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परंपरा पर कविताएँ

चुंगी

मनीषा जोषी

द्रुत झरो जगत के जीर्ण पत्र!

सुमित्रानंदन पन्त

बरगदु

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

होरी आइ गई रे!

सत्यधर शुक्ल

हाय राम का करी

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

समारोह

रोशन जनकपुरी

मंगल गाई

कृष्णानन्द कृष्ण

उलौहल-कनफुसौवल

आशाराम ‘जागरथ’

अवधी मैया

भारतेंदु मिश्र

नियति

विजेता चौधरी

गंगा का देसु

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

छठि

ज्योत्स्ना चन्द्रम्

सती

विभा रानी

गूँग गवाह

आशाराम ‘जागरथ’