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लालच पर कविताएँ

लालच किसी पदार्थ, विशेषतः

धन आदि प्राप्त करने की तीव्र इच्छा है जिसमें एक लोलुपता की भावना अंतर्निहित होती है। इस चयन में लालच विषय पर अभिव्यक्त कविताओं को शामिल किया गया है।

लोभ का देवदूत

रफ़ाइल अलबर्ती

हमयँ अब देखात हय

रफ़ीक़ शादानी

महल

होर्खे लुइस बोर्खेस

कुछ मनोभाव

प्रियदर्शन

बड़ा किसान

मोहनलाल यादव

क़ीमत

आलोकधन्वा

मिथिलाक बेंग

रघुनाथ मुखिया

चाहीं

प्रकाश उदय

लकठा

प्रकाश उदय

आभार

विजय बहादुर सिंह

मधुस्रोत-22

आचार्य रामचंद्र शुक्ल