रोग पर कविताएँ

रोग-पीड़ा-मृत्यु मानव

के स्थायी विषाद के कारण रहे हैं और काव्य में अभिव्यक्ति पाते रहे हैं। इस चयन में रोग के विषय पर अभिव्यक्त कविताओं का संकलन किया गया है।

नवस्तुति

अविनाश मिश्र

निष्कर्ष

शुभांकर

शोक

आशुतोष कुमार

मोना लिसा 2020

विनोद भारद्वाज

ख़तरा

कुमार अम्बुज

उम्मीदें

दर्पण साह

मरीज़ का नाम

उस्मान ख़ान

दुख लिखा जाना चाहिए

पंकज चतुर्वेदी

कोरोना वायरस

धीरेंद्र नाथ तिवारी

रोग

नवीन सागर

मेरे शहर के हैं सवाल कुछ

हिमांशु बाजपेयी

एक आदमी आदेश देकर

पंकज चतुर्वेदी

जीवन-मृत्यु

विनोद पदरज

राजा भी मरेगा एक दिन

अशोक कुमार पांडेय

घर के भीतर

स्वप्निल श्रीवास्तव

कोरोना कब जाएगा?

निरंजन श्रोत्रिय

रोज़ रात को

पंकज चतुर्वेदी

शब्द कह नहीं पाएँगे

पंकज चतुर्वेदी

अंतिम इच्छा

कृष्ण कल्पित

हत्या का मुक़दमा

पंकज चतुर्वेदी

कोरोना काल में

विनोद विट्ठल

हत्यारे

पंकज चतुर्वेदी

मृत्यु

देवयानी भारद्वाज

हमारे वक़्त में

पंकज चतुर्वेदी

कभी सोचा नहीं था

पंकज चतुर्वेदी

यह दुनिया

कृष्ण कल्पित

महामारी

आयुष झा

कोरोना

वंशी माहेश्वरी

दवाओं की दुकान पर

पंकज चतुर्वेदी