Font by Mehr Nastaliq Web

पुरुष पर कविताएँ

लड़के

नवीन रांगियाल

मैं यह रात हूँ

जॉयस मन्सूर

केवल आग नहीं

पाब्लो नेरूदा

मच्छर

मिशियो माडो

मेरे पिता

फ़्रांसिस्को हाविए एलेक्रॉन

कौए और पुरुष

योगिनी राऊल

पुरुष निर्माण

गायत्रीबाला पंडा

शुभ मुहुर्त्त

सुतीक्ष्ण कुमार आनंदम

प्रेम-दासत्व

गरिमा सिंह

आँखि सभ

विजेता चौधरी

संभवामि

अरुणाभ सौरभ

पुल पर आदमी

कुमार विकल

प्रेम

राजनंदिनी रावत

कीर्ति गान बंद करो

कपिल भारद्वाज

बौद्ध

राजनंदिनी रावत

एक दिन

श्रुति कुशवाहा

दोनों ही आदमी थे

खेमकरण ‘सोमन’

दुखी दिनों में

कुमार विकल

शहर में साँप

नीरज नीर

चुटकुला

श्रुति कुशवाहा

हाशिया

कुलदीप सिंह भाटी

मानव-बम

सुल्तान अहमद

सपनों की जगह

ऋतु त्यागी

धरती वाले मिट जाएँगे

वीरेंद्र वत्स

पुरुष

श्रुति कुशवाहा

निर्णय

राजनंदिनी रावत

विराम-चिह्न

अनादि सूफ़ी

पहचान

तसलीमा नसरीन

पुरुष आप

संतोष मायामोहन

नारी सूक्ति

मोनालिसा जेना

रोना

श्रुति कुशवाहा

वह

हरभजन सिंह रेणु

रिश्ता

अजय नेगी

छुआछूत

नीलेश काथड़

तीसरे लोग

अखिलेश जायसवाल

मेरी इच्छा

दलपत चौहान

कुर्सी

अरुण आदित्य

एक आख़िरी

अपूर्वा श्रीवास्तव

मरुस्थल

संजीव कौशल

सभ्यताओं का दुख

अंकित कुमार

डरा हुआ आदमी

कुमार विकल