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भोजपुरी पर गीत

कलकतवा से मोर पिया

महेन्द्र मिसिर

लौ जरे अविरल हो...

अशोक द्विवेदी

बदरा ले जा सनेस

भोलानाथ गहमरी

कइसे लेहीं उतराई हो

रामजियावान दास ‘बावला’

ऊ आ हम

तैयब हुसैन पीड़ित

जनम लेली बेटी

मूंगालाल शास्त्री

अइसन लागल चोट

ब्रजभूषण मिश्र

जनतंत्र

रामजियावान दास ‘बावला’

हम केकर केकर हाल बताईं

रामजियावान दास ‘बावला’

कवन बन गइलैं ललना हमार हो

रामजियावान दास ‘बावला’

हमनीं का रहब जानी

महेन्द्र मिसिर

आजादी पउलस के?

रामजियावान दास ‘बावला’

फूटल किरिन हजार...

अशोक द्विवेदी

कौशल्या राम से

रामजियावान दास ‘बावला’

ना अइलऽ बरिसात में

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

साँसत में जान

ब्रजभूषण मिश्र

कि आपन देसे भइल बिदेस!

तैयब हुसैन पीड़ित

तरकुल के छाँव में

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

कउने नरेसवा क देसवा उजरि गइलै

रामजियावान दास ‘बावला’

ना अइलऽ बरिसात में

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

बरीसे रस गीत

भोलानाथ गहमरी

केवट बोलल रामचन्द्र से

रामजियावान दास ‘बावला’

कलम से

मूंगालाल शास्त्री

काहे जननी क सनेहिया परइला तोड़ के

रामजियावान दास ‘बावला’

जागलि घरती के भाग

भोलानाथ गहमरी

वाह रे हिन्दुस्तान!

रामजियावान दास ‘बावला’

परदेस पिया के ना धारे!

तैयब हुसैन पीड़ित

डिम डिम डमरू बजावेला हमार जोगिया

रामजियावान दास ‘बावला’

कइसे कहीं की भारत हौ

रामजियावान दास ‘बावला’

सूखा

रामजियावान दास ‘बावला’

बबुआ बोलता ना

रामजियावान दास ‘बावला’

अगर महराज न बदलवा

रामजियावान दास ‘बावला’

गिट्टी ऊ तूड़े

मूंगालाल शास्त्री

दिल के भीतर

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

लगी जाई भूख त का खइबा हो

रामजियावान दास ‘बावला’

दुनियाँ चलती फिरती

रामजियावान दास ‘बावला’

आयल चुनाव फेरु आय गइलैं

रामजियावान दास ‘बावला’

अबकी जिताइ के देखा हो पंचो

रामजियावान दास ‘बावला’