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विडंबना पर कविताएँ

भगोड़ा

डेविड डियॉप

बच्चों के अस्पताल में

ह्यु मैक्डायर्मिड

तुम भाड़ा दइ पइहौ

रफ़ीक़ शादानी

संधि की दिशा

अखिलेश सिंह

हमयँ अब देखात हय

रफ़ीक़ शादानी

चौबीस घंटा पहिले

रफ़ीक़ शादानी

बुरा मनिहयँ

रफ़ीक़ शादानी

दहेजु न हम माँगी

जगजीवन मिश्र ‘जीवन’

नीक लोकतंत्रु भा

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

ओफ्ओह

रफ़ीक़ शादानी

खास बात

तैयब हुसैन पीड़ित

खिचरी

भारतेंदु मिश्र

बादाम कहित हय

रफ़ीक़ शादानी

पंडा अउर वकील

रफ़ीक़ शादानी

हम कनउजिया बाँभन आहिन

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

भलेमानुस

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

भीत हिरणी

सुस्मिता पाठक

मुरहू चले कचेहरी का

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

का होइ

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

सोभानाली

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

छीछाल्यादरि

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

विरोधभास

आरसी प्रसाद सिंह

राजमिस्त्री

मुख्तार आलम

तिरफला

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

सहर आये मँजनू

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

लरिकउन ए० मे० पास किहिनि

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

समय-सन्दर्भ

सुस्मिता पाठक

हम अहिना रहब

अरुणाभ सौरभ

क्षमा करब हे बापू

मुख्तार आलम

विडम्बना

सुरेन्द्र झा 'सुमन'

विडंबना

विभूति तिवारी