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सन्नाटा पर बेला

सन्नाटा का अर्थ है—स्तब्धता,

ख़ामोशी, मौन। यह निर्जनता और एकांत का भी अर्थ देता है। रूपक में सन्नाटा चीख़ का विलोम भी हो सकता है, चीख़ का प्रतिरोध और पर्याय भी। प्रस्तुत चयन में शामिल कविताओं में सन्नाटे की आवाज़ को बख़ूबी सुना जा सकता है।

22 जून 2026

सहन : चुप्पी की अंतिम सीमा

सहन : चुप्पी की अंतिम सीमा

घरेलू हिंसा पर केंद्रित फ़िल्मों की भीड़ में ‘सहन’ अपनी संयमित अभिव्यक्ति, सौंदर्यबोध और गहन संवेदनात्मक परतों के कारण, ए

20 मई 2026

रूपक-कथाएँ : स्वल्प-वासी

रूपक-कथाएँ : स्वल्प-वासी

मुज़म्मिल के लिए एक बग़ीची के पास पानी का नहीं, प्रतिध्वनियों का एक कुआँ था। जब स्वल्प-वासी उसमें झाँकता, तो उसे अ

08 मई 2026

कहानी : एक मर्मांतक चाहना

कहानी : एक मर्मांतक चाहना

बर्फ़ धीरे-धीरे गिर रही थी, जैसे नींद किसी उदास आदमी की पलकों से सरक जाती है; और बर्फ़ केवल बर्फ़ नहीं थी, यह रौशनी से ख

02 जनवरी 2025

‘द लंचबॉक्स’ : अनिश्चित काल के लिए स्थगित इच्छाओं से भरा जीवन

‘द लंचबॉक्स’ : अनिश्चित काल के लिए स्थगित इच्छाओं से भरा जीवन

जीवन देर से शुरू होता है—शायद समय लगाकर उपजे शोक के गहरे कहीं बहुत नीचे धँसने के बाद। जब सुख सरसराहट के साथ गुज़र जाए तो

20 नवम्बर 2024

स्वराज विद्यापीठ, प्रयागराज में हुई माइम प्रस्तुति और कार्यशाला

स्वराज विद्यापीठ, प्रयागराज में हुई माइम प्रस्तुति और कार्यशाला

17 नवंबर 2024 को स्वराज विद्यापीठ, प्रयागराज में यूनिवर्सिटी थिएटर द्वारा आयोजित 20 दिवसीय उत्पादन आधारित कार्यशाला का भ

28 जून 2024

विपश्यना जहाँ आँखें बंद करते ही एक संसार खुलता है

विपश्यना जहाँ आँखें बंद करते ही एक संसार खुलता है

एक Attention is the new Oil अरबों-करोड़ों रुपए इस बात पर ख़र्च किए जाते हैं कि हमारे ध्यान का कैसे एक टुकड़ा छीन लिया

02 मई 2024

भूलने की कोशिश करते हुए

भूलने की कोशिश करते हुए

मई 2021 हम किसी दरवाज़े के सामने खड़े हों और भूल जाएँ कि दरवाज़े खटखटाने पर ही उन्हें खोला जाता है। ठीक दूसरी तरफ़ तु