प्रेम

प्रेम के बारे में जहाँ यह कहा जाता हो कि प्रेम में तो आम व्यक्ति भी कवि-शाइर हो जाता है, वहाँ प्रेम का काव्य का सर्वप्रमुख विषय होना अत्यंत नैसर्गिक है। सात सौ से अधिक काव्य-अभिव्यक्तियों का यह विशिष्ट चयन प्रेम के इर्द-गिर्द इतराती-उतराती कविताओं से किया गया है।