प्रतीक्षा पर कविताएँ

प्रतीक्षा या इंतिज़ार

किसी व्यक्ति अथवा घटित के आसरे में रहने की स्थिति है, जहाँ कई बार एक बेचैनी भी अंतर्निहित होती है। यहाँ प्रस्तुत है—प्रतीक्षा के भाव-प्रसंगों का उपयोग करती कविताओं से एक अलग चयन।

वेश्याएँ

राजकमल चौधरी

यादगोई

सुधांशु फ़िरदौस

उगाए जाते रहे शहर

राही डूमरचीर

याद

कैलाश वाजपेयी

लंबी छुट्टियाँ

प्रदीप्त प्रीत

इस मौसम में

सारुल बागला

उड़ानें

आलोकधन्वा

प्रतीक्षा है

बोधिसत्व

आश्वासन

अमित तिवारी

देखता हूँ

बोधिसत्व

प्रतीति

श्रीनरेश मेहता

प्रेम का आगमन

अमित तिवारी

प्रतीक्षा

मनोज कुमार झा

इंतज़ार तुम्हारा

अंजुम शर्मा

ढहे घर से

रुस्तम

प्रतीक्षा

सारुल बागला

उलझन

सुधांशु फ़िरदौस

प्रतीक्षा

सुघोष मिश्र

बोझ

देवी प्रसाद मिश्र

कथा

जितेंद्र कुमार

दस्‍तकें

नवीन रांगियाल

एकतरफ़ा प्यार

सुधांशु फ़िरदौस

मुलाक़ात

नवीन रांगियाल

प्रतीक्षा

सौरभ अनंत

निकम्मापन

प्रदीप्त प्रीत

सड़कछाप प्रेमी

संतोष अर्श

प्रेम

श्रुति गौतम

प्रतीक्षा

सुधांशु फ़िरदौस

एक दिन शिनाख़्त

नरेंद्र जैन

प्रतीक्षा

योगेंद्र गौतम

रात मेरी रात

मनोज कुमार पांडेय

इंतज़ार और फसल

विपिन चौधरी

मैं ताउम्र

शैलजा पाठक

जीवन की शक्ल-2

सोमेश शुक्ल

असफलता की पहचान

ऋतु कुमार ऋतु

इंतज़ार

सारुल बागला

अंतराल

असीमा भट्ट

अचंभा

विपिन चौधरी

देरी

कुशाग्र अद्वैत

पामीर

रोहित ठाकुर