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योगेश कुमार ध्यानी

1983 | कानपुर, उत्तर प्रदेश

नई पीढ़ी के लेखक।

नई पीढ़ी के लेखक।

योगेश कुमार ध्यानी के बेला

15 अप्रैल 2026

आशा भोसले : स्वर, छवि और स्वर्णिम दौर की आख़िरी चमक

आशा भोसले : स्वर, छवि और स्वर्णिम दौर की आख़िरी चमक

आशा भोसले में एक चार्म है। वह छवि जो उनको सोचने से बनती है। वह जीवन के उस स्वरूप के अधिक निकट है जो इंसानी सुख-दुख, प्रेम-सौहार्द, ईर्ष्या-द्वेष जैसे मानवीय गुणों से मिलकर बनता है। यह उनकी बड़ी बहन [

02 दिसम्बर 2025

धर्मेंद्र : सबसे सरल सिने-अध्याय

धर्मेंद्र : सबसे सरल सिने-अध्याय

धर्मेंद्र के निधन पर एक व्यापक सामूहिक क्षति का एहसास हमें न्यूज़ चैनल्स पर दिखाई गईं ख़बरों और सोशल मीडिया पर दी गईं श्रद्धांजलियों से हुआ। धर्मेंद्र एक बड़े जनसमूह के नायक थे, जिन्होंने लंबे समय तक

22 अक्तूबर 2025

असरानी के लिए दस कविताएँ

असरानी के लिए दस कविताएँ

असरानी एक असरानी के निधन पर हमें कितना ग़मगीन होना चाहिए राजेश खन्ना के निधन से ज़्यादा या राजेश खन्ना के निधन से कम? दो वह कहानी का हिस्सा थे पर कहानी उनके बारे में नहीं थी कभी वह न

07 अक्तूबर 2025

भाषा में पसरती जा रही मुर्दनी

भाषा में पसरती जा रही मुर्दनी

लेखक-पत्रकार प्रियदर्शन द्वारा अरुंधती राय की नई पुस्तक ‘मदर मेरी कम्स टु मी’ की भूमिका को संदर्भ में रखते हुए लिखा गया एक संक्षिप्त लेख पढ़ा, जिसमें यह बात कही गई कि हमारी भाषा अब स्थिर हो रही है। व

26 अगस्त 2025

'सारा दिन सड़कों पे ख़ाली रिक्शे-सा पीछे-पीछे चलता है'

'सारा दिन सड़कों पे ख़ाली रिक्शे-सा पीछे-पीछे चलता है'

हमारी नई-नई शादी हुई थी और मैंने शिवानी से कहा, “अच्छा तुम्हें एक बात बताता हूँ।”  उसने सिर हिलाया।  मैंने कहा, “तुम्हें पता है, तुम्हारे एक दूसरे ससुर भी हैं।”  शिवानी हैरानी से मेरी तरफ़ द

10 जुलाई 2025

8 A.M. Metro : अर्थ भरी अदायगी

8 A.M. Metro : अर्थ भरी अदायगी

गुलशन देवैया और सैयामी खेर अभिनीत फ़िल्म ‘8 A.M. Metro’ हाल-फ़िलहाल की प्रचलित व्यावसायिक फ़िल्मों से अलग श्रेणी में आती है। अगर फ़िल्म की विषयवस्तु देखें तो आप इसे ‘लंच बॉक्स’ और ‘थ्री ऑफ़ अस’ की पर

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