हैं

उसी के पास जाओ जिसके कुत्ते हैं

मुझे पता भी नहीं चला कि कब ये कुत्ते मेरे पीछे लग गए। जब पता चला तो मैं पसीने-पसीने हो गया। मैंने कहीं पढ़ा था कि अगर कुत

02 अप्रैल 2025

कहानी यहाँ से शुरू होती है

कहानी यहाँ से शुरू होती है

‘‘सलाम करके गुज़रता था जिस मज़ार को मैं’’ उसने काग़ज़ पर ये मिसरा लिखा और शाइर का नाम सोचने लगा। कुछ देर बाद उसने ये व

18 मार्च 2025

कहानी : स्मृतियों की गर्म भाप में सीझता मन

कहानी : स्मृतियों की गर्म भाप में सीझता मन

मुझे ऐसे गले लगाओ जैसे मैं कल मरने वाला हूँ, और कल मुझे ऐसे गले लगाओ जैसे मैं मृतकों में से वापस आया हूँ! —निज़ार क़ब

13 फरवरी 2025

कहानी : लुटेरी तवायफ़ें

कहानी : लुटेरी तवायफ़ें

शादियों का सीज़न आते ही रेशमा तैयारी करना शुरू कर देती। मेकअप से थोड़ा घबराती थी, लेकिन उम्र छुपाने की जद्दोजहद रहती थी हम