भक्ति पर सबद

भक्ति विषयक काव्य-रूपों

का संकलन।

कतिक करम कमावणे

गुरु अर्जुनदेव

बारहमासा

तुलसी साहब

हम घरि साजन आए

गुरु नानक

सावण सरसी कामणी

गुरु अर्जुनदेव

सभना मरणा आइआ

गुरु नानक

जो धुनियाँ तौ भी मैं राम तुम्हारा

संत दरिया (मारवाड़ वाले)

तेरो कपरा नहीं अनाज

दरिया (बिहार वाले)

संतो कहा गृहस्त कहा त्यागी

संत दरिया (मारवाड़ वाले)

दुनियाँ भरम भूल बौराई

संत दरिया (मारवाड़ वाले)

चूनर मेरी मैली भई

संत शिवदयाल सिंह

जग में मरन कहिये सांच

दरिया (बिहार वाले)