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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

25 सितम्बर 2025

‘बीमार मन स्मृतियों से भरा होता है’

‘बीमार मन स्मृतियों से भरा होता है’

गए दिन जैसे गुज़रे हैं उन्हें भयानक कहूँ या उस भयावहता का साक्षात्कार, जिसका एक अंश मुझ-से मुझ-तक होकर गुज़रा है। चोर घात लगाए बैठा था और हम शिकार होने को अभिशप्त थे। जैसे धीरे-धीरे हम उसकी ज़द में सम

24 सितम्बर 2025

भूले-भटके दिन : कुछ रूमानी टुकड़े

भूले-भटके दिन : कुछ रूमानी टुकड़े

मैंने अपने सबसे असुरक्षित क्षणों में जब-जब तुम्हें याद किया है, तब-तब यह सवाल आया कि बीतते समय के साथ मैं तुम्हारे लिए महत्त्वपूर्ण रहूँगा कि नहीं! संभव है, यह प्रश्न तुम्हारे ज़ेहन में भी उठता होगा,

23 सितम्बर 2025

बिल्लियों के नौ जीवन पाप से भरे हैं

बिल्लियों के नौ जीवन पाप से भरे हैं

पश्चिमी लेखकों, कलाकारों, विचारकों के कारण बिल्लियों पर मेरा विशेष ध्यान गया। डॉग फ़ॉर सोल्ज़र्स, कैट्स फॉर आर्टिस्ट्स। कुत्ता गद्य है, बिल्लियाँ कविता। एक लेखक जिन कारणों से एक बिल्ली का साथ पसंद करता

23 सितम्बर 2025

विनोद कुमार शुक्ल : 30 लाख क्या चीज़ है!

विनोद कुमार शुक्ल : 30 लाख क्या चीज़ है!

जनवरी, 2024 में मैंने भोपाल छोड़ दिया था। यानी मैंने अपना कमरा छोड़ दिया था। फिर आतंरिक परीक्षा और सेमेस्टर की परीक्षाओं के लिए जाना भी होता तो कुछ दोस्तों के घर रुकता। मैं उनके यहाँ जब पहुँचा तो पाया

22 सितम्बर 2025

दुख की नई भाषा

दुख की नई भाषा

दुख के अथाह सागर में डूबा हुआ हूँ। जब भी पीड़ा में होता हूँ, अपनी व्यथा को व्यक्त करने के लिए नए बिंब तलाशने की बजाय परिचित भाषा में कहता हूँ। अभी मैं इस उद्देश्य से लिख रहा हूँ कि मुझे दुखों की अभिव्

21 सितम्बर 2025

माइथोलॉजी : देवदत्त पटनायक और उनका रचना संसार

माइथोलॉजी : देवदत्त पटनायक और उनका रचना संसार

पटनायक ग्रीक मिथकों को भारतीय परिप्रेक्ष्य में देखना जानते हैं, और उनकी सबसे बड़ी ख़ूबसूरती यह है कि वह बहुत सरल ढंग से कहते हैं। तब यह बात और दिलचस्प हो जाती है, जब ये सब कहते हुए वह अपना भारतीय होन

19 सितम्बर 2025

भाषा सीखने से जुड़ी स्मृति : एक बच्चे की नज़र से

भाषा सीखने से जुड़ी स्मृति : एक बच्चे की नज़र से

यह 21वीं सदी का कोई पहला या दूसरा ही साल था। यह मेरे स्कूल के दिनों की बात है। यही वह समय था, जब स्कूल जाने में ख़ूब मज़ा आता था और मैं अपना अधिकांश समय स्कूल की कक्षाओं में बैठते हुए बिताता था। विज्ञा

16 सितम्बर 2025

कहानी : सेंटिनली : लहरों के पार एक दुनिया

कहानी : सेंटिनली : लहरों के पार एक दुनिया

सूरज अपनी पूरी ऊँचाई पर था और उत्तरी सेनटिनल द्वीप के सफेद रेत वाले तट चमक रहे थे। चारों ओर एक अनकही शांति फैली हुई थी, जिसे केवल लहरों की धीमी सरसराहट और तट पर खड़े नारियल के पेड़ों की हल्की सरसरगाह

15 सितम्बर 2025

विश्वविद्यालय के प्रेत

विश्वविद्यालय के प्रेत

सन् सत्रह के जुलाई महीने की चौथी तारीख़ थी। मैं अच्छे बच्चे की तरह बारहवीं के आगे की पढ़ाई करने के लिए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में दाख़िला लेने के लिए बनारस जा पहुँचा था। कॉलेजों की, यूनिवर्सिटियों क

12 सितम्बर 2025

प्रेम तुम्हारे लिए नहीं है

प्रेम तुम्हारे लिए नहीं है

पेट में कई रोज़ से पीर उठती है। उठती क्या है बंद ही नहीं है। जितनी देर आँख लगी रहे, उतनी ही देर पता नहीं चलता। नहीं तो हर पल छोटी-छोटी सुइयाँ चुभती हुई महसूस होती हैं। कभी लगता है बहुत सारे कीड़े