Malyaj's Photo'

हिंदी के उल्लेखनीय कवि-आलोचक। अपनी डायरियों के लिए विशेष चर्चित, लेकिन अब अलक्षित।

हिंदी के उल्लेखनीय कवि-आलोचक। अपनी डायरियों के लिए विशेष चर्चित, लेकिन अब अलक्षित।

मलयज के उद्धरण

आलोचना आधुनिक काल की ज़रूरत है। जहाँ से आदमी अपने को कंफ्रंट करता है, अपने को संबोधित करता है।

मैं कविता से ही सब कुछ क्यों चाहता हूँ, ख़ुद से क्यों नहीं?

सिर्फ़ तनाव में रहकर कुछ नहीं किया जा सकता।

शब्द स्वयं एक बाधा है—अभिव्यक्ति के रास्ते में।

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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