साहित्य और संस्कृति की घड़ी
02 सितम्बर 2026
बीते 23 अगस्त को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र [NCZCC], प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में ‘हिन्दवी उत्सव’ 2026 का आयोजन किया गया। मैं इस बात का आग़ाज़ इस तरह नहीं करूँगा कि मैं झूँसी से निकला तो बारिश
01 सितम्बर 2026
गताध्याय से आगे... दस बड़ी से बड़ी मुश्किलों में भी झंकार मिसिर को कभी इतना चुप और इतना उदास होते नहीं देखा था। चाहे जीवन में उसे कोई जीत न मिली हो, लेकिन उसे कभी हारते नहीं देखा था। उसे जब भी द
आषाढ़ की साँझें हमेशा किसी के लौटने की आहट लेकर आती हैं। दिन भर की धूप से तपे हुए आकाश के किसी कोने में जब पहली कारी रेखा दिखाई देती है, तो लगता है जैसे बहुत दूर गया हुआ कोई अपना, स्मृति की देहरी पर
25 अगस्त 2026
गताध्याय से आगे... नौ उदय का दुख यह नहीं था कि वह ब्राह्मणों के बीच अछूत है, बल्कि यह है कि वह पिछड़े और एससी के बीच ब्राह्मण है। वह उनके लिए कुछ भी कर दे, जान की बाज़ी लगा दे, तो भी सवर्ण था, ऊ
18 अगस्त 2026
गताध्याय से आगे... आठ उदय के बड़े-बुज़ुर्गों ने उदय से कभी पूछा ही नहीं कि तुम्हें हुआ क्या है, तुम क्यों दुखी रहते हो, आओ मेरे पास बैठो, मुझे बताओ, क्यों तुम ज़माने से ख़फ़ा हो? साहित्य की दुनिया
18 अगस्त 2026
हिंदी के काव्य-पाठ को लेकर आम राय शायद यह है कि वह काफ़ी लद्धड़ होता है जो वह है; वह निष्प्रभ होता है, जो वह है, और वह किसी काव्य-परंपरा की आख़िरी साँस गोया दम-ए-रुख़सत की निरुपायता होता है। आख़िरी ब
~•~ हमारी अनुभूतियाँ विकृत हैं। हम सही से कुछ महसूस नहीं कर पाते। हमारी स्मृतियाँ क्षत-विक्षत हैं। हम ठीक-ठीक कुछ याद नहीं कर पाते, हम पूरी तरह कुछ विस्मृत नहीं कर पाते और अपनी इस असमर्थता को ‘सब समय
पुराने शहर के पुराने इलाहाबादियों के पास थोक के भाव में नेहरू-गांधी ख़ानदान के क़िस्से हैं—जैसे-जैसे गंगा खिसककर यमुना के पास जाती रही, ठीक वैसे ही इलाहाबादियों ने इन गुज़रे क़िस्सों में स्वादानुसार
12 अगस्त 2026
आज 12 अगस्त है। छह साल पहले कांग्रेस के प्रवक्ता राजीव त्यागी ने न्यूज़ डिबेट के दौरान आए हार्ट अटैक में अपनी जान गँवा दी थी। कम से कम उनके डॉक्टर ने तो यही कहा था। हर साल उनकी याद आती है। इस बार याद
11 अगस्त 2026
गताध्याय से आगे... सात भावुकता दुर्गण नहीं है, मनुष्य होने की उच्च अवस्था है। भावुक व्यक्तियों ने ही सच्चा प्रेम किया है। समाज में करुणा का प्रसार किया है। मनुष्यता की रक्षा की है। देश के लिए