नेता पर बेला
भारतीय राजनीति और लोकतंत्र
की दशा-दिशा से संवाद को हिंदी कविता ने किसी कर्तव्य की तरह अपने ऊपर हावी रखा है और इस क्रम में इसके प्रतिनिधि के रूप में नेता या राजनेता से प्रश्नरत बनी रही है। प्रस्तुत चयन में ऐसी ही कविताओं का है।
रविवासरीय 4.0 : सेवासूक्त
• ‘महर्षि’ पूर्व में अपने कार्यालय को महर्षि-आवास कहते थे। इधर वह कुछ रोज़ से उसे ‘सेवा तीर्थ’ कहने लगे हैं। महर्षि क
30 जनवरी 2026
एक हिंदू द्वारा गांधी की हत्या; भारत स्तब्ध, विश्व शोकमग्न
महात्मा गांधी की हत्या पर ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट नई दिल्ली, 30 जनवरी 1948 : मोहनदास के. गांधी आज एक हत्यारे
आपातकाल से अघोषित आपातकाल के बीच
गए दिनों ज्ञान प्रकाश की किताब ‘आपातकाल आख्यान’ आई। राजकमल प्रकाशन से आई इस किताब में, उन्होंने 1975 में लगी इमरजेंसी की
22 जुलाई 2024
राग गांधी मल्हार वाया तीस जनवरी मार्ग
वह मुख—अरे, वह मुख, वे गांधी जी!! — मुक्तिबोध दुर्घटनाग्रस्त सड़कों, जननायक-रिहाई-केंद्रित धरना-प्रदर्शनों के बीच