बाँसुरी पर कविताएँ

हिंदी के भक्ति-काव्य

में कृष्ण का विशिष्ट स्थान है और इस रूप में कृष्ण की बाँसुरी स्वयं कृष्ण का प्रतीक बन जाती है।

एक दिन

अखिलेश सिंह

माँझी! न बजाओ बंशी

केदारनाथ अग्रवाल
बोलिए