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पी. बी. शेली

1792 - 1822 | हॉर्शम

अँग्रेज़ी रोमांटिक काव्यधारा के सुप्रसिद्ध कवि। स्वतंत्र विचारधारा, विद्रोही स्वभाव, मानवीय करुणा और कल्पनाशील काव्यशक्ति के लिए चिह्नित।

अँग्रेज़ी रोमांटिक काव्यधारा के सुप्रसिद्ध कवि। स्वतंत्र विचारधारा, विद्रोही स्वभाव, मानवीय करुणा और कल्पनाशील काव्यशक्ति के लिए चिह्नित।

पी. बी. शेली के उद्धरण

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मैं (बादल) पृथ्वी और जल की पुत्री हूँ और आकाश की लाडली बालिका हूँ। मैं महासागर के रंध्रों और तटों में से होकर जाती हूँ। मैं परिवर्तित हो सकती हूँ परंतु मर नहीं सकती।

मैं (बादल) समुद्रों जलधाराओं से प्यासे फूलों के लिए ताज़ी (वर्षा की) बौछारे लाता हूँ।

अधिकार, विनाशकारी प्लेग के सदृश, जिसे छूता है उसे ही भ्रष्ट कर देता है।

हर क्रांतिकारी विचारक केवल इसलिए ही कवि नहीं होता कि वह नया सोचता है, या इसलिए कि उसके शब्द सत्य की गहरी झलक देते हैं; बल्कि इसलिए भी कि उसकी भाषा में एक स्वाभाविक लय होती है, जो शाश्वत संगीत की गूँज के समान होती है।

अनुवाद : नीलम

किसी रचना के कुछ हिस्से काव्यात्मक हो सकते हैं, भले ही पूरी रचना कविता हो। एक अकेला वाक्य भी सम्पूर्ण माना जा सकता है; भले ही वह एक असंगठित अंशों की श्रृंखला के बीच पाया जाए, यहाँ तक कि एक अकेला शब्द भी अमिट विचार की चिंगारी बन सकता है।

अनुवाद : नीलम

प्रतिशोध एक अर्द्ध बर्बर युग की पूजा का नंगा देवता है और आत्म-छल वह ढका हुआ रूप है; जो अज्ञात बुराई का प्रतीक है, जिसके सामने विलासिता नतमस्तक हो जाती है।

अनुवाद : नीलम

हमने कविता शब्द की महिमा उस कला के रूप में परिभाषित किया है; जो मानवीय सृजनात्मक शक्ति की सबसे अधिक जानी-पहचानी, प्रामाणिक और पूर्णतम अभिव्यक्ति है। फिर भी इस परिभाषा को थोड़ा और सीमित करना आवश्यक है, ताकि छंदबद्ध और ग़ैर-छांदिक भाषा के बीच का अंतर स्पष्ट किया जा सके, क्योंकि गद्य और पद्य का लोकप्रिय विभाजन तर्कसंगत मायनों में देखा जाए, तो स्वीकार करने योग्य नहीं है।

अनुवाद : नीलम

कवि और गद्य लेखक में अंतर करना एक अशिष्ट-सी भूल है। इसी तरह कवि और दार्शनिक के बीच का अंतर भी असंगत ही है।

अनुवाद : नीलम

कविता हमेशा आनंद से जुड़ी होती है। जिस मन पर भी इसका प्रभाव पड़ता है, वह इसकी मधुरता में घुली हुई बुद्धिमत्ता को सहज रूप से आत्मसात कर लेता है।

अनुवाद : नीलम

भाषा एक दर्पण के समान है; जो परावर्तित करती है, जबकि अन्य कलाएँ बादल के समान हैं, जो प्रकाश को मद्धिम कर देती हैं। हालाँकि दोनों ही संप्रेषण के माध्यम हैं।

अनुवाद : नीलम

भाषा, रंग, रूप और धार्मिक एवं नागरिक आचार-विचार—ये सभी कविता के उपकरण और सामग्री है। इन्हें उस आलंकारिक भाषा के अनुसार कविता कहा जा सकता है, जिसमें प्रभाव को कारण का पर्याय माना जाता है। लेकिन अधिक संकुचित अर्थ में, कविता उन भाषा-व्यवस्थाओं; विशेष रूप से छंदबद्ध भाषा को व्यक्त करती है, जो उस सम्राट-तुल्य शक्ति द्वारा रचित होती हैं। जिसका सिंहासन मानव के अदृश्य स्वभाव के भीतर मौजूद है।

