अतिथि पर कविताएँ

अतिथि का अभिप्राय है—आगंतुक,

मेहमान, अभ्यागत। ‘अतिथि देवो भवः’ की भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में वह अत्यंत सत्कार-योग्य कहा गया है। काव्य में प्रवेश और घर करता अतिथि अपने अर्थ और उपस्थिति का विस्तार करता चलता है।

आगंतुक

अज्ञेय

दिव्य नाश्ता

असद ज़ैदी

अडिग अतिथि

ओम् प्रकाश आदित्य

निषेध

कुलदीप कुमार

आगंतुक

मोनिका कुमार

अतिथि

अजंता देव

अतिथि

सुशीला सामद