हत्या पर कविताएँ

हत्या किसी का प्राण

हर लेने का हिंसक कृत्य है। नीति और विधान में इसे दंडनीय अपराध माना गया है। इस चयन में हत्या और हत्यारे को विषय बनाती अभिव्यक्तियों को शामिल किया गया है।

एक वृक्ष की हत्या

कुँवर नारायण

अगर यह हत्या थी

महेश वर्मा

इंतिज़ाम

कुँवर नारायण

आत्म-मृत्यु

प्रियंका दुबे

मारे जाएँगे

राजेश जोशी

सकुशल अपार

नवीन सागर

उत्सव

अरुण कमल

असली हत्यारे

पराग पावन

रामदास

रघुवीर सहाय

सात ख़ून माफ़

पंकज चौधरी

हत्या का मुक़दमा

पंकज चतुर्वेदी

हत्यारे

पंकज चतुर्वेदी

चंडीगढ़ 2017

गिरिराज किराडू

अब ख़याल

वियोगिनी ठाकुर

सबसे क्रूर हत्या

रजनीश संतोष

अंत की कल्पना

चंदन सिंह

चाक़ू

मणि मोहन

हत्या

रेखा चमोली

क़साईबाड़े की ओर

हरीशचंद्र पांडे

हमारे हाथ

प्रभात त्रिपाठी

देशभक्त

लाल्टू

वसंत की हत्या

दूधनाथ सिंह

हत्या के पीछे

नवीन सागर

सबसे ख़तरनाक...

रामजी तिवारी

उस रात

गुलज़ार हुसैन

हत्या

महेश आलोक

इस ख़तरनाक समय में

गुलज़ार हुसैन

हत्यारों का समय

रामकुमार कृषक

मर्सिया

अंचित

हत्यारा प्रेम

मंगलेश डबराल

दुर्लभ मौक़ा आपने गँवा दिया

चंद्रकांत देवताले

मारना

शशिभूषण

क़त्ल के बाद

स्वप्निल श्रीवास्तव

हत्यारे का प्रेम

रमेशदत्त दुबे