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विदेशी भाषाओं से हिंदी में अनूदित रचनाकारों की सूची

यह सूची नामों का संकलन नहीं, उन संवादों का मानचित्र है, जो भाषाओं की सीमाओं को पार कर संभव हुए हैं। यहाँ अनुवाद केवल भाषांतरण नहीं, बल्कि अर्थों का पुनर्जन्म है, जहाँ मूल रचना की आत्मा हिंदी के स्वर में अपना नया घर खोजती है। इस प्रक्रिया में न केवल विदेशी साहित्य हिंदी में आत्मसात होता है, बल्कि हिंदी भी अपनी अभिव्यक्ति के क्षितिज का विस्तार करती है।

प्रतिभाशाली जापानी कवयित्री। 'ओगावा मारी' नाम से लेखन। सत्रह की आयु में आत्महत्या। मरणोपरांत 'योसोसेइ नो इश्यो' (जलपरी की वसीयत) शीर्षक कृति प्रकाशित।

सुप्रसिद्ध जापानी कवि। 'तांका' के साथ ही मुक्त छंद में काव्य-सृजन। अपनी डायरी के लिए भी उल्लेखनीय।

प्रतिभाशाली जापानी बाल कवि। बारह की आयु में आत्महत्या। 'बोकु वा ज्युनि साइ' (मेरी उम्र है बारह वर्ष) काव्य-संग्रह मरणोपरांत प्रकाशित।

जापानी कवि, पटकथाकार और संपादक। आधुनिक और प्रयोगधर्मी कविताओं के लिए चिह्नित।

जापान के छह अमर कवियों (रोक्कासेन) और छत्तीस महान कवियों (संज़्यू-रोक्कासेन) में से एक के रूप में समादृत कवयित्री। अपनी अद्वितीय सुंदरता और प्रेम-जीवन से संबद्ध किंवदंतियों के लिए भी प्रसिद्ध।

अपने बालगीतों के लिए सुप्रसिद्ध जापानी कवयित्री। तीन काव्य-कृतियाँ प्रकाशित।

सुपरिचित जापानी कवि, संपादक और पुरानी किताबों के विक्रेता। कविता में लोक-संवेदना और जन-चेतना के लिए उल्लेखनीय।

जापानी वामपंथी कवि, लेखक और राजनेता। अभिव्यक्ति में जनपक्षधर सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

जापान के समादृत कवि-लेखक-निबंधकार। पुरुष समलैंगिकता पर मुखर अभिव्यक्ति के लिए उल्लेखनीय।

'सरादा किनवी' (सलाद की सालगिरह) काव्य-कृति की भारी बिक्री से चर्चा में आईं समकालीन जापानी कवयित्री। तन्का काव्य-शैली में प्रमुख योगदान।

हाइकू (जापानी लघु कविता शैली) के आचार्य के रूप में समादृत जापानी कवि। डायरी शैली में रचित यात्रावृत्त के लिए भी उल्लेखनीय।

सुप्रसिद्ध जापानी कवि-गीतकार, लेखक और संपादक। बाल साहित्य में विपुल योगदान के लिए चिह्नित।

समादृत जापानी कवि और अनुवादक। 'टू बिलियन लाइट ईयर्स ऑफ़ सॉलिट्यूड', 'फ्लोटिंग द रिवर इन मेलन्कॉली' जैसी कृतियों के लिए प्रशंसित।

जापानी मुक्तछंद काव्य के प्रणेता के रूप में समादृत कवि, निबंधकार और समालोचक।