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प्रतीक्षा पर गीत

प्रतीक्षा या इंतिज़ार

किसी व्यक्ति अथवा घटित के आसरे में रहने की स्थिति है, जहाँ कई बार एक बेचैनी भी अंतर्निहित होती है। यहाँ प्रस्तुत है—प्रतीक्षा के भाव-प्रसंगों का उपयोग करती कविताओं से एक अलग चयन।

जो तुम आ जाते एक बार

महादेवी वर्मा

इस पथ से आना

महादेवी वर्मा

कानि रहल-ए कंगना

राम चैतन्य धीरज

कलकतवा से मोर पिया

महेन्द्र मिसिर

श्री मन कृष्ण

ज्ञानवती सक्सेना

ककर ई दोष

छत्रानन्द सिंह झा

इयाद उनकर सगर रात आवत रहल

तैयब हुसैन पीड़ित

कहीं भींजे न कजरा

भोलानाथ गहमरी

मखौल करै छै

राम चैतन्य धीरज

बैठ कर गंगा किनारे

रत्नेश अवस्थी

युग की संध्या

नरेंद्र शर्मा

जाने कब आएगा नायक

हरिहर प्रसाद चौधरी ‘नूतन’

वसंत की प्रतीक्षा

जयशंकर प्रसाद