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क्रांति पर कविताएँ

सात झींगे, सात बिच्छू

आऊलिक्की ओकसानेन

कोई और

देवी प्रसाद मिश्र

एक दिन

सारुल बागला

निर्माण

रेजिनो पेद्रोसो

जेएनयू में वसंत

आमिर हमज़ा

ईश्वर का मुखपत्र

लुइस मुनोज़ मारिन

निवेश

प्रदीप सैनी

वापसी

कुमार विकल

आज देश की मिट्टी बोल उठी है

शिवमंगल सिंह 'सुमन'

उठो

डी. एच. लॉरेंस

सूर्योदय का गीत

एंजेलोस सिकेलियानोस

अपने बेटों के बेटे

इलिया एहरेनबुर्ग

वह दूर से मुझे देखती है

एल्वी सिनेर्वो

रूसी क्रांति के प्रति

वालेरी ब्रियुसोव

बच्चो, डरो नहीं

निकोला वाप्त्सारोव

धीरे-धीरे

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

जकार्ता की वेश्याओं एक हो

डब्ल्यू. एस. रेण्ड्रा

लेनिन ज़िंदाबाद

बेर्टोल्ट ब्रेष्ट

रोशनियाँ

अर्नेस्तो कार्देनाल

डिक

यानिस रित्सोस

परचम

पाब्लो नेरूदा

आवाज़ उठाओ

फरूग़ फरूख़ज़ाद

हम तैयार हैं

ख़ैरुल अनवर

स्पष्टताएँ

युआन गेलमान

सलाह एक महिला के लिए

इबॉर्तो पॅदिल्ल्या

चिले, चिले, चिले

माक्ती रोस्सी

जीवन

पाब्लो नेरूदा

मानवीय न्याय का युग

इबॉर्तो पॅदिल्ल्या

डिपो नेगोरो

ख़ैरुल अनवर

आवाज़ें

युआन गेलमान

भरोसे

युआन गेलमान

आग की आँधी

मीरास्लाव कृलैझा

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