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सूर्योदय पर उद्धरण

महान् कलाकारों की रचनाएँ तो हमारे बीच उदित और अस्त होने वाले सूर्य जैसी हैं। प्रत्येक महान् कृति जो आज अस्ताचल की ओर चली गई है, वही कल उदयाचल में प्रकट होगी।

लुडविग विट्गेन्स्टाइन

मनुष्य के जीवन में भी सूर्योदय और सूर्यास्त होता है।

कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी

सौंदर्य पर निष्ठा, सोये सौंदर्य को जगाने के लिए सूर्योदय है।

ओशो

लोग सूर्योदय होने पर प्रसन्न होते हैं, सूर्यास्त होने पर भी प्रसन्न होते हैं। वे यह नहीं जानते कि प्रतिदिन अपने जीवन का नाश हो रहा है।

वाल्मीकि

उषा हमेशा ‘फूटती’ है—आती नहीं है।

श्रीलाल शुक्ल

हिन्दवी उत्सव 2026

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