Font by Mehr Nastaliq Web

स्मृति पर ग़ज़लें

स्मृति एक मानसिक क्रिया

है, जो अर्जित अनुभव को आधार बनाती है और आवश्यकतानुसार इसका पुनरुत्पादन करती है। इसे एक आदर्श पुनरावृत्ति कहा गया है। स्मृतियाँ मानव अस्मिता का आधार कही जाती हैं और नैसर्गिक रूप से हमारी अभिव्यक्तियों का अंग बनती हैं। प्रस्तुत चयन में स्मृति को विषय बनाती कविताओं को शामिल किया गया है।

कबो झील तितली

जौहर शफियाबादी

तहरा सुधियन के

अशोक द्विवेदी

सफर में गर

अशोक द्विवेदी

याद में तहरा

अशोक द्विवेदी

याद के तहरे

जौहर शफियाबादी

कभी लौ का इधर जाना

डी. एम. मिश्र