नींद पर बेला
नींद चेतन क्रियाओं के
विश्राम की नित्यप्रति की अवस्था है। प्रस्तुत चयन में नींद के अवलंब से अपनी बात कहती कविताओं का संकलन किया गया है।
इनसोम्निया : मुझे सोने दो!
अल पचीनो को मैंने पहली बार ‘गॉडफ़ादर’ में देखा था—माइकल कारलिओने। फिर मैंने यह फ़िल्म कई बार देखी, अल पचीनो की वजह से ही। बहरहाल, एक दूसरी फ़िल्म देखी गई, लेकिन अल पचीनो की वज़ह से नहीं। यह बात और ह
हिंदुस्तान आपको नींद की ज़रूरत है
मेरे प्यारे दोस्तो, हिंदुस्तान कभी सुबह जल्दी उठने वालों का देश हुआ करता था। यह हमारे डीएनए में था। सुबह उठकर आप बिना किसी रुकावट के दस क़दम भी नहीं चलते कि एक आत्ममुग्ध चाचा जी मिल जाते, जो सुबह 4 ब
डिप्रेशन : नींद क्यूँ रात भर नहीं आती!
मैंने अवसाद पर कई कविताएँ लिखी हैं, लेकिन वे सारी बीते दिनों में किसी को देख-समझकर लिखी गई थीं। इन दिनों दिमाग़ की दवा खाने के बाद भी जिस तरह की नकारात्मकता अंदर और मेरे बाहर पर क़ाबिज़ हो गई है, वह दुः