Font by Mehr Nastaliq Web

बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

18 जून 2025

‘पिन-कैप्चा-कोड की दुनिया में पिता के दस्तख़त’

‘पिन-कैप्चा-कोड की दुनिया में पिता के दस्तख़त’

लिखने वाले अपनी उँगलियों का हर क़लम के साथ तालमेल नहीं बिठा पाते। उनके भीतर एक आदर्श क़लम की कल्पना होती है।  हर क़लम का अपना स्वभाव होता है। अपनी बुरी आदतें और कुछ दुर्लभ ख़ूबियाँ भी।  मैंने हम

17 जून 2025

पूर्वांचल के बंकहों की कथा

पूर्वांचल के बंकहों की कथा

कहते हैं इवोल्यूशन के क्रम में, हमारे पूर्वज सेपियंस ने अफ़्रीका से पदयात्रा शुरू की थी और क्रमशः फैलते गए—अरब, तुर्की, बाल्कन, काकेशस, एशिया माइनर, भारत, चीन; और एक दिन हर उस ज़मीन पर उनकी चरण पादुक

12 जून 2025

‘अब सनी देओल में वो बात नहीं रही’

‘अब सनी देओल में वो बात नहीं रही’

‘बॉर्डर 2’ का विचार सुनते ही जो सबसे पहला दृश्य मन में कौंधा, वह बालकनी में खड़े होकर पिता का कहना था—‘अब सनी देओल में वो बात नहीं रही।’ इस वाक्य में सिर्फ़ एक अभिनेता का अवसान नहीं था, एक पूरे युग क

10 जून 2025

एकांतवास, कमज़ोर मन और आकांक्षाओं का अभिशाप

एकांतवास, कमज़ोर मन और आकांक्षाओं का अभिशाप

सत्य कितना सत्य उसने बीती रात एक ग़ैर मर्द के साथ बिताई थी। एक चाहना थी कि उसे किसी ऐसी गोद में सिर रखकर सोना है जो बालों में उँगलियाँ फिराए, ना कि उसकी कसती हुई छाती को मुट्ठी में भींच ले। ऐसा ही

08 जून 2025

प्रेत के पत्र

प्रेत के पत्र

तुम्हारे जाने के सोलह दिन बाद... डियर जिता, हम कुछ भी हो सकते थे। हम स्कूल से साथ निकलकर अपने-अपने घर जाते हुए थोड़ा-सा बचे रह सकते थे—एक दूसरे के पास! हम उस पहले झगड़े के शब्द बन सकते थे जो हमार

07 जून 2025

प्रेम मेरे पाठ्यक्रम का सबसे कठिन अध्याय है

प्रेम मेरे पाठ्यक्रम का सबसे कठिन अध्याय है

लड़कियों को अक्सर उनका आधा सच ही पता होता है। उम्र जब चौदह की सीढ़ी पर चढ़ती है, तब वह ख़ुद से पूछती है—करियर चुने या प्रेम? प्रेम... जो अभी तक बचपने से लिपटा हुआ है, जो देह की चाहत में उलझा एक भ्र

06 जून 2025

ग्लोबल विलेज के शोर में पुरबिया गाँव

ग्लोबल विलेज के शोर में पुरबिया गाँव

यह संस्मरण भूमंडलीय पीढ़ी का देहाती क़िस्सा है। गाँव-देहात को इसलिए नहीं याद कर रहा हूँ कि मेरे पास कुछ कहने के लिए कुछ यादें हैं, बल्कि इसलिए याद कर रहा हूँ कि मेरी पीढ़ी ने बदलावों को इतने तीव्र गति

31 मई 2025

बीएड वाली लड़कियाँ

बीएड वाली लड़कियाँ

ट्रेन की खिड़कियों से आ रही चीनी मिल की बदबू हमें रोमांचित कर रही थी। आधुनिक दुनिया की आधुनिक वनस्पतियों की कृत्रिम सुगंध से हम ऊब चुके थे। हमारी प्रतिभा स्पष्ट नहीं थी—ग़लतफ़हमियों और कामचलाऊ समझदारियो

30 मई 2025

एक कमरे का सपना

एक कमरे का सपना

एक कमरे का सपना देखते हुए हमें कितना कुछ छोड़ना पड़ता है! मेरी दादी अक्सर उदास मन से ये बातें कहा करती थीं। मैं तब छोटी थी। बच्चों के मन में कमरे की अवधारणा इतनी स्पष्ट नहीं होती। लेकिन फिर भी हर

29 मई 2025

बारिश आँगनों का स्वप्न है

बारिश आँगनों का स्वप्न है

कई दिनों की लगातार बारिश के बाद मेरे घर के आँगन में यहाँ-वहाँ बारिश का साफ़ पानी तरह-तरह के आकारों में बैठ गया है। आँगन में बने पानी के इन आकारों में पानी का एकांत बैठ गया है। पानी का सौंदर्य, पानी का