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निराशा पर बेला

02 अप्रैल 2026

गद्य होती कविता, थकता हुआ कवि

गद्य होती कविता, थकता हुआ कवि

जिस दौरान नवंबर बीत रहा था, उसी दौरान घर में एक नया जीवन उतर रहा था। मेरा मन हर घड़ी लगभग बैठा जाता था। लगभग घंटे दो घंटे

11 सितम्बर 2025

मुक्तिबोध का दुर्भाग्य

मुक्तिबोध का दुर्भाग्य

आज 11 सितंबर है—मुक्तिबोध के निधन की तारीख़। इस अर्थ में यह एक त्रासद दिवस है। यह दिन याद दिलाता है कि आधुनिक हिंदी कविता

11 सितम्बर 2025

‘मुक्तिबोध’ की परम अभिव्यक्ति ‘विद्रोही’

‘मुक्तिबोध’ की परम अभिव्यक्ति ‘विद्रोही’

मुक्तिबोध का रहस्यमय व्यक्ति जो उनके परिपूर्ण का आविर्भाव है, वह रमाशंकर यादव ‘विद्रोही’ है। मुक्तिबोध के काव्य में बड़ी