मयंक जैन परिच्छा के बेला
कॉमनवेल्थ शॉर्ट स्टोरी विजेता कहानी पर AI की परछाईं!
कॉमनवेल्थ शॉर्ट स्टोरी प्राइज़, 2026 की कैरेबियाई क्षेत्रीय विजेता कहानी, ‘द सर्पेंट इन द ग्रोव’ (उपवन में सर्प) चर्चा में है। चर्चा का कारण है, आरोप : कहानी का आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रयोग
विराम-चिह्नों की क्रांति और एम डैश की सत्ता का अंत
हाल ही में मेरी मुलाक़ात एम डैश से हुई। बेहद परेशान, दुखी, चिंतित और बेचैन अवस्था में बैठा था। चेहरा भावप्रवण, अश्रु-भरे नयन, जगत के उलाहनों से क्षुब्ध। ख़ुद को भाषा और लेखन के प्रिय साथी से सिर्फ़ स
पेरिस फ़ैशन वीक में झुमका
हाल ही में राल्फ़ लॉरेन [Ralph Lauren] नाम के ब्रांड ने एक मॉडल को झुमके पहनाकर पेरिस फ़ैशन वीक में रैम्प पर चलवा दिया और झुमके के लिए कह दिया कि ये तो ‘विंटेज एक्सेसरीज़’ हैं। इंटरनेट की जनता इस पर
साहित्योत्सव : साहित्य कम, टाइमपास ज़्यादा
आजकल साहित्य-उत्सवों, सम्मेलनों और पुस्तक मेलों की धूम है। वैसे उत्सव और सम्मेलन हमेशा से समाज के बहुमूल्य अंग रहे हैं। हर जाति, धर्म और समुदाय अपने-अपने स्तर पर युवक-युवती परिचय सम्मेलन करवाते हैं,
ऐसे वीडियोज हमारी सामूहिक विफलता का दस्तावेज़ हैं
इधर दो-तीन दिनों से इंस्टाग्राम, X और रेडिट जैसे तमाम सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर एक पोर्न वीडियो की चर्चा है। सामान्य तौर पर ऐसे एमएमएस हर रोज़ सैकड़ों की संख्या में प्रसारित होते रहते हैं और लोग उन्
16 अक्तूबर 2025
केबीसी के ईशित भट्ट के पक्ष में पूछना तो पड़ेगा
इंटरनेट का लोकाचार भरसक ऊब, सनक, बेचैनी और ऊधम से भरा है और यह कब और कैसे इंटरनेट की दुनिया से निकलकर अस्ल ज़िंदगी में उतर आता है; पता ही नहीं चलता। जो भी व्यक्ति इंटरनेट पर आनंद की तलाश में थोड़ा ज़
जिम जाने वाला लेखक
यह एक भटका हुआ निबंध है, इसको अपने रिस्क पर गंभीरता से लें, मुझे भी गंभीरता से अपने रिस्क पर लें। मैं बहुत दोग़ला हूँ! कुछ वक़्त पहले एक विकृत विचार दिमाग़ में आया; क्या एक लेखक जिम प्रेमी हो सकता
बानू मुश्ताक़ की ‘हार्ट लैंप’ को अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार
इस वर्ष का अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार भारतीय लेखिका बानू मुश्ताक़ के कथा संकलन ‘हार्ट लैंप’ को मिला है। बानू मुश्ताक़ कन्नड़ भाषा की कथाकार हैं। उनके कथा-संकलन ‘हार्ट लैंप’ का अनुवाद दीपा भास्ती ने कि
क्राइम मास्टर गोगो, श्री निर्मल वर्मा और मैं
हिंदी में एक ऐसे लेखक हुए, जिन्होंने लाखों भूले-भटके किशोरों-युवाओं का जीवन तबाह किया। इंटरनेट पर फैले इनके कोट्स नशीली उदासी का व्यापार करते हैं। हिंदी के ‘क्राइम मास्टर गोगो’—प्रचंड अवसाद और निराशा
व्यंग्य : अश्लील है समय! समय है अश्लील!
कुछ रोज़ पूर्व एक सज्जन व्यक्ति को मैंने कहते सुना, “रणवीर अल्लाहबादिया और समय रैना अश्लील हैं, क्योंकि वे दोनों अगम्यगमन (इन्सेस्ट) अथवा कौटुंबिक व्यभिचार पर मज़ाक़ करते हैं।” यह कहने वाले व्यक्ति का
कहानी : लुटेरी तवायफ़ें
शादियों का सीज़न आते ही रेशमा तैयारी करना शुरू कर देती। मेकअप से थोड़ा घबराती थी, लेकिन उम्र छुपाने की जद्दोजहद रहती थी हमेशा। चेहरे को कैसे सवारें, क्या करें, क्या न करें—ये सब परपंच उसे समझ नहीं आते।
महान् दार्शनिक दीपक कलाल का 'मुआ' फ़िनोमिनन
प्रत्येक देश-काल में कोई न कोई प्रसिद्ध दार्शनिक ज़रूर होता है, जो उस समय को चिह्नित करता है और साथ ही उस समय की युग-चेतना को दर्शाने वाला दर्शन प्रस्तुत करता है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि महान् दार
14 नवम्बर 2024
नीत्शे के नीत्शे होने की कहानी
“किधर है नीत्शे?” यह सवाल सुबह से नीत्शे के घर में गूँजता रहता। उसके पिता बोहरे जी, जिनका असली नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा है—और जो गाँव के पुजारी और ज्योतिषाचार्य हैं—जो सुबह-सुबह अपने बेटे के घर स