साहित्य और संस्कृति की घड़ी
लेखक, शिक्षक, विचारक और संगठनकर्ता कांतिमोहन का रविवार, 14 जुलाई को निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। 14 जुलाई 1936 को हल्द्वानी, उत्तराखंड में उनका जन्म हुआ। 14 जुलाई 2024 को 88 वर्ष पूरे
उत्तराखंड प्रवासी संगठन लोनी (एन.सी.आर.) और रेजिडेंट्स वेलफ़ेयर एसोसिएशन (रजि.) बुराड़ी के संयुक्त संयोजन से बच्चों के लिए उत्तराखंडी बोली-भाषा की शिक्षण-कक्षाएँ प्रत्येक रविवार को सुचारु रूप से चलाई
इंडिया फ़ेलो युवा भारतीयों के लिए सामाजिक नेतृत्व हासिल करने का कार्यक्रम है। यह भारतीय परिवेश में ज़मीनी स्तर से जुड़कर, काम करते हुए, अनुभव हासिल करते हुए भारत के अध्येताओं को अपनी नेतृत्व क्षमता खोज
19 जून 2024
गए बुधवार को नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया ने भारत के पुस्तकालय आंदोलन के जनक पी.एन. पन्निकर को याद करते हुए देश भर में राष्ट्रीय पठन दिवस मनाया। इस अवसर पर नई दिल्ली, देहरादून, पटना, लखनऊ, भोपाल, वाराणसी
वरिष्ठता कभी-कभी बहुत ऊब और थकान महसूस कराती है। कुछ ऐसा ही 1 मई 2024 को दिल्ली विश्वविद्यालय के शहीद भगत सिंह महाविद्यालय हिंदी-विभाग द्वारा आयोजित आग़ाज़-ए-वैखरी के कार्यक्रम से प्रतीत हुआ। यह का
सोमवार, 20 मई को वसंत कुंज स्थित नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया के मुख्यालय में बच्चों के लिए समर कैंप की शुरुआत हुई। 20 मई से 3 जून तक आयोजित इस समर कैंप में भाग लेने के लिए एक हज़ार से अधिक ऑनलाइन आवेदन
हिंदी की समादृत साहित्यकार मालती जोशी का बुधवार, 15 मई को 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वर्ष 2018 में साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वह लगभग 70
विश्व-भारती, शांतिनिकेतन के हिंदी भवन में गई 6 मई को ‘कैंपस कविता’ का अप्रतिम आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन हिंदी-विभाग और रेख़्ता समूह के उपक्रम ‘हिन्दवी’ के संयुक्त तत्त्वावधान में हुआ। कविता-विरोध
बच्चों के साथ विहान ड्रामा वर्क्स, भोपाल की विशेष नाट्य कार्यशाला शुरू हो चुकी है। यह नाटक कार्यशाला 01 मई 2024 से 26 मई 2024 तक चलेगी तथा इस दौरान बच्चों के साथ मिलकर नाटक ‘पीली पूँछ’ तैयार किया जाए
एक भाषा में कालजयी महत्त्व प्राप्त कर चुकीं साहित्यिक कृतियों के पुनर्पाठ के लिए केवल समालोचना पर निर्भर रहना एक तरह की अकर्मठता और पिछड़ेपन का प्रतीक है। यह निर्भरता तब और भी अनावश्यक है जब आलोचना-पद