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संबंध पर गीत

एक पेड़ चाँदनी

देवेंद्र कुमार बंगाली

तेज़ हवा है

ओम निश्चल

तन को चाहे जितना छू लो

विनोद श्रीवास्तव

जनतंत्र

रामजियावान दास ‘बावला’

अंगना बंटइबे करी

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

सुधार नइखे

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

नमन बाटै

रामजियावान दास ‘बावला’

सगे भाई की तरे

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

दुनियाँ चलती फिरती

रामजियावान दास ‘बावला’

तरकुल के छाँव में

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

मोनक वैशालीमे

मार्कण्डेय प्रवासी

लोग मुसकइबे करी

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

आदमी बा बहुते घवाइल

ब्रजभूषण मिश्र

धधक रहल गाँव

ब्रजभूषण मिश्र

बनल रहे विश्वास

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

कौन हो तुम

नरेंद्र शर्मा

जेना हमर माय

शान्ति सुमन

सावन! मत आना इस द्वार

स्वरिका कीर्ति

रिश्ते बड़े हुए

चित्रांश वाघमारे

एक डारि छाँह

शान्ति सुमन

तप रहे हैं आज

प्रदीप बहराइची

गीत गाने दो मुझे तो

सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

कौन है वह बात

रमानाथ अवस्थी

अपनों से जो नहीं छला है

हरिहर प्रसाद चौधरी ‘नूतन’