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संबंध पर गीत

एक पेड़ चाँदनी

देवेंद्र कुमार बंगाली

तेज़ हवा है

ओम निश्चल

तन को चाहे जितना छू लो

विनोद श्रीवास्तव

तरकुल के छाँव में

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

मोनक वैशालीमे

मार्कण्डेय प्रवासी

आदमी बा बहुते घवाइल

ब्रजभूषण मिश्र

धधक रहल गाँव

ब्रजभूषण मिश्र

बनल रहे विश्वास

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

जेना हमर माय

शान्ति सुमन

कौन हो तुम

नरेंद्र शर्मा

रिश्ते बड़े हुए

चित्रांश वाघमारे

एक डारि छाँह

शान्ति सुमन

गीत गाने दो मुझे तो

सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

कौन है वह बात

रमानाथ अवस्थी

अपनों से जो नहीं छला है

हरिहर प्रसाद चौधरी ‘नूतन’