अनुवाद : नीलम

हर महान कवि, अपने पूर्ववर्ती कवियों की रचना-शैली में कुछ नवीनता लाता है और अपनी विशिष्ट काव्य-शैली का निर्माण करता है।

अनुवाद : नीलम

काव्यानुवाद हमेशा अपूर्ण रहता है। किसी कविता को दूसरी भाषा में पूरी तरह रूपांतरित करना उतना ही असंभव है, जितना कि एक बैंगनी फूल (वॉयलेट) को किसी कुंभी में डालकर, उसके रंग और सुगंध के मूलभूत सिद्धांतों को खोजने का प्रयास करना।

अनुवाद : नीलम

कहानी और कविता में एक महत्वपूर्ण अंतर यह है कि कहानी केवल घटनाओं का क्रमबद्ध वर्णन होती है, जिसमें समय, स्थान, परिस्थितियाँ और कार्य कारण के अलावा कोई अन्य गहरा संबंध नहीं होता। दूसरी ओर, कविता मानवीय प्रकृति के स्थायी स्वभाव के अनुकूल घटनाएँ रचती है, जिस तरह वे सृजनहार की चेतना में विद्यमान हैं और जो स्वयं समस्त मनुष्य के मन का प्रतिबिंब हैं।

अनुवाद : नीलम

कविता सार्वभौमिक होती है। इसके भीतर वह बीज समाहित होता है, जो मानवीय स्वभाव की अनगिनत संभावनाओं और कृत्यों से जुड़ा होता है।

अनुवाद : नीलम

जिस प्रकार एक बच्चा अपनी प्रसन्नता को व्यक्त करता है, वैसे ही एक आदिम व्यक्ति अपने परिवेश से प्रभावित होकर अपनी भावनाओं को भाषा, हाव-भाव, चित्रकला या मूर्तिकला द्वारा व्यक्त करता है और वह ख़ुद उन सबका संयुक्त प्रभाव तथा उनके प्रति अपनी आशंका का चित्र बन जाता है।

अनुवाद : नीलम

कवि अपने समकालीनों की बुराइयों को महज़ एक अस्थायी आवरण मानता है, जिसमें उसकी रचनाएँ लिपटी होती हैं। एक ऐसा आवरण; जो उनकी शाश्वत सुंदरता को ढँकता तो है, लेकिन मिटा नहीं सकता।

अनुवाद : नीलम

कविता जीवन की जीवंत छवि है, जो उसके शाश्वत सत्य को प्रकट करती है।

अनुवाद : नीलम

विधि-निर्माताओं और धर्म-प्रवर्तकों की ही ख्याति—वह भी तबतक, जबतक उनकी संस्थाएँ बनी रहती है—प्रसिद्धि कवियों से अधिक होती है।

अनुवाद : नीलम

प्राचीन समय में कवि उस युग और राष्ट्र की परिस्थितियों के अनुसार—जिसमें वे प्रकट होते थे—विधि-निर्माता या भविष्यवक्ता कहलाते थे, परंतु एक कवि इन दोनों भूमिकाओं को अनिवार्य रूप से अपने भीतर समाहित रखता है और जोड़ता है।

अनुवाद : नीलम

जब यह विश्व अपने युवाकाल में था; तब मनुष्य नृत्य करता था, गाता था और प्राकृतिक वस्तुओं की नक़ल करता था। इन सभी क्रियाओं में, अन्य कार्यों की भाँति वह एक निश्चित लय और क्रम का पालन करता था। हालाँकि सभी लोग नृत्य के संचालन में, गीत की धुन में, भाषा की संरचना में और प्राकृतिक वस्तुओं की अनुकरण प्रक्रिया में मिलते-जुलते क्रम का अनुसरण करते थे, लेकिन यह क्रम हर किसी के लिए बिल्कुल एक जैसा नहीं था।

अनुवाद : नीलम

कविता एक ऐसे दर्पण की तरह है, जो विकृत को भी मंजुल बना देती है।

अनुवाद : नीलम

मानव समाज के प्रारंभिक काल से ही लोग अपने शब्दों और कार्यों में एक निश्चित क्रम का पालन करने लगे थे, जो उन वस्तुओं और प्रभावों से भिन्न था; जिनका वे प्रतिनिधित्व कर रहे थे, क्योंकि हर अभिव्यक्ति उसी नियम से संचालित होती है, जिससे वह उत्पन्न होती है।

अनुवाद : नीलम

